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Hindi News पैसा मेरा पैसा Credit Score: लोन दिलाने में इस तरह मददगार हो सकता है आपका क्रेडिट कार्ड, बस ध्‍यान रखिए इन बातों का

Credit Score: लोन दिलाने में इस तरह मददगार हो सकता है आपका क्रेडिट कार्ड, बस ध्‍यान रखिए इन बातों का

क्रेडिट कार्ड का उचित और सही तरह से उपयोग कर आप अपने क्रेडिट स्‍कोर को बहुत अच्‍छा बना सकते हैं, इससे आपको होम, कार या पर्सनल लोन लेने में आसानी होगी।

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नई दिल्‍ली। आमतौर पर यह माना जाता है कि हमारा क्रेडिट स्‍कोर केवल तभी खराब होता है जब हम कोई लोन डिफॉल्‍ट करते हैं। हालांकि, अक्‍सर ये देखने में आया है कि जिस व्‍यक्ति ने कभी कोई लोन नहीं लिया उसकी भी लोन या क्रेडिट कार्ड एप्‍लीकेशन रिजेक्‍ट हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि बैंक उन लोगों को ही लोन देने को प्राथमिकता देते हैं, जिनकी कोई क्रेडिट हिस्‍ट्री होती है। इंडियाटीवी पैसा आज आपको यहां बताएगी कि कैसे एक क्रेडिट कार्ड आपके क्रेडिट स्‍कोर को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

क्‍या है क्रेडिट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (CIR)

इस रिपोर्ट में आपकी लोन और क्रेडिट कार्ड की पेमेंट हिस्ट्री होती है, जिसे क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी (सीआईसी) इकट्ठा करती है। भारत में चार तरह के सीआईसी हैं- क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो लिमिटेड (सिबिल), इक्विफैक्स क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड, एक्सपेरियन क्रेडिट इंफॉर्मेशन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और हाई मार्क क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड।

इन कंपनियों द्वारा यह रिपोर्ट मासिक आधार पर बैंक और अन्‍य लोन देने वाली कंपनियों को उपलब्‍ध कराई जाती है। इस जानकारी का उपयोग सीआईआर तैयार करने और क्रेडिट स्‍कोर बनाने में किया जाता है, जिनका उपयोग कर्जदाता एप्‍लीकेशन के मूल्‍याकंन के लिए करते हैं। क्रेडिट स्‍कोर की सीमा 300 से 900 अंकों के बीच होती है और 750 से अधिक का क्रेडिट स्‍कोर सबसे अच्‍छा माना जाता है और बैंक इस स्‍कोर वाले एप्‍लीकेशन को तुरंत लोन दे देते हैं।

कैसे क्रेडिट कार्ड आपका स्कोर सुधार सकता है

जब कोई कर्जदाता किसी भी तरह के लोन (पर्सनल, ऑटो, होम या क्रेडिट कार्ड) के लिए एप्‍लीकेशन हासिल करता है, तो वह सबसे पहले आवेदनकर्ता की क्रेडिट हिस्ट्री जांचता है। लेकिन, ऐसे भी लोग होते हैं जिनके पास कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं होती, उदाहरण के तौर पर वे लोग जिन्होंने हालही में काम करना शुरू किया है। इनको क्रेडिट कार्ड मिलने में थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नौकरी शुरू करने के 3-4 महीने बाद जिस बैंक में सैलरी अकाउंट होता है वहां से सिक्योर्ड कार्ड हासिल करना आसान होगा। क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी (सीआईसी) आपको केवल तब स्कोर देती है जब आपके पास कम से कम 6 महीनों का रिपेमेंट ट्रैक हो।

इस बात का भी विशेष ध्‍यान रखें कि लगातार लोन इनक्‍वायरी या एप्‍लीकेशन न दें। लोन के लिए यदि आपकी एप्‍लीकेशन रिजेक्‍ट हो गई है तो, कुछ समय निकलने दें (5-6 माह) और इसके बाद ही दोबारा एप्‍लीकेशन दें। यदि आपके पास पहले से ही क्रेडिट हिस्‍ट्री है तो आप क्रेडिट कार्ड का उपयोग अपने स्‍कोर को सुधारने में कर सकते हैं। आप अपने कार्ड का न्‍यूनतम यूटीलाइजेशन अनुपात बनाए रखें और क्रेडिट कार्ड पेमेंट का डिफॉल्‍ट करने से बचें। क्रेडिट यूटिलाइजेशन का अर्थ यह है कि आप अपने क्रेडिट कार्ड की क्रेडिट लिमिट की तुलना में कितना उपयोग करते हैं। अधिक यूटीलाइजेशन ज्‍यादा खर्च और डिफॉल्‍ट करने की अधिक संभावना का संकेत देते हैं।

लोन का रिपेमेंट करने में डिफॉल्‍ट करने से आपका क्रेडिट स्‍कोर बिगड़ सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि क्रेडिट बनाए रखने के लिए नियमित समय पर पेमेंट करते रहें। डिफॉल्‍टेड लोन का सेटलमेंट भी आपके सीआईआर पर नकारात्‍मक असर डाल सकता है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप तुरंत ऐसे लोन को फुल और फाइनल पेमेंट देकर बंद करवा दें। एक बार यदि स्‍कोर प्रभावित हो गया तो इसे दोबारा अच्‍छे क्रेडिट ट्रैक रिकॉर्ड पर लाने में कम से कम 9-12 महीने का वक्‍त लग जाता है। इस दौरान आप अपने क्रेडिट कार्ड पेमेंट में चूक, हाई यूटीलाइजेशन और अन्‍य क्रेडिट की इनक्‍वायरी से बचें।

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