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Hindi News राजस्थान राजस्थान निकाय चुनावः सीएम भजनलाल ने पलटा गहलोत सरकार का यह फैसला, बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

राजस्थान निकाय चुनावः सीएम भजनलाल ने पलटा गहलोत सरकार का यह फैसला, बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि उनकी सरकार ने कांग्रेस की गलती को सुधारा है।

मंत्री झाबर सिंह खर्रा - India TV Hindi Image Source : INDIA TV मंत्री झाबर सिंह खर्रा

जयपुरः राजस्थान निकाय चुनाव को लेकर भजनलाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सभी नगर निगमों में अब सिर्फ एक ही मेयर चुने जाएंगे। जयपुर, जोधपुर और कोटा में दो मेयर की जगह अब एक ही मेयर चुना जाएगा। गहलोत सरकार के फैसले को पटलने से सियासत गर्म है। कांग्रेस और बीजेपी एक-दूसरे पर हमलावर है। 

डोटासरा पर बरसे झाबर सिंह खर्रा

नगरीय विकास और स्वायत्त शासन विभाग मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा पर पलटवार करते हुए कहा उनकी बातों में अभिमान और दम्भ झलक रहा था। ऐसा दंभ ना रावण का रहा, ना कंश रहा। वो समय गया...जब दंभ में वो कोई उल्टा सीधा करवा पाएंगे। 

बीजेपी ने कांग्रेस की गलती सुधारीः मंत्री खर्रा

मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि एक राज्य एक चुनाव के तहत साल 2025 में सभी नगर निकायों के एकसाथ चुनाव कराएंगे। कांग्रेस ने तुष्टिकरण के आधार पर जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम को बांटा था। हमने इन सभी को एकीकरण करने का निर्णय सैद्धांतिक तौर पर ले लिया है। तीनों जगह एक ही निगम का चुनाव होगा। कांग्रेस की गलती को हमने सुधारा है। यदि डोटासरा  को कोई तकलीफ है तो वो किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाकर अपना इलाज करवा लें।

नवंबर दिसबंर में कराया जा सकता है चुनाव

मंत्री ने कहा कि राजस्थान निकाय चुनाव नवंबर दिसबंर में कराया जा सकता है। जुलाई में सभी जरुरी काम पूरे कर अगस्त में मतदाता सूची तैयार करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को लिख देंगे। जैसे ही ये कार्य पूरा होगा नवंबर दिसम्बर में जब भी राज्य निर्वाचन आयोग को लगेगा वो चुनाव करा देंगे।  

फ़ोन टैपिंग से जुड़े सवाल पर मंत्री का बयान 
मंत्री ने कहा कि पता नहीं यहां कुछ हो रहा है या नहीं, कांग्रेस शासन में वो जिसको अपना गुरु मानते है आप सर्वोच्च नेता मानते है। उस सर्वोच्च नेता के अधीन एक अधिकारी था। उसके कई बार बयान आ चुके हैं कि खुद तत्कालीन मुख्यमंत्री ने मुझे फ़ोन टैपिंग की टेप दी थी। वो ही मैंने मीडिया को दी थी। मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार में फोन टैंपिंग नहीं होती।

रिपोर्ट- दिनेश कुमावत