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Hindi News पंजाब रवनीत सिंह बिट्टू की देखरेख में इस साल रेलवे को मिली उड़ान, कई रेल लाइनों को मिली मंजूरी; जानें कितना हुआ बदलाव

रवनीत सिंह बिट्टू की देखरेख में इस साल रेलवे को मिली उड़ान, कई रेल लाइनों को मिली मंजूरी; जानें कितना हुआ बदलाव

रवनीत सिंह बिट्टू की देखरेख में पंजाब को साल 2025 में कई बड़ी सौगातें मिली हैं। इसमें कई रेल लाइनों को मंजूरी दी गई है तो वहीं कई योजनाओं पर काम चल रहा है।

रेलवे और खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू।- India TV Hindi Image Source : REPORTER INPUT रेलवे और खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू।

रेलवे और खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की देखरेख में लगातार रेलवे परियोजनाओं और रेल नेटवर्क को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। साल 2025 में रेलवे से जुड़ी तमाम योजनाओं को धरातल पर लाया गया। इसमें कई योजनाओं को मंजूरी दी गई। इसके तहत कई किलोमीटर तक की रेल लाइन का निर्माण किया गया है। इसके अलावा रेल सेवाओं को भी बेहतर बनाने के प्रयास किए गए। इसी दौरान तमाम रेलवे स्टेशनों का सौंदर्यीकरण का कार्य भी किया गया। 

इन रेल लाइन को मिली मंजूरी

  • गुरदासपुर-मुकेरियन रेल लिंक के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण को मंजूरी दी गई। इसके तहत उत्तरी पंजाब में यात्री और माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीतिक भावी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा।
  • राजपुरा-मोहाली के बीच 18 किली रेल लाइन (₹443 करोड़) को मंजूरी दी गई। इससे मोहाली और राजपुरा के बीच संपर्क को मजबूत करने और दिल्ली की यात्रा को सुगम बनाने की उम्मीद है। इसके अलावा यह मालवा क्षेत्र को सीधे चंडीगढ़ से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण परियोजना भी है।
  • फिरोजपुर-पट्टी रेल लिंक परियोजना (25.72 किमी, लगभग ₹764 करोड़) को पूर्ण रेलवे निधि और भूमि अधिग्रहण निधि पंजाब सरकार के पास जमा कर दी गई है (रेलवे ने डीसी तरनतारन के पास ₹138 करोड़ और डीसी फिरोजपुर के पास ₹56 करोड़ जमा किए हैं) ताकि पंजाब के मालवा और माझा क्षेत्रों को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण नई लाइन परियोजना को गति दी जा सके और फिरोजपुर और अमृतसर के बीच यात्रा की दूरी को काफी कम किया जा सके।
  • लंबे समय से लंबित कादियान-ब्यास रेल लाइन परियोजना को अब फिर से शुरू कर दिया गया है। वर्षों से रुकी हुई इस ऐतिहासिक लगभग 40 किमी लंबी रेल पटरी का निर्माण कार्य पुनर्जीवित हो रहा है, जिससे क्षेत्रीय उद्योग और संपर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
  • चंडीगढ़-मोरिंडा-लुधियाना रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण किया गया है। यह बढ़ते रेल यातायात को संभालने और त्रिशहरी क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर संपर्क सुधारने के लिए किए जा रहे व्यापक आधुनिकीकरण का हिस्सा है।
  • मुख्य लाइन के साथ संपर्क को मजबूत करने के लिए अंबाला से पठानकोट तक तीसरी लाइन के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण किया गया है। यह देश भर में किए जा रहे नेटवर्क सुदृढ़ीकरण का हिस्सा है।

रेल सेवाओं को बढ़ावा

  • मालवा क्षेत्र से होकर वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ- बरनाला में नया पड़ाव जोड़ने के बाद फिरोजपुर को मालवा क्षेत्र के प्रमुख शहरों से होते हुए दिल्ली से जोड़ा जाएगा।
  • शहीदी जोर मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरहिंद जंक्शन पर 12 ट्रेनों के लिए अस्थायी ठहराव की घोषणा की गई है (25-27 दिसंबर, 2025), जिससे त्योहार के दौरान यात्रा सुगम हो सके।

स्टेशन पुनर्निर्माण का कार्य

  • रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पुनर्निर्माण (₹462 करोड़) की समीक्षा की गई और चंडीगढ़ स्टेशन को आधुनिक ट्रांजिट हब में उन्नत यात्री सुविधाओं के साथ अपग्रेड करने की प्रगति की समीक्षा की गई।
  • पंजाब के सभी 30 स्टेशनों पर स्टेशन विकास कार्य शुरू किया गया है।

सड़क सुरक्षा कार्य (आरओबी और आरबी)

51 ऐसे स्थानों की पहचान की गई है जहां आरओबी और आरबी व्यवहार्य हैं और इनमें से 25 को अब तक मंजूरी मिल चुकी है। 21 अन्य स्थान अनुमोदन की प्रक्रिया में विभिन्न चरणों में हैं। लंबे समय से लंबित दोराहा आरओबी के लिए निविदा अब जारी की गई है। पंजाब सरकार के अपेक्षित सहयोग से यह कार्य अब पूरा हो जाएगा।

पंजाब के लिए निधि आवंटन में वृद्धि

पंजाब के लिए अवसंरचना और सुरक्षा कार्यों के लिए निधि आवंटन में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। साल 2009-14 के कार्यकाल के दौरान हुए औसत व्यय की तुलना साल 2023 के बाद की गई है, जिसे यहां देखा जा सकता है- 

अवधि औसत व्यय में वृद्धि (2009-14 के औसत आवंटन की तुलना में)
2009-14  ₹225 करोड़/वर्ष
2023-24 ₹4762 करोड़ (21 गुना से अधिक)
2024-25 ₹5147 करोड़ (लगभग 23 गुना)
2025-26 ₹5421 करोड़ (24 गुना से अधिक)