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Hindi News धर्म त्योहार Diwali 2025 Puja Vidhi, Muhurat: कुछ ही देर में शुरू होगा दिवाली पूजन मुहूर्त, जान लें लक्ष्मी पूजा की पूरी विधि स्टेप बाय स्टेप

Diwali 2025 Puja Vidhi, Muhurat: कुछ ही देर में शुरू होगा दिवाली पूजन मुहूर्त, जान लें लक्ष्मी पूजा की पूरी विधि स्टेप बाय स्टेप

Diwali 2025 Puja Vidhi & Muhurat (दिवाली पूजा विधि): दिवाली या दीपावली का त्योहार कुछ लोग 21 अक्टूबर 2025, मंगलवार को मनाएंगे। इस दिन लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।

diwali- India TV Hindi Image Source : CANVA दिवाली कब है 2025 में

Diwali 2025 Puja Vidhi & Muhurat (दिवाली पूजा विधि): दिवाली का त्योहार कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। इस दिन मुख्य रूप से माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, सरस्वती माता और मां काली की पूजा होती है। दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल का समय सर्वोत्तम माना जाता है जो सूर्यास्त के बाद का समय होता है। तो वहीं माता काली की पूजा के लिए महानिशीथ काल समय शुभ होता है। हालांकि यह मुहूर्त तांत्रिक, पंडित और साधकों के लिए उपयुक्त होता है। दिवाली की रात में लोग अपने घरों को दीपक की रोशनी से सजाते हैं और एक-दूसरे को मिठाई देते हैं। यहां आप जानेंगे दिवाली पूजन मुहूर्त, विधि, मंत्र, कथा, आरती समेत सारी जानकारी।

दिवाली 2025 लक्ष्मी पूजन मुहूर्त (Diwali 2025 Laxmi Pujan Muhurat)

  • दिवाली लक्ष्मी पूजन मुहूर्त (21 अक्टूबर 202): शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक
  • प्रदोष काल मुहूर्त: शाम 05 बजकर 50 मिनट से 08 बजकर 18 मिनट तक
  • महानिशीथ काल: रात 11:36 से देर रात 12:25 तक

दिवाली शुभ चौघड़िया मुहूर्त (Diwali Shubh Choghadiya Muhurat)

  • प्रातःकाल मुहूर्त (चल, लाभ, अमृत): 09:05 AM से 01:28 PM तक
  • अपराह्न मुहूर्त (शुभ): 02:55 PM से 04:23 PM तक

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा की विधि (Diwali Lakshmi Puja Vidhi)

दिवाली के दिन शाम और रात के समय शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और माता सरस्वती की पूजा की जाती है। पुराणों के अनुसार कार्तिक अमावस्या की रात में महालक्ष्मी धरती पर आती हैं और हर घर में विचरण करती हैं। ऐसे में जो भी घर स्वच्छ और प्रकाशवान होता है वहां माता अंश रूप में ठहर जाती हैं। चलिए जानते हैं दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा कैसे की जाती है।

  • दिवाली पर लक्ष्मी पूजन से पहले घर की अच्छे साफ-सफाई करें। घर में शुद्धि और पवित्रता के लिए गंगाजल का छिड़काव करें।
  • घर के मुख्य द्वार और पूजाघर के पास रंगोली बनाएं। 
  • दिवाली पूजन के लिए पूजा स्थल पर एक चौकी रखें और उस पर लाल कपड़ा बिछाएं। फिर इस पर माता लक्ष्मी, गणेश भगवान, राम दरबार और कुबेर देव की प्रतिमा की स्थापना करें।
  • ध्यान रहे कि लक्ष्मी जी की मूर्ति को श्री गणेश के दाहिने हाथ की तरफ स्थापित करना चाहिए।
  • पूजा के लिये कुछ लोग सोने की मूर्ति रखते हैं, कुछ चांदी की, तो कुछ लोग मिट्टी की मूर्ति या फिर तस्वीर से भी पूजा करते हैं। आप अपनी इच्छानुसार भगवान की कैसी भी प्रतिमा रख सकते हैं।
  • मूर्ति स्थापना के बाद पूजा स्थल को फूलों से सजाएं। साथ ही पूजा के लिये कलश या लोटा उत्तर दिशा की तरफ रखें और दीपक को आग्नेय कोण, यानि दक्षिण-पूर्व की तरफ रखें ।
  • चौकी के पास ही जल से भरा एक कलश भी रखें।
  • आपने धनतेरस पर जो सामान खरीदा है उसे भी पूजा स्थल पर जरूर रखें।
  • पूजा में फल-फूल और मिठाई के साथ ही पान, सुपारी, लौंग इलायची और कमलगट्टे भी रखें।
  • अब भगवान की प्रतिमा पर तिलक लगाएं और एक घी का दीपक जला लें।
  • जल, मौली, हल्दी, अबीर-गुलाल, चावल, फल, गुड़ आदि से विधि विधान पूजा करें और माता महालक्ष्मी की स्तुति करें।
  • अंत में माता लक्ष्मी, गणेश जी और भगवान विष्णु की आरती करें और प्रसाद सभी में बांट दें।
  • इसके बाद घर के कोने-कोने में दीपक जलाकर रखें। वहीं घर के मंदिर में एक घी का बड़ा दीपक और दूसरा सरसों के तेल का बड़ा दीपक जरूर रखें। ध्यान रहे कि ये दीपक पूरी रात जलते रहना चाहिए।

