जब तक पटियाला में सूरज निकला, 46 साल की सुनीता रानी को जागे हुए कई घंटे हो चुके थे। सोना मुश्किल हो गया था। उनकी कमर के निचले हिस्से में हल्का-हल्का दर्द रहता था और जब भी वह सीधा खड़े होने की कोशिश करतीं, तो यह दर्द उनकी बगल से होते हुए तेजी से ऊपर की ओर बढ़ता था। हर सुबह उनके पैर ज्यादा सूजे हुए लगते थे और किचन तक चलकर जाना भी उन्हें बहुत थकाने वाला लगता था। वह बीच रास्ते में ही रुक जातीं, एक हाथ दीवार पर और दूसरा अपने पेट पर रखकर, उस चुभने वाले दर्द के शांत होने का इंतजार करतीं।
दर्द के बावजूद, सुनीता अपनी रोजमर्रा की जिम्मेदारियां निभाती रहीं, इस उम्मीद में कि यह समस्या अपने आप ठीक हो जाएगी। हालांकि, जब दर्द और सूजन और बढ़ गई, तो उनके परिवार ने उनसे डॉक्टर की सलाह लेने को कहा। उन्होंने 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के तहत मिलने वाले फायदों के बारे में सुना था और उन्होंने खुद को और अपने परिवार को इस योजना के तहत रजिस्टर करवाने का फैसला किया।
किडनी में पाया गया स्टोन
सुनीता ने तुरंत इस योजना के तहत रजिस्टर करवाया और अपने परिवार के लिए एक 'सेहत कार्ड' बनवाया। उन्हें इलाज के लिए 'माता कौशल्या अस्पताल' में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी पूरी जांच की और पाया कि उनकी मूत्रवाहिनी (ureter) में किडनी स्टोन फंसा हुआ है। डॉक्टरों ने यह भी पाया कि उनकी डायबिटीज और शरीर में आई गंभीर सूजन पर सर्जरी करने से पहले तुरंत ध्यान देने की जरूरत है, ताकि सर्जरी सुरक्षित रूप से की जा सके।
'मुख्यमंत्री सेहत योजना' में कराया रजिस्टर
अपना अनुभव बताते हुए सुनीता रानी ने कहा, 'जब दर्द बर्दाश्त से बाहर हो गया, तो मैंने 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के तहत रजिस्टर करवाया और अपने परिवार के लिए एक 'सेहत कार्ड' बनवाया। डॉक्टरों ने मेरी जांच की और बताया कि मुझे किडनी स्टोन है। क्योंकि मेरा शुगर लेवल बहुत ज्यादा था और शरीर में काफी सूजन थी, इसलिए उन्होंने सबसे पहले इन दोनों समस्याओं को कंट्रोल करने का इलाज शुरू किया।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं रेगुलर चेक-अप के लिए अस्पताल जा रही हूं और डॉक्टर लगातार मेरी सेहत पर नजर रख रहे हैं। अब सूजन कम हो गई है और शुगर कंट्रोल करने के लिए मेरी दवाएं भी बदल दी गई हैं।' सुनीता रानी इस बात से बहुत खुश हैं कि उन्हें बिना किसी पैसे के (कैशलेस) इलाज मिल रहा है।
उन्होंने कहा, 'मुझे 10 दिन का इलाज का एक और कोर्स दिया गया है, जिसके बाद डॉक्टर ऑपरेशन की तारीख तय करेंगे। मेरे शुरुआती इलाज से लेकर आने वाले दिनों में होने वाली सर्जरी तक, मुझे कुछ भी पैसे नहीं देने होंगे, और यह मेरे लिए बहुत बड़ी राहत और सुकून की बात है।
जानिए क्या बोले डॉक्टर?
डॉक्टर ने कहा कि किडनी स्टोन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर उन मरीजों में जो डायबिटीज, डिहाइड्रेशन और खाने-पीने की गलत आदतों से जूझ रहे हैं। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, इलाज में देरी से गंभीर इन्फेक्शन और दूसरी परेशानियाँ हो सकती हैं। इसलिए बीमारी का जल्दी पता चलना और सही समय पर मेडिकल मदद मिलना बहुत जरूरी है।
सुनीता और उनके परिवार के लिए, ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ मुश्किल समय में राहत का एक बड़ा ज़रिया बनी। इस योजना ने जल्दी रजिस्ट्रेशन, नियमित मेडिकल जांच, कम खर्च में इलाज और बिना किसी आर्थिक बोझ के विशेषज्ञों तक पहुँच सुनिश्चित की। सबसे जरूरी बात यह है कि इसने परिवार को यह भरोसा दिलाया कि अच्छी क्वालिटी का इलाज उनकी पहुंच में है।
सुनीता ने ‘सेहत कार्ड’ को दिया पूरा श्रेय
सुनीता ने कहा कि सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। 'अब सूजन कम हो गई है और जल्द ही मेरा शुगर लेवल भी कंट्रोल में आ जाएगा। हालांकि कि मेरा इलाज अभी भी चल रहा है लेकिन अब मैं ठीक होने की प्रक्रिया का सामना डर के बजाय उम्मीद के साथ कर रही हूं और इसका श्रेय ‘सेहत कार्ड’ को जाता है।' वह आगे कहती हैं, 'मेरा मानना है कि ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ जैसी सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं परिवारों को खर्च की चिंता किए बिना सही समय पर मेडिकल मदद पाने में मदद कर रही हैं।'
उनकी कहानी इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे आसानी से उपलब्ध इलाज और बीमारी का जल्दी पता चलना लोगों की जिंदगी बदल सकता है, उनका आत्मविश्वास वापस ला सकता है और मेडिकल इमरजेंसी के समय परिवारों को सहारा दे सकता है।