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म्यूचुअल फंड निवेश से पहले इन तीन बातों का जरूर रखें ख्याल, शानदार रिटर्न दिलाने में होगा मददगार

म्यूचुअल फंड निवेश में दूसरी जो बात गौर करने वाली है वह यह है कि कोई फंड हाउस कितनी अच्छी तरह जोखिम का प्रबंधन करता है।

Mutual Funds - India TV Paisa Image Source : FILE म्यूचुअल फंड

देश में छोटे से बड़े शहरों के लोग म्यूचुअल फंड में तेजी से अपना निवेश बढ़ा रहे हैं। म्यूचुअल फंड में निवेश ज्यादा रिटर्न की चाह में बढ़ा है। हालांकि, बहुत सारे लोगों को म्यूचुअल फंड में निवेश के बावजूद शानदार रिटर्न नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह है कि बिना सोचे-समझे स्कीम का चयन करना। आज हम आपको बता रहे हैं कि किसी भी म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश से पहले किन तीन बातों का खास ख्याल जरूरी है। इसको अपनाकर आप अपने निवेश पर शानदार रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। 

लंब समय में अच्छे रिटर्न के लिए फ्रेमवर्क जरूरी 

म्यूचुअल फंड लंबे समय का निवेश होता है। लंबे समय में निवेश पर बेहतर रिटर्न पाने के लिए एक मजबूत प्रक्रिया को अपनाना सबसे पहली जरूरत होती है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट का सुझाव है कि निवेशकों को फ्रेमचर्क जरूर बनना चाहिए। निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड के हाल में किए गए सर्वे से यह जानकारी मिली है। सर्वे में एक सवाल पूछा गया है कि एक व्यक्ति की काबिलियत से अधिक मजबूत क्या है? जवाब है उसका काम करने का प्रोसेस को महत्वपूर्ण बताया गया क्योंकि फंड मैनेजर एक जटिल दुनिया में काम करते हैं जहां सबसे अच्छे दिमाग वाले भी कभी कुछ गलतियां कर सकते हैं। एक आदमी अपने निजी के स्तर पर कुछ चीजों को भूल सकता है या पक्षपाती हो सकता है। लेकिन अगर फंड हाउस की प्रोसेस उनके काम पर सही निगरानी रखे तो कई सारी चीजें और भी बेहतर हो सकती हैं।

मजबूत जोखिम प्रबंधन

निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड के अनुसार, म्यूचुअल फंड निवेश में दूसरी जो बात गौर करने वाली है वह यह है कि कोई फंड हाउस कितनी अच्छी तरह जोखिम का प्रबंधन करता है। ज्यादा रिस्क संभावित रूप से ज्यादा रिटर्न से जुड़े होते हैं और कम जोखिम वाले कम रिटर्न से। इसलिए रिस्क मैनेजमेंट के लिए अच्छे फंड हाउस का चुनाव एक महत्वपूर्ण पैरामीटर बन जाता है। जोखिम कई तरह के होते हैं। बाजार में अस्थिरता, क्रेडिट रिस्क और ब्याज दरों और महंगाई से संबंधित जोखिम हो सकते हैं। इन सारी जोखिमो को पोर्टफोलियो लेवल पर भी बहुत सावधानी से हैंडल करना होता है। फंड हाउस कठोर प्रक्रियाओं का पालन करने वाली एक विशेष टीम के जरिये मजबूत इवैल्यूएशन सिस्टम से का इस्तेमाल कर क्वालिटी और क्वांटिटी, दोनों स्तरों पर रिस्क और लिक्विडिटी की लगातार निगरानी करता है।

सतत प्रयास-रेग्युलर रिटर्न की कुंजी 

तीसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि (सबसे ज्यादा रिटर्न पाने के पीछे ना भागते हुए ) स्थिरता से नियमित रिटर्न प्राप्त करने पर ध्यान केंद्रित करते रहना चाहिए। ये दो कारणों के लिए जरूरी हैं। पहला है स्थिर और प्रक्रिया-संचालित तरीके से निवेश करना। लंबे समय के लिए निवेशको के लिए ज्यादा अच्छा साबित होता है। निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड के अनुसार, म्यूचुअल फंड में, सिस्टम और प्रक्रियाएं यह सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई हैं कि अत्यधिक पूर्वाग्रहों से बचा जाए। उदाहरण के लिए कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह कितना अच्छा स्टॉक है, पर यह एक निश्चित स्तर से अधिक वजन वाला (ओवरवेट) नहीं होगा। कई लोग म्यूचुअल फंड का चुनाव उसके पिछले प्रदर्शन के आधार पर या फंड मैनेजर या फिर फंड हाउस का नाम देखकर करते हैं। कई तो बस उन फंडों के पीछे लग जाते हैं, जिनका उस समय बाजार में रुझान होता है। ऐसा करने से बचना चाहिए। 

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