लक्ष्मी माता की आरती (Laxmi Mata Ki Aarti)

  • ॐ जय लक्ष्मी माता,मैया जय लक्ष्मी माता।
  • तुमको निशिदिन सेवत,हरि विष्णु विधाता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता॥
  • उमा, रमा, ब्रह्माणी,तुम ही जग-माता।
  • सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत,नारद ऋषि गाता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता॥
  • दुर्गा रुप निरंजनी,सुख सम्पत्ति दाता।
  • जो कोई तुमको ध्यावत,ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता॥
  • तुम पाताल-निवासिनि,तुम ही शुभदाता।
  • कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता॥
  • जिस घर में तुम रहतीं,सब सद्गुण आता।
  • सब सम्भव हो जाता,मन नहीं घबराता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता॥
  • तुम बिन यज्ञ न होते,वस्त्र न कोई पाता।
  • खान-पान का वैभव,सब तुमसे आता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता॥
  • शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर,क्षीरोदधि-जाता।
  • रत्न चतुर्दश तुम बिन,कोई नहीं पाता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता॥
  • महालक्ष्मीजी की आरती,जो कोई जन गाता।
  • उर आनन्द समाता,पाप उतर जाता॥
  • ॐ जय लक्ष्मी माता॥

Live updates : Diwali Puja Vidhi & Muhurat

  • 4:16 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली पर उल्लू देखने का महत्व

    उल्लू माता लक्ष्मी का वाहन है। ऐसे में दीपावली के दिन उल्लू का दिखना भी बेहद शुभ माना जाता है। उल्लू को देखने का अर्थ है कि माता लक्ष्मी आपके जीवन की सभी आर्थिक परेशानियों को दूर करेंगी। आपके जीवन में सुख-समृद्धि आएगी और पारिवारिक जीवन में भी आपको खुशियां मिलेंगी। 

     

  • 3:04 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    व्यापारियों के लिए इसलिए खास है दिवाली

    दिवाली पर्व व्यापारियों के लिये विशेष महत्व रखता है। व्यापारी लोग इस दिन अपने बही खातों की पूजा करते हैं। अपने मित्रों और अन्य व्यापारियों को आमंत्रित करते हैं और उनका पान व मिठाईयों से सम्मान करते हैं। दिवाली पर पुराने खाते बंद करके नये खाते खोले जाते हैं और लक्ष्मी पूजा के समय बही खाते रखे जाते हैं और उनकी रोली-चावल से पूजा की जाती है। फिर उन्हें भैया दूज के दिन से काम में लिया जाता है। 

  • 3:04 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली पर दीपक जलाने के नियम

    दिवाली पर शाम के समय प्रदोष काल में मंदिर आदि पवित्र स्थलों पर दीपक जलाने चाहिए। इसके बाद घर में सभी जगहों पर दीपक जलाने चाहिए। 

     

  • 1:54 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    लक्ष्मी माता की स्तुति

    आदि लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु परब्रह्म स्वरूपिणि।

    यशो देहि धनं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

    सन्तान लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु पुत्र-पौत्र प्रदायिनि।

