घरेलू शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने संतुलित विकल्पों की ओर रुख किया है। निवेशकों के इस कदम से हाइब्रिड म्यूचुअल फंड स्कीम्स में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 1.55 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 29 प्रतिशत ज्यादा है। हाइब्रिड म्यूचुअल फंड एक साथ कई तरह के ऐसेट्स जैसे- शेयर, बॉन्ड आदि में निवेश करता है। हाइब्रिड म्यूचुअल फंड का उद्देश्य रिस्क और रिटर्न में बैलेंस बनाना होता है।
1.56 करोड़ से बढ़कर 1.9 करोड़ हुए हाइब्रिड फंड के फोलियो
भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग के संगठन एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक हाइब्रिड फंड के फोलियो बढ़कर 1.9 करोड़ हो गए, जबकि एक साल पहले ये संख्या 1.56 करोड़ थी। इस दौरान लगभग 34 लाख नए निवेशक खाते जुड़े। इस कैटेगरी की परिसंपत्तियों का प्रबंधन (AUM) भी बढ़कर 10.35 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो मार्च 2025 में 8.83 लाख करोड़ रुपये था।
अस्थिर समय में संतुलित निवेश विकल्पों की तलाश कर रहे हैं निवेशक
एडलवाइस म्यूचुअल फंड की मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) राधिका गुप्ता ने कहा, ''हाइब्रिड फंड ने मजबूत ग्रोथ दर्ज की है क्योंकि निवेशक अस्थिर समय में संतुलित निवेश विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। हाइब्रिड फंड के एयूएम में दर्ज की गई बढ़ोतरी ये दर्शाती है कि निवेशक विविध पोर्टफोलियो और परिसंपत्ति आवंटन आधारित निवेश को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। हाइब्रिड फंड अब उन निवेशकों के लिए मुख्य विकल्प बनते जा रहे हैं जो अपेक्षाकृत कम जोखिम के साथ इक्विटी में भागीदारी चाहते हैं।
पिछले हफ्ते बाजार में दर्ज की गई भारी गिरावट
बताते चलें कि पिछले हफ्ते घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी। इस दौरान बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 2090.2 अंकों (2.7 प्रतिशत) के नुकसान के साथ बंद हुआ था। जबकि, एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 532.65 अंक यानी 2.2 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ था। पिछले हफ्ते की इस गिरावट ने निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डुबा दिए थे।
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