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Hindi News पंजाब संगरूर जेल में बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़, DSP समेत 20 लोग गिरफ्तार

संगरूर जेल में बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़, DSP समेत 20 लोग गिरफ्तार

पिछले महीने जेल की तलाशी के दौरान 9 मोबाइल फोन, 4 स्मार्टवॉच, 50 ग्राम अफीम और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद किया गया था। इसके बाद जांच शुरू हुई और डीएसपी सहित 20 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।

Sangrur Jail- India TV Hindi Image Source : X संगरूर जेल से बरामद सामान

पंजाब की संगरूर जेल में पुलिस ने बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया है। जेल में ड्रग्स मिलने के बाद शुरू हुई जांच में अब तक डीएसपी समेत 20 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। एसएसपी संगरूर सरताज सिंह चहल ने कहा, "पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ मुहिम शुरू की है। इसके तहत संगरूर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पिछले महीने जेल की तलाशी के दौरान 9 मोबाइल फोन, 4 स्मार्टवॉच, 50 ग्राम अफीम और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद किया गया था। संगरूर जेल में ही एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात था। वह तस्करी में शामिल था। उससे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।"

पुलिस अधिकारी ने बताया "हमने मोबाइल फोन सप्लाई करने वाली महिला को गिरफ्तार किया। हमें यह भी पता चला कि आरोपी मोबाइल फोन के जरिए किन लोगों के संपर्क में थे। हमें पता चला कि जेल में गुरविंदर उर्फ ​​बाबा नाम का एक व्यक्ति है, जो अमृतसर में रहने वाले मनप्रीत सिंह नाम के व्यक्ति के संपर्क में था। जब हमने छापा मारा, तो हमें 4 किलो हेरोइन, एक ग्लॉक पिस्तौल, दो जिंदा गोलियां और 5.50 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद हुई।"

20 गिरफ्तार, जांच जारी

एसएसपी ने कहा "संगरूर पुलिस ने आगे की जांच की, तो पता चला कि तीन कैदियों में से एक गुरचेत (निवासी तरनतारन) और डीएसपी सुरक्षा जेल गुरप्रीत सिंह ने मिलीभगत की। गुरप्रीत सिंह ने करीब 10 लाख रुपये वसूले। 40,000 रुपये नकद और UPI के माध्यम से 25,000-26,000 रुपये की ठगी की और 2 मोबाइल फोन और 25 ग्राम हेरोइन की तस्करी की। हमने डीएसपी को गिरफ्तार कर लिया है। 19 लोगों को नामजद कर गिरफ्तार किया गया है। आगे की जांच जारी है।"

तरम तारण में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़

सीमा पार नार्को नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए तरनतारण पुलिस ने चभल से ड्रग तस्कर अमरजोत सिंह उर्फ ​​जोता को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 5 किलो हेरोइन बरामद की। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी विदेशी संचालकों के संपर्क में था और एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा था। तरन तारण थाने में एनडीपीसी एक्ट के तहत एक एफआईआर दर्ज की गई है। उसके आगे और पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।