    पुत्रां देहि धनं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

    विद्या लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु ब्रह्म विद्या स्वरूपिणि।

    विद्यां देहि कलां देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

    धन लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व दारिद्र्य नाशिनि।

    धनं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

    धान्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्वाभरण भूषिते।

    धान्यं देहि धनं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

    मेधा लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु कलि कल्मष नाशिनि।

    प्रज्ञां देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

    गज लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्वदेव स्वरूपिणि।

    अश्वांश गोकुलं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

    धीर लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु पराशक्ति स्वरूपिणि।

    वीर्यं देहि बलं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

    जय लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व कार्य जयप्रदे।

    जयं देहि शुभं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

    भाग्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सौमाङ्गल्य विवर्धिनि।

    भाग्यं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

    कीर्ति लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु विष्णुवक्ष स्थल स्थिते।

    कीर्तिं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

    आरोग्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व रोग निवारणि।

    आयुर्देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

    सिद्ध लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व सिद्धि प्रदायिनि।

    सिद्धिं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

    सौन्दर्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्वालङ्कार शोभिते।

    रूपं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

    साम्राज्य लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु भुक्ति मुक्ति प्रदायिनि।

    मोक्षं देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।

    मङ्गले मङ्गलाधारे माङ्गल्ये मङ्गल प्रदे।

    मङ्गलार्थं मङ्गलेशि माङ्गल्यं देहि मे सदा।।

    सर्व मङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।

    शरण्ये त्रयम्बके देवि नारायणि नमोऽस्तुते।।

  • 12:20 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Today Laxmi Puja Muhurat 2025: आज लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त कितने बजे तक रहेगा

    आज 21 अक्टूबर 2025 को लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। 

  • 11:47 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Diwali 2025: दिवाली पर क्या नहीं करना चाहिए?

    इस दिन कर्ज लेने-देने से बचना चाहिए। घर को गंदा नहीं करना चाहिए और किसी का अपमान नहीं करना चाहिए।

     

  • 11:04 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Diwali Rangoli Design: दिवाली पर बनाएं ऐसी रंगोली, देखते रह जाएंगे पड़ोसी

    दिवाली के दिन घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाने का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं रंगोली बनाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न हो जाती हैं। आप इस दिवाली ऐसी रंगोली ट्राई कर सकते हैं।

    Image Source : canvaदिवाली रंगोली

  • 10:10 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Diwali Toran: दिवाली पर कैसा तोरण लगाना चाहिए?

    दिवाली पर तोरण लगाने का विशेष धार्मिक महत्व है। यह घर के मुख्य द्वार पर सजावट के रूप में लगाया जाता है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा और शुभता का प्रवेश होता है। माना जाता है कि तोरण लगाने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। आम, अशोक या गेंदे के फूलों से बने तोरण को सबसे शुभ माना गया है, क्योंकि ये पवित्रता और ताजगी का प्रतीक हैं। 

  • 9:20 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली पर तैयार करें धनलक्ष्मी पोटली

    सबसे पहले एक लाल कपड़ा लें। फिर ऊपर सभी सामग्रियों को एक-एक करके इस कपड़े में रखते जाएं। फिर कपड़े को अच्छे से बांध लें। दिवाली पूजन के समय इस पोटली को जरूर रखें। फिर अगले दिन पोटली को घर की तिजोरी या जहां भी आप पैसा रखते हैं वहां रख दें। कहते हैं इस उपाय को करने से मां लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है।

  • 8:45 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए दिवाली पर करें ये उपाय

    दिवाली की रात पहला दीपक घर के मंदिर या तिजोरी के पास जलाएं। मान्यता है कि इससे लक्ष्मी माता घर में स्थायी रूप से वास करती हैं।

  • 8:13 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली की अमावस्या तिथि कितने बजे तक रहेगी

    कार्तिक अमावस्या 2025 - 21 अक्टूबर 2025, मंगलवार
    कार्तिक अमावस्या प्रारम्भ - 03:44 PM, अक्टूबर 20
    कार्तिक अमावस्या समाप्त - 05:54 PM, अक्टूबर 21

     

  • 7:33 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली पर दिए जलाने का समय

