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Hindi News पैसा गैजेट Samsung के चेयरमैन ली कुन-ही का निधन, 30 साल में छोटी टीवी कंपनी को बनाया वैश्विक ब्रांड

Samsung के चेयरमैन ली कुन-ही का निधन, 30 साल में छोटी टीवी कंपनी को बनाया वैश्विक ब्रांड

सैमसंग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सैमसंग में हम सभी ली को भूल नहीं पाएंगे। हमने उनके साथ जो यात्रा साझा की है, उसके लिए हम उनके आभारी हैं।

Samsung Chairman Lee Kun-Hee Dies - India TV Paisa Image Source : FILE Samsung Chairman Lee Kun-Hee Dies 

सियोल। दक्षिण कोरिया की सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के चेयरमैन ली कुन-ही का निधन हो गया है। वह 78 वर्ष के थे। ली लंबे समय से बीमार थे। उन्हें सैमसंग को एक छोटी टेलीविजन कंपनी से उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की दिग्गज ब्रांड बनाने का श्रेय जाता है। सैमसंग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ली का निधन रविवार को हुआ। उस समय उनके पुत्र ली जेई-योंग और परिवार के अन्य सदस्य उनके पास थे। ली को मई, 2014 में दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके बाद से वह अस्पताल में ही थे। उनकी अनुपस्थिति में उनके पुत्र योंग ने दक्षिण कोरिया की सबसे बड़ी कंपनी सैमसंग का कामकाज देख रहे हैं। कंपनी का कुल टर्नओवर इस समय दक्षिण कोरिया की जीडीपी के पांचवें हिस्‍से के बराबर है।  

सैमसंग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सैमसंग में हम सभी ली को भूल नहीं पाएंगे। हमने उनके साथ जो यात्रा साझा की है, उसके लिए हम उनके आभारी हैं। ली कुन-ही ने अपने पिता से कंपनी का नियंत्रण अपने हाथ में लिया था। उनके 30 साल के नेतृत्व में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी एक वैश्विक ब्रांड बनी। साथ ही उनकी अगुवाई में सैमसंग सबसे बड़ा स्मार्टफोन, टीवी और मेमोरी चिप ब्रांड भी बनी। सैमसंग की मदद से दक्षिण कोरिया एशिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सका।

सैमसंग समूह जहाज निर्माण, जीवन बीमा, निर्माण, होटल, मनोरंजन पार्क आदि क्षेत्रों में भी कार्यरत है। फोर्ब्स के अनुसार जनवरी, 2017 में ली की संपत्तियां 16 अरब डॉलर थीं। उनका निधन ऐसे समय हुआ है, जबकि सैमसंग को मुश्किलों से गुजरना पड़ रहा है। ली के अस्पताल में भर्ती होने के बाद सैमसंग के आकर्षक मोबाइल कारोबार को चीन और अन्य उभरते बाजारों की कंपनियों से कड़ी चुनौती मिलने लगी। ली कुन-ही के बेटे ली जेई-योंग, जो 2014 से वाइस चेयरमैन के तौर पर काम संभाल रहे है, को 2017 में एक रिश्‍वत देने के मामले में पांच साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि एक साल की कैद के बाद ही उन्‍हें रिहा कर दिया गया।

 

अधिकारिक तौर पर अपने पिता ली ब्युंग-चुल के निधन के बाद 1987 में 45 साल की उम्र में ली को सैमसंग की कमान मिली थी। इसके बाद 1993 में ली ने अपने पहले ट्रेडमार्क बिजनेस फिलॉसफी न्यू मैनेजमेंट इनिशिएटिव की घोषणा की थी। आज भी सैमसंग इसी सिद्धांत पर चल रहा है। उनके नेतृत्व में सैमसंग की दर्जनों सहयोगी, जिसमें दुनिया की शीर्ष स्मार्टफोन निर्माता सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी और सैमसंग लाइफ इंश्योरेंस जैसी विंग भी आगे बढ़ीं।

 

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स दुनिया का सबसे बड़ा स्मार्टफोन निर्माता है। इसके अलावा यह टेक दिग्गज कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी मेमोरी चिपमेकर भी है, जिसके ग्राहकों में एप्पल इंक और अन्य प्रमुख स्मार्टफोन विक्रेताओं के साथ-साथ अन्य वैश्विक टेक फर्म भी शामिल हैं। सैमसंग दक्षिण कोरियाई अर्थव्यवस्था के लिए भी खासा अहम है। इस समूह का आउटबाउंड शिपमेंट एशिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले दक्षिण कोरिया देश के कुल निर्यात का 20 प्रतिशत से अधिक है।

जब ली ने सैमसंग की कमान संभाली थी, तब समूह की संपत्ति 6.9 अरब डॉलर थी, जो अब 40 अरब डॉलर अधिक की हो चुकी है। मोटे तौर पर उम्मीद की जा रही है कि अब उनके इकलौते बेटे सैमसंग समूह की कमान संभालेंगे लेकिन वह एक हाई-प्रोफाइल उत्तराधिकार घोटाले में फंसे हुए हैं। अपने पिता से उत्तराधिकार पाने के लिए उन पर समूह की 2 इकाइयों के विलय के लिए अकाउंटिंग में धोखाधड़ी करने और स्टॉक प्राइस में हेरफेर करने के आरोप लगे थे।

सीनियर ली के पास सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में 4.18 प्रतिशत हिस्सेदारी और सैमसंग लाइफ में 20.76 प्रतिशत हिस्सेदारी समेत कई सहयोगी कंपनियों में उनकी संपत्ति है। ली के परिवार में उनकी पत्नी हांग रा-ही और इकलौते बेटे जे-योंग और दो बेटियां बू-जिन और सेओ-ह्यून हैं। जे योंग में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के वाइस-प्रेसिडेंट हैं और बू-जिन सैमसंग के होटल बिजनेस का नेतृत्व करती हैं। वहीं सेओ-ह्यून सैमसंग वेलफेयर फाउंडेशन की प्रभारी हैं।

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