Story Highlightsसेल्स वॉल्यूम के आधार पर एंट्री सेगमेंट भारतीय कार बाजार में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।ऑल्टो800 और इऑन की बादशाहत वाले मार्केट में क्विड और अब रेडीगो आने के बाद हलचल बढ़ गई है।इंजन पावर के हिसाब से इऑन और स्पेस के हिसाब से रेनॉल्ट की क्विड सबसे आगे निकल जाती हैं।लेकिन सर्विस नेटवर्क और किफायती मेंटेनेंस के बल पर अभी भी मारुति ऑल्टो पहली पसंद बनी है।नई दिल्ली। भारतीय कार बाजार का एंट्री लेवल सेगमेंट हमेशा से बेहद महत्वपूर्ण रहा है। मारुति सुजुकी को देश की नंबर 1 कार कंपनी बनाने में इसी सेगमेंट की Alto800 की सबसे बड़ी भूमिका रही है। हुंडई भी अपनी छोटी कार Eon के साथ कई साल पहले एंट्री सेगमेंट के बाजार में उतर चुका है। पिछले साल रेनॉल्ट Kwid ने इस सेगमेंट में धमाकेदार एंट्री से तहलका मचा दिया। वहीं डेटसन की Redi-Go के लॉन्च होने के बाद मुकाबला और भी कड़ा हो गया है। कार देखो डॉट कॉम के साथ इंडिया टीवी पैसा की टीम यहां जानने की कोशिश करेगी कि पहले से मजबूत स्थिति वाली कारों को रेडी-गो कहां तक और कितनी टक्कर दे पाएगी।भारतीय कार बाजार में तहलका मचाने की तैयारी में Maruti, लॉन्च करेगी ये 5 बेहतरीन मॉडलतस्वीरों में देखिए एंट्री सेगमेंट की कारों कोredigo kwid alto eonIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV Paisaइंजन स्पेसिफिकेशनभारत में एंट्री सेगमेंट की कारों की पहचान 800 सीसी का इंजन रहा है। आंकड़ों पर नज़र डालें तो हुंडई इयॉन और क्विड 814 सीसी इंजन के साथ सबसे पावरफुल विकल्प हैं, इस सेगमेंट ऑल्टो-800 सबसे कम ताकतवर कार है। लेकिन ड्राइविंग की बात करें तो ऑल्टो चलाने में सबसे ज्यादा स्मूद है। माइलेज़ की बात करें तो क्विड और रेडी-गो के दावे सबसे ज्यादा हैं।स्पेस और लंबाई-चौड़ाईकद-काठी औऱ जगह के मामले में रेनो क्विड बाज़ी मार ले जाती है। 3679 एमएम लंबाई के साथ यह सेगमेंट की सबसे लंबी और चौड़ी कार है। बूट स्पेस के मामले में मारुति सबसे छोटी कार है। ऊंचाई के मामले में रेडी-गो सबसे आगे है। इसमें ज्यादा हैडरूम मिलेगा।भारतीय बाजार में मौजूद ये हैं 5 पैसा वसूल गाड़ियांफीचर्सफीचर्स के मामले में भी क्विड सेगमेंट में सबसे आगे है। सात इंच का टचस्क्रीन और नेविगेशन सपोर्ट वाला इंफोटेंमेंट सिस्टम इसकी सबसे बड़ी खासियत है। रेडी-गो में भी डीएलआर लैंप्स, माइलेज़ डिस्प्ले और कितनी दूरी का फ्यूल बचा है (फ्यूल रेंज या डिस्टेंस टू एंपटी) जैसे फीचर्स दिए गए हैं। हालांकि यह क्विड जितने प्रभावित करने वाले नहीं हैं। बाकी फीचर्स की बात करें तो करीब-करीब हर कार में एक जैसे ही फीचर्स दिए गए हैं।नतीजाकीमत, डिजायन और माइलेज़ के हिसाब से फैसला करें तो जाहिर तौर पर रेडी-गो एक अच्छी पेशकश है। जो ग्राहक पहली बार कार खरीदने जा रहे हैं उन्हें इसमें एकदम नया डिजायन और अच्छे फीचर्स मिलेंगे। कार की राइड और ड्राइविंग क्वालिटी भी अच्छी है। ऑल्टो-800 को हाल ही में अपडेट किया गया है लेकिन फिर भी क्विड और रेडी-गो के मुकाबले यह पुरानी ही नज़र आती है। हुंडई इयॉन जब से आई है इसमें कोई बदलाव नहीं हुए हैं। इसे बदलावों की सख्त जरूरत है। क्विड को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है और यह खुद को सफल साबित कर चुकी है। इन तीनों के बीच रेडी-गो ग्राहकों के लिए एक अच्छा ऑप्शन हो सकती है। 2.39 लाख रूपए से 3.30 लाख रूपए की कीमत में यह काफी किफायती कार है। अगर डैटसन इस बार ग्राहकों का भरोसा जीतने में कामयाब रही तो यह कार कंपनी के लिए क्विड जैसी सफलता जुटा सकती है।