    21 अक्टूबर 2025 को दिए जलाने का समय शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।

  • 9:05 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    राम भगवान के मंत्र

    ॐ आपदामप हर्तारम दातारं सर्व सम्पदाम,
    लोकाभिरामं श्री रामं भूयो भूयो नामाम्यहम,
    श्री रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे रघुनाथाय नाथाय सीताया पतये नमः।।

  • 8:10 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Diwali Ki Katha: दिवाली की कथा

    पौराणिक कथा के अनुसार, एक समय किसी नगर में एक साहूकार रहता था। इस साहूकार की एक पुत्री थी जो बहुत धार्मिक स्वभाव की थी। साहूकार की बेटी हर रोज उसके घर के पास स्थिति पीपल के एक पेड़ में जल चढ़ाती थी। इस पेड़ में माता लक्ष्मी वास करती थीं। लक्ष्मी जी साहूकार की बेटी की भक्ति भाव से एक बार बेहद प्रसन्न हुईं और उन्होंने साहूकार की बेटी को दर्शन दिए। माता लक्ष्मी ने कहा- मैं तुमसे अत्यंत प्रसन्न हूं, और तुम्हें अपनी सहेली बनाना चाहती हूं। लक्ष्मी जी की बात को सुनकर साहूकार की बेटी ने कहा कि मैं अपने माता-पिता से पूछकर बताऊंगी कि मुझे आपसे मित्रता करनी चाहिए या नहीं। साहूकार की बेटी ने सारी बात अपने माता-पिता को बताई और उन्होंने लक्ष्मी जी से मित्रता करने की इजाजत अपनी पुत्री को दे दी। 

    मित्रता होने के बाद एक बार माता लक्ष्मी ने साहूकार की बेटी को अपने घर भोजन पर बुलाया। साहूकार की बेटी जब वहां पहुंची तो माता लक्ष्मी ने उसका सत्कार किया। लक्ष्मी जी ने अपनी सहेली को सोने-चांदी के बर्तनों में भोजन परोसा और साथ ही एक कीमती रेशमी वस्त्र भी उसे भेंट किया। साहूकार की बेटी को बैठने के लिए लक्ष्मी जी ने सोने की एक चौकी दी। इसके बाद साहूकार की बेटी ने स्वादिष्ट भोजन ग्रहण किया। भोजन के बाद लक्ष्मी जी बोलीं की मैं कुछ दिनों के उपरांत तुम्हारे घर आऊंगी। साहूकार की बेटी ने भी माता लक्ष्मी से कहा कि आप जरूर मेरे घर आएं। इसके बाद जब साहूकार की बेटी घर गई तो उसने अपने माता-पिता से सारी बातें बताईं। लेकिन बातें बताते-बताते वो उदास हो गई। 

    साहूकार ने जब उदासी का कारण पूछा तो बेटी बोली की लक्ष्मी जी बहुत वैभवशाली हैं, वो मेरे घर आएंगी तो उन्हें में कैसे संतुष्ट कर पाऊंगी। बेटी की बात को सुनकर पिता ने कहा कि तुम घर को स्वच्छ रखना, अच्छी तरह से घर की लिपाई-पोताई करना और श्रद्धा से जो भी अन्न घर में हो उससे भोजन बनाना। लक्ष्मी जी जरूर प्रसन्न होंगी। पिता की बात पूरी होती उससे पहले ही एक चील उड़ती हुई उनके घर के पास से गुजरी और बेहद कीमती नौलखा हार साहूकार के आंगन में गिरा कर चली गई। यह देख साहूकार की बेटी खुश हो गई और उसने हार को बेचकर लक्ष्मी जी के लिए सोने की चौकी और रेशमी दुशाला खरीद लिया। इसके बाद पिता के बताई गई बात के अनुसार बेटी ने घर को स्वच्छ किया, घर की लिपाई-पोताई की। 

    इसके बाद जब माता लक्ष्मी अपनी सहेली के घर पहुंची तो साहूकार की बेटी ने उन्हें सोने की चौकी पर बैठने को कहा। लेकिन माता लक्ष्मी ने कहा कि इस पर तो राजा-रानी बैठते हैं। यह कहकर वो जमीन पर आसन बिछाकर बैठ गईं। फिर माता ने साहूकार की बेटी द्वारा बनाया गया भोजन ग्रहण किया। माता रानी साहूकार की बेटी के आदर-सत्कार से बेहद प्रसन्न हुईं और उसे सुख-संपत्ति का वर देकर चली गईं। इसे कथा का पाठ करने वाले को भी माता लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है और उसके जीवन में सुख-समृद्धि आती है। 

