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राजस्थान: खाटू श्याम मंदिर में चढ़ाया गया सूरजगढ़ का निशान, श्रद्धालुओं के लिए 43 घंटे तक बंद रहेंगे दर्शन, जानें वजह

सीकर जिले के खाटू श्याम में बाबा श्याम के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले का समापन हुआ। श्रद्धालुओं के लिए 43 घंटे तक दर्शन बंद रहेंगे।

Khatu Shyam- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV खाटू श्याम

सीकर: राजस्थान के सीकर में स्थित खाटू श्याम मंदिर से जुड़ी बड़ी खबर है। खाटू श्याम मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए 43 घंटे तक दर्शन बंद रहेंगे। मंदिर कमेटी के मंत्री श्याम सिंह चौहान ने आदेश जारी करते हुए इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि 14 मार्च को होली पर बाबा श्याम की विशेष पूजा व 15 मार्च को तिलक होगा। इसलिए 13 मार्च की रात 10 बजे से 15 मार्च की शाम 5 बजे तक दर्शन बंद रहेंगे। यानी करीब 43 घंटे तक दर्शन नहीं हो सकेंगे। 

खाटू श्याम के शिखर पर लहराया सूरजगढ़ निशान

सीकर जिले के खाटू श्याम में बाबा श्याम के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले का समापन मंगलवार को भव्य भोग आरती और निशान चढ़ाने की परंपरा के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान बाबा श्याम को खीर-चूरमे का भोग लगाया गया और छप्पन भोग की झांकी भी सजाई गई। खाटू श्याम के शिखर पर सूरजगढ़ निशान भी चढ़ाया गया और 12 दिवसीय फाल्गुनी लक्खी मेले का समापन भी हो गया। इस, दौरान 20 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। 43 घंटे तक मंदिर में दर्शन भी बंद रहेंगे। 

सैकड़ों वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार झुंझुनूं जिले का सूरजगढ़ निशान बाबा श्याम के चरणों में अर्पित किया गया। इसके बाद खाटू श्याम के शिखरबन्ध पर इसे फहराया गया। सूरजगढ़ निशान देश का वह एकमात्र निशान है जो खाटू श्याम के शिखरबन्ध पर फहराया जाता है। ये सालभर बाबा श्याम के यश और कीर्ति को चारों ओर फैलाता है। यह निशान श्याम भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।

श्री श्याम मंदिर कमेटी के अनुसार, इस बार पिछले साल की तुलना में 10 लाख कम श्रद्धालु पहुंचे। इस साल 12 दिवसीय मेले में देशभर से करीब 20 लाख भक्तों ने बाबा श्याम के दर्शन किए, जबकि पिछले साल 30 लाख भक्त आए थे। हालांकि, हजारों भक्त अभी भी श्याम नगरी में रुके हुए हैं क्योंकि वे बाबा श्याम के साथ होली खेलने के बाद ही खाटू धाम से प्रस्थान करेंगे।

हालांकि, इस बार पुलिस, प्रशासन और मंदिर कमेटी की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के बेहतरीन इंतजाम किए गए। मेले में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे कोई बड़ी घटना नहीं घटी और मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। (इनपुट: सीकर से अमित शर्मा)