बैटरी से चलने वाले वाहन 2027 तक पेट्रोल और डीजल वाहनों के मुकाबले सस्ते हो जाएगे। ये दावा मार्केट रिसर्च फर्मा गार्टनर (Gartner) की ओर से जारी की गई एक रिपोर्ट में किया गया। रिसर्च फर्म का कहना है कि मैन्यूफैक्चरिंग के तरीके में बदलाव होने से ईवी का प्रोडक्शन आने वाले समय में सस्ता हो जाएगा।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट में गार्टनर के हवाले बताया गया कि बैटरी की लागत के मुकाबले प्रोडक्शन लागत ज्यादा तेजी से कम होगी। बैटरी ईवी में सबसे महंगा पार्ट होती है। इसकी यह कार की लागत का करीब 40 प्रतिशत होता है।
गाड़ियों की मरम्मत होगी मंहगी
गार्टनर में रिसर्च के उपाध्यक्ष पेड्रो पाचेको ने कहा कि नई तकनीक आने के बाद से बैटरी वाहनों की लागत पेट्रोल और डीजल वाहनों की अपेक्षा उम्मीद से ज्यादा तेजी से कम हो जाएगी, लेकिन इससे गाड़ी की मरम्मत की लागत बढ़ सकती है।
रिसर्च फर्म ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि गंभीर दुर्घटना होने के बाद ईवी बॉडी और बैटरी की मरम्मत की औसत लागत 2027 तक 30 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है। बड़ी दुर्घटना में वाहनों के पूरी तरह से बर्बाद होने की संभावना अधिक होगी। गाड़ी की मरम्मत की अधिक लागत ईवी खरीदारों के लिए चिंता का विषय है।
15 प्रतिशत EV कंपनियां हो जाएगी दिवालिया
गार्टनर ने बताया गया कि पिछले एक दशक में फंड प्राप्त कर चुकी 15 प्रतिशत ईवी कंपनियों का अधिग्रहण कर लिया जाएगा या फिर दिवालिया घोषित हो जाएगी। पचेको ने आगे कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि ईवी क्षेत्र ढह रहा है। यह बस एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है जहां सर्वोत्तम उत्पादों और सेवाओं वाली कंपनियां ही शीर्ष पर रहेगी और खराब प्रोडक्ट वाली कंपनियां बाजार से बाहर हो जाएगी।
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