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Hindi News पंजाब बाइक से बच्चे को उठाया और मांगी 1 करोड़ की फिरौती, पुलिस ने 24 घंटे के अंदर आरोपी का एनकाउंटर किया बच्चे को बचाया

बाइक से बच्चे को उठाया और मांगी 1 करोड़ की फिरौती, पुलिस ने 24 घंटे के अंदर आरोपी का एनकाउंटर किया बच्चे को बचाया

पुलिस ने एनकाउंटर में अपरहरण करने वाले बदमाश को मार गिराया। इसके बाद गाड़ी की तलाशी ली तो बच्चा मिल गया। उसे सुरक्षित परिवार तक पहुंचा दिया गया।

Harpal Singh cheema- India TV Hindi Image Source : X/ANI बच्चे के साथ मंत्री हरपाल सिंह चीमा

पंजाब पुलिस ने अपहरण के 24 घंटे के अंदर एक बच्चे को बचाया है और अपहरण करने वाले को एनकाउंटर में मार गिराया है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि लुधियाना में एक करोड़ रुपये की फिरौती के लिए घर के बाहर से सात वर्षीय एक बच्चे का अपहरण किया गया था। 24 घंटे के भीतर ही उसे बचा लिया गया और पुलिस के साथ मुठभेड़ में मुख्य आरोपी मारा गया। उन्होंने बताया कि पटियाला जिले में हुई मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 

पुलिस ने बताया कि बुधवार शाम करीब छह बजे लुधियाना के खन्ना के सीहन दाउद गांव में अपने घर के बाहर खेल रहे भवकीरत सिंह को दो मोटरसाइकिल सवार अपहरणकर्ताओं ने अगवा कर लिया। लड़के के दादा गुरजंत सिंह, (किसान और कमीशन एजेंट) ने पुलिस को अपहरण की सूचना दी। पुलिस उप महानिरीक्षक (पटियाला रेंज) मनदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि अपहरणकर्ताओं का पता लगाने और बच्चे को बचाने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गईं। 

एक करोड़ की फिरौती मांगी

सिद्धू ने बताया कि अपहरणकर्ताओं को अपहरण के बाद सबसे पहले मलेरकोटला में देखा गया था। उन्होंने बताया कि मामले में आगे की जांच में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनसे पूछताछ में मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिले। पुलिस ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी कर की। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने लड़के के परिवार से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। 

फॉर्च्यूनर में मिला लड़का

डीआईजी ने बताया कि मुख्य आरोपी एसयूवी, फॉर्च्यूनर में था, उसे पटियाला के नाभा में मंडोर गांव के पास ट्रैक किया गया। आरोपियों ने पीछा कर रही पुलिस टीम पर गोलियां चलाईं, जिससे तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। जवाबी फायरिंग में मुख्य आरोपी, जिसकी पहचान जसप्रीत सिंह के रूप में हुई, गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। एसयूवी की तलाशी लेने पर पुलिस टीम को डरा हुआ लड़का मिला। 

पुलिस टीम को 10 लाख का इनाम

डीजीपी यादव ने पुलिस टीम को 10 लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है, जिसमें खन्ना पुलिस, पटियाला पुलिस और मलेरकोटला पुलिस के सदस्य शामिल थे। पुलिस के अनुसार, जसप्रीत भी सीहन दाउद गांव का रहने वाला है, जहां से लड़के का अपहरण किया गया था। गिरफ्तार किए गए दो अन्य आरोपियों की पहचान हरप्रीत सिंह और रवि भिंडर के रूप में हुई है, जो मलेरकोटला जिले के अमरगढ़ इलाके के हैं। सिद्धू ने बताया कि उन्होंने फिरौती के लिए लड़के का अपहरण करने की योजना बनाई थी। पुलिस ने बताया कि अपराध में इस्तेमाल की गई 32 बोर की पिस्तौल और मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई है। 

वित्त मंत्री ने परिवार को सौंपा बच्चा

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा भवकीरत के साथ उसके घर पहुंचे और उसे खन्ना में उसके माता-पिता को सौंप दिया। लड़के की मां जसप्रीत कौर ने कहा, "पिछली रात उनके लिए बहुत मुश्किल भरी थी। मैं जानती हूं कि बेटे के बिना उस रात मुझे क्या-क्या सहना पड़ा।" उन्होंने अपने बेटे को बचाने के लिए पंजाब पुलिस का शुक्रिया अदा किया। लड़के के पिता रणवीर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार की समय पर की गई कार्रवाई की वजह से ही उनका बेटा 24 घंटे के भीतर सुरक्षित अपने घर वापस आ गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री मान ने भवकीरत के माता-पिता से भी बात की।

अपराधियों को खत्म करने की खुली छूट

एक्स पर एक पोस्ट में मान ने चेतावनी दी कि पंजाब में ऐसे कुख्यात तत्वों के लिए कोई जगह नहीं है। अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए राज्य पुलिस की सराहना करते हुए मंत्री चीमा ने चेतावनी दी कि ऐसे जघन्य अपराधों में लिप्त लोगों का भी यही हश्र होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मान सरकार पंजाब के लोगों को सुरक्षित माहौल मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने राज्य से अपराध और आपराधिक तत्वों को खत्म करने के लिए पुलिस को पूरी छूट दे दी है। (इनपुट- पीटीआई)