  • 7:37 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    लक्ष्मी आरती का हो गया है समय

    लक्ष्मी जी की आरती करने का समय हो गया है। ऐसे में माता की विधि विधान पूजा करके उनकी आरती जरूर उतारें।

  • 7:00 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Lakshmi Mata Ki Aarti: लक्ष्मी माता की आरती लिरिक्स

    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥
    • उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग माता।
    • सूर्य चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • दुर्गा रूप निरंजनी, सुख-संपति दाता।
    • जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • तुम ही पाताल निवासिनी, तुम ही शुभदाता।
    • कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भव निधि की त्राता॥
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • जिस घर तुम रहती हो, तांहि में हैं सद्गुण आता।
    • सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • तुम बिन यज्ञ ना होता, वस्त्र न कोई पाता।
    • खान पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • शुभ गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता।
    • रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई नर गाता।
    • उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    • तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥
    • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
  • 6:22 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली पर दिए जलाने का समय

    दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 20 अक्टूबर 2025 की शाम 07:08 से रात 08:18 बजे तक रहेगा। लक्ष्मी पूजन के बाद पूरे घर में दीये जलाए जाते हैं।

  • 6:01 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Diwali Laxmi Ganesh Murti Position: दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति किस तरह से रखें

    सबसे पहले तो ये जान नें कि आमतौर पर पूजा का स्थान ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए। वहीं मंदिर में लक्ष्मी मां की मूर्ति को दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना शुभ मानते हैं। लक्ष्मी जी की मूर्ति गणेश जी के दाईं तरफ रखी जाती है।

     

  • 5:29 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली की रात क्या नहीं खाना चाहिए?

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात में आपको दही और चावल खाने से बचना चाहिए। इस दिन दही और चावल खाने से आपको आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 

  • 5:10 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली की रात जलाएं पितरों के नाम का दीपक

    दिवाली की शुभ रात्रि में आपको पितरों का स्मरण करके दक्षिण दिशा में दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है। 

  • 4:52 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली की रात में यम दीपक से जुड़ा सबसे जरूरी नियम

    दिवाली की रात में यम दीपक जलाना शुभ होता है। यम दीपक का शुभ प्रभाव आपको तभी मिलता है जब आप किसी अंधकारमय जगह पर यह दीपक जलाकर आते हैं। साथ ही इस दीपक को जलाने के बाद आपको पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। अगर आप इन बातों का ध्यान रखते हैं तो यम दीपक जलाने से शुभ फलों की प्राप्ति आपको जीवन में होती है। 

  • 4:16 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली पूजा के दिन लक्ष्मी यंत्र की स्थापना के लाभ

    दिवाली की रात के दिन माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं। इस दिन शाम को पूजा के समय अगर आप घर के पूजा स्थल में या फिर तिजोरी में लक्ष्मी यंत्र स्थापित कर दें तो शुभ फलों की प्राप्ति आपको होती है। ऐसा करने से माता का आशीर्वाद आप पर हमेशा बना रहता है। 

  • 3:47 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    शुरू हो गई कार्तिक अमावस्या

    कार्तिक अमावस्या तिथि की शुरुआत 20 अक्टूबर को 3 बजकर 46 मिनट पर हो चुकी है। रात्रि के समय अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को ही रहेगी इसलिए आज ही दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। 

  • 3:12 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली पर बना सूर्य-चंद्र का द्विद्वादश योग इन 2 राशियों के लिए शुभ

    दिवाली के दिन सूर्य तुला राशि में हैं और चंद्रमा कन्या राशि में। ऐसे में ये दोनों द्विद्वादश योग का निर्माण कर रहे हैं इसलिए राशिचक्र की 2 राशियों मिथुन और धनु के लिए दिवाली का पर्व बेहद शुभ फलदायक साबित हो सकता है। 

  • 2:40 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली के इस उपाय से दूर रहेगी देवी अलक्ष्मी

    दