राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के मीडिया सलाहकार शुक्रवार को एक ट्रेन के टॉयलेट में फंस गए। इस दौरान वह चिल्लाते रहे कि गेट तोड़ो वरना मौत हो जाएगी। हालांकि, उन्हें तुरंत मदद नहीं मिल पाई और वह लगभग एक घंटे तक ट्रेन के टॉयलेट में फंसे रहे। इस दौरान उनका दम भी घुटने लगा। बड़ी मुश्किल के बाद वह टॉयलेट से बाहर निकाले गए। यह घटना कोटा-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस ट्रेन में हुई।
महेंद्र भारद्वाज 30 जनवरी 2026 की शाम ट्रेन संख्या 22981 में कोटा से जयपुर लौट रहे थे। सवाईमाधोपुर के पास वे ट्रेन के टॉयलेट में फंस गए। करीब एक घंटे तक वे अंदर बंद रहे और इस दौरान उनका दम घुटने की नौबत आ गई। महेंद्र भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द साझा किया।
अंदर से जाम हुई कुंडी
महेंद्र बारद्वाज सामान्य जरूरत के लिए टॉयलेट गए थे, लेकिन बाहर आने के लिए जब उन्होंने दरवाजा खोलने की कोशिश की तो वह जाम हो गया। कुंडी अटकने से वह परेशान हो गए। उनके पास रेलवे के किसी अधिकारी का नंबर भी नहीं था। उन्होंने जोर-जोर से आवाज दी, लेकिन किसी ने उनकी आवाज नहीं सुनी। इसके बाद उन्होंने अपने रिश्तेदारों को फोन कर अपनी परेशानी बयां की। इस बीच कम जगह और बदबू के कारण उनका दम घुटने लगा।
रेल कर्मचारियों ने बाहर से तोड़ा दरवाजा
महेंद्र भारद्वाज के रिश्तेदारों ने जब रेल अधिकारियों के घटना के बारे में बताया तो उन्होंने कर्मचारियों को ट्रेन के कोच में भेजा। हालांकि, वह भी तुरंत मदद नहीं कर पाए। अंत में दरवाजा तोड़ने की नौबत आई, लेकिन दरवाजा महेंद्र भारद्वाज के ऊपर गिरने का डर था। ऐसे में उनके कहने पर ही कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़ा और उन्हें बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि जब हथौड़े से गेट को तोड़ा गया तो उसका कुछ हिस्सा उनके हाथ में भी गिरा। हालांकि, इससे उन्हें हल्की चोट भी लग गई, लेकिन वह बदबूदार जगह से बाहर आ गए और बाहर आकर राहत की सांस ली।
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