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नशे के खिलाफ मान सरकार की एक और पहल, ANTF को ड्रग्स से जुड़े डेटा का विश्लेषण करने के लिए सपोर्ट यूनिट मिली

अत्याधुनिक तकनीक और उन्नत खुफिया क्षमताओं से लैस, एएनटीएफ अब पंजाब के भविष्य को नशीले पदार्थों की चपेट से बचाने के लिए पहले से कहीं बेहतर तरीके से तैयार है।

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Image Source : INDIA TV पंजाब में नशे के खिलाफ मान सरकार की एक और पहल

पंजाब में भगवंत मान की सरकार ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन कर ड्ग्स तस्करों के खिलाफ अपनी लड़ाई को और मजबूती दी है। इसी क्रम में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की सहायता सेवा इकाई का उद्घाटन किया है। यह उन्नत तकनीक से लैस है और इससे ड्रग्स तस्करी से निपटने की क्षमता में बढ़ोतरी हुई है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की सहायता सेवा इकाई (एसएसयू) का उद्घाटन किया।इस अवसर पर डीजीपी के साथ विशेष डीजीपी एएनटीएफ कुलदीप सिंह, विशेष डीजीपी आंतरिक सुरक्षा आरएन ढोके, एडीजीपी एएनटीएफ नीलाभ किशोर और एडीजीपी एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) प्रमोद बान भी मौजूद थे।

एएनटीएफ की क्षमता को मजबूत करेगी सपोर्ट यूनिट

गौरव यादव ने बताया कि अत्याधुनिक तकनीक और उन्नत खुफिया क्षमताओं से लैस, एएनटीएफ अब पंजाब के भविष्य को नशीले पदार्थों की चपेट से बचाने के लिए पहले से कहीं बेहतर तरीके से तैयार है। यह विशेष इकाई ड्रग्स से संबंधित डेटा, संचार, वित्तीय लेनदेन और तस्करी प्रोफाइल का विश्लेषण करने पर केंद्रित है, जो ड्रग्स के खतरे से सटीकता और प्रभावी तरीके के साथ निपटने के लिए एएनटीएफ की क्षमता को काफी मजबूत करती है।

“अत्याधुनिक तकनीक और उन्नत खुफिया क्षमताओं से लैस, एएनटीएफ अब पंजाब के भविष्य को नशीले पदार्थों की चपेट से बचाने के लिए पहले से कहीं बेहतर तरीके से तैयार है। गौरव यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "यह विशेष इकाई ड्रग से संबंधित डेटा, संचार, वित्तीय लेनदेन और तस्करी प्रोफाइल का विश्लेषण करने पर केंद्रित है, जो ड्रग के खतरे से सटीकता और प्रभावशीलता के साथ निपटने के लिए एएनटीएफ की क्षमता को काफी मजबूत करती है।" 

और बढ़ेगी ड्रग्स तस्करी से निपटने की क्षमता 

इस नई ईकाई की शुरुआत डीजीपी द्वारा 11 करोड़ रुपये  की लागत से स्थापित एएनटीएफ की खुफिया और तकनीकी इकाई (एसआईटीयू) का उद्घाटन करने के कुछ महीने बाद हुआ। यह ड्रग्स से संबंधित डेटा, संचार, सोशल मीडिया, वित्तीय लेनदेन और ड्रग्स तस्करों की विस्तृत प्रोफाइल के विश्लेषण के लिए तैयार उन्नत सॉफ्टवेयर सिस्टम से लैस है। डीजीपी ने कहा कि 1.28 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित एसएसयू को रणनीतिक रूप से एएनटीएफ की परिचालन दक्षता को सपोर्ट करने और राज्य में ड्रग्स तस्करी से निपटने की इसकी क्षमता को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 

गौरतलब है कि इस वर्ष अप्रैल में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एएनटीएफ की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 14.6 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था, जिसमें से लगभग 11 करोड़ रुपये एएनटीएफ के तकनीकी बुनियादी ढांचे को उन्नत करने के लिए निर्धारित किए गए थे, जबकि 3 करोड़ रुपये इसके भौतिक बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए थे।

Disclaimer:  यह एक पेड फीचर आर्टिकल है। इंडिया टीवी इसमें बताए गए विचारों का समर्थन नहीं करता है और आर्टिकल में कही गई राय, विचारों, घोषणाओं के लिए किसी भी तरह से जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं होगा। पाठकों को स्व-विवेक के प्रयोग की सलाह दी जाती है।