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Hindi News राजस्थान झालावाड़: SDM को थप्पड मारकर चर्चा में आये नरेश मीणा जेल से रिहा, जानिए क्या कहा

झालावाड़: SDM को थप्पड मारकर चर्चा में आये नरेश मीणा जेल से रिहा, जानिए क्या कहा

झालावाड़ में एसडीएम को थप्पड मारकर चर्चा में आये नरेश मीणा जेल से बाहर आ गए हैं। हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें रिहा किया गया।

नरेश मीणा - India TV Hindi Image Source : REPORTER INPUT नरेश मीणा

राजस्थान के झालावाड जिले के मनोहरथाना क्षेत्र के पिपलोदी गांव मे गत 25 जुलाई को हुए स्कूल भवन हादसे के बाद झालावाड़ के मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल में धरना प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार हुए SDM को थप्पड़ मारने के मामले में चर्चित नेता नरेश मीणा हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार को झालावाड़ जिला जेल से रिहा हो गए। जेल से रिहा होने के बाद नरेश मीणा झालावाड़ के खंडिया इलाके में एक निजी फार्म हाउस पर पहुंचे जहां समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। 

राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फंसाया थाः मीणा

रिहा होने के बाद मीणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह बच्चों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहा था, लेकिन मुझे राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फंसाया है। वे स्कूल भवन हादसे में दिवंगत हुए बच्चों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने गए थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने जिस जगह धरना प्रदर्शन किया वहां पहले से ही कांग्रेस सहित अन्य नेता धरना प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन राजनीतिक कारणो से केवल उन्हें ही इस मामले में फंसाया गया।

मीणा पर लगे थे ये आरोप

 उन्होंने कहा कि उन पर झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के काम में बाधा उत्पन्न करने और मारपीट और हाथापाई के आरोप लगाए थे। जबकि वहां मौजूद प्रत्येक व्यक्ति यह अच्छी तरह जानता है कि वहां प्रदर्शन और आंदोलन पहले से चल रहा था, जिसमें पहुंचने के बाद वह सिर्फ शिरकत कर रहे थे तथा उनकी तरफ से कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाया गया जो किसी के लिए परेशानी खड़ी करें। नरेश मीणा ने आरोप लगाया कि पहले उन्हें धारा 151 में पाबंद किया गया और उसके बाद अगले दिन अन्य धाराएं लगाकर फिर से गिरफ्तार कर लिया गया।

हाई कोर्ट से मिली है जमानत

उन्होंने कहा कि उन्हें एक महीने 10 दिन बाद हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दी है जिसका वह पूरा सम्मान करेंगे और नियमों की पालन करेंगे। मीणा ने कहा कि उनके द्वारा पिपलोदी हादसे के मृतकों के लिए एक करोड़ रुपए की मांग की गई थी और वह अपनी उस मांग पर अभी भी कायम है। उन्होंने कहा कि जब सांप्रदायिक दंगों में मरने वालों को करोड़ों मुआवजा दिया जाता है। विमान हादसे में मरने वाले धनाढ्य लोगों को करोड़ों में मुआवजा दिया जाता है तो फिर संस्थागत भ्रष्टाचार की वजह से स्कूल में जान गवाने वाले बच्चों को क्यों नहीं दिया गया। अपने आगामी कदम को लेकर नरेश मीणा ने कहा कि वह पहले उज्जैन में भगवान महाकालेश्वर के दर्शन करने जाएंगे। उसके बाद अपने समर्थकों से मिलकर अगले रणनीति पर विचार विमर्श करेंगे।

25 जुलाई को हुए थे गिरफ्तार

बता दें कि गौरतलब है कि 25 जुलाई को  झालावाड़ जिले के पिपलोदी स्कूल हादसे के बाद शाम को पीड़ितों के आर्थिक सहायता को लेकर झालावाड़ मेडिकल कालेज एंव अस्पताल में धरना-प्रदर्शन के दौरान झालावाड़ पुलिस द्वारा उनको गिरफ्तार किया था। इस पर पुलिस ने उनको 151 में गिरफ्तार कर पाबन्द कराया था लेकिन अगले ही दिन मेडिकल कालेज के डीन ओर अधीक्षक द्वारा उनके खिलाफ राजकार्य सहित विभिन धाराओं में मामला दर्ज कराया इस पर पुलिस द्वारा दुबारा उनको गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। इस पर कोर्ट ने नरेश मीना को जेल भेज दिया था। तभी से वह जेल में थे।

रिपोर्ट- अनीस