A
Hindi News पंजाब Punjab Protest: पंजाब में किसानों का रेल रोको आंदोलन, किसान नेता बोले- कब्जाई गई लोगों की जमीन

Punjab Protest: पंजाब में किसानों का रेल रोको आंदोलन, किसान नेता बोले- कब्जाई गई लोगों की जमीन

किसान नेता ने बताया की भगवंत मान सरकार की वादा खिलाफी के बाद किसानों को आखिर मजबूर हो कर रेल यातायात बंद करने का ऐलान करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि जो नया हाइवे बन रहा है उसमें किसानों की जमीनें जो सरकार ने इकवायर की है उनका किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया।

Punjab Protest Rail stop movement of farmers in Punjab farmer leader said govt captured farmers land- India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO प्रतीकात्मक तस्वीर

Punjab Protest: पंजाब में कल दोपहर 1 बजे से रेल रोको आंदोलन की शुरुआत होने वाली है। इस बाबत किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के सचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि पंजाब में एक बार फिर कल यातायात बंद होगा, लेकिन इस बार किसानों की नाराजगी राज्य सरकार के साथ है। किसान नेता ने बताया की भगवंत मान सरकार की वादा खिलाफी के बाद किसानों को आखिर मजबूर हो कर रेल यातायात बंद करने का ऐलान करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि जो नया हाइवे बन रहा है उसमें किसानों की जमीनें जो सरकार ने इकवायर की है उनका किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया। 

पंजाब में कल रेल रोको आंदोलन की शुरुआत

सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि प्रशासन द्वारा जबरदस्ती किसानों की जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है। जबकि किसानों के साथ सरकार ने वादा किया था कि जब तक किसानों को जमीन का मुआवजा नहीं दिया जाता तब तक किसान की जमीन पर सरकारी कब्जा नहीं होगा। इसी के खिलाफ किसान संगठन कल पूरे पंजाब में दोपहर एक बजे रेल रोको आंदोलन शुरू करेंगे। हालांकि किसान नेता ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह रेल रोको आंदोलन एक दिन का होगा या अनिश्चित समय के लिए।

हाईवे किया जाम

बता दें कि इससे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग 205 ए को लेकर किसानों और जमीन मालिकों ने रोष जताते हुए खरड़-रोपड़ हाईवे को जाम कर दिया था और प्रशासन, मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। किसानों का कहना है कि उनके जमीनों का उन्हें कम मुआवजा दिया गया है। इस बाबत किसान नेता जसपाल सिंह नियामियां ने कहा था कि कई गांवों में राष्ट्रीय राजर्माग अथॉरिटी द्वारा जबरदस्ती जमीन कब्जा ली गई है। ज्यादातर किसानों को मुआवजा कम मिला है। सभी गांवों के किसानों को बराबर मुआवजा मिलना चाहिए। कम मुआवजा मिलने के कारण गांवों के 54 किसानों और खेवटदारों ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में केस दायर किया था।