A
  1. Hindi News
  2. पंजाब
  3. पंजाब विजिलेंस हेडक्वॉर्टर पर सीबीआई की रेड, रिश्वत कांड में एक्शन से मचा हड़कंप

पंजाब विजिलेंस हेडक्वॉर्टर पर सीबीआई की रेड, रिश्वत कांड में एक्शन से मचा हड़कंप

पंजाब विजिलेंस के हेडक्वार्टर पर सीबीआई की छापेमारी से हड़कंप मच गया है। रिश्वतखोरी के एक मामले में सीबीआई ने पंजाब विजिलेंस विभाग के अधिकारियों और कथित बिचौलियों पर कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

सीबीआई- India TV Hindi
Image Source : PTI/X@CBIHEADQUARTERS सीबीआई

चंडीगढ़: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो हेडक्वार्टर पर केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की छापेमारी के बाद सूबे की राजनीति गरमा गई है। सीबीआई ने रिश्वत के एक मामले में सोमवार देर रात कार्रवाई की और मंगलवार सुबह एक बार फिर पंजाब विजिलेंस चीफ के दफ्तर पहुंची। 

स्टेट टैक्स अधिकारी ने दर्ज कराई थी शिकायत

सीबीआई के अनुसार यह मामला पंजाब के एक स्टेट टैक्स अधिकारी की शिकायत के बाद दर्ज किया गया था। शिकायत में यह आरोप लगाया गया था कि विकास उर्फ विक्की गोयल और उसका बेटा राघव गोयल पंजाब विजिलेंस डिपार्टमेंट में लंबित शिकायत की फाइल बंद करवाने के बदले 20 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। आरोपों के मुताबिक दोनों डीजी विजिलेंस कार्यालय में तैनात रीडर ओपी राणा के लिए बिचौलिए के तौर पर काम कर रहे थे।

सीबीआई जांच में सही पाए गए आरोप

सीबीआई की जांच में रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। बातचीत के दौरान रिश्वत की राशि 20 लाख रुपए से घटाकर 13 लाख रुपए तय की गई। साथ ही ओपी राणा के लिए सैमसंग गैलेक्सी ज़ेड फोल्ड 7 मोबाइल की भी मांग की गई। इसके बाद सीबीआई ने चंडीगढ़ में जाल बिछाकर 11 मई 2026 को कार्रवाई की। इस दौरान आरोपियों के सहयोगी अंकित वाधवा को शिकायतकर्ता से 13 लाख रुपए नकद और मोबाइल लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। कार्रवाई के दौरान राघव गोयल, विकास गोयल और ओपी राणा ने गनमैन द्वारा अलर्ट किए जाने के बाद भागने की कोशिश की।

पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर पकड़े गए दो आरोपी

इन लोगों का पीछा करने के बाद सीबीआई टीम ने राघव गोयल, विकास गोयल को पंजाब-हरियाणा सीमा पर अंबाला के पास पकड़ लिया। डीजी विजिलेंस का रीडर ओपी राणा मौके से फरार होने में सफल रहा। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। आरोपियों के मलोट और चंडीगढ़ स्थित ठिकानों पर की गई तलाशी में 9 लाख रुपए नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। अब तक की जांच में ओपी राणा की सक्रिय संलिप्तता और संवेदनशील जानकारी के आदान-प्रदान का पता चला है।  इसके अलावा निजी व्यक्तियों के साथ एके-47 राइफलों से लैस पंजाब पुलिस के गनमैनों की भूमिका और उनकी तैनाती की भी जांच की जा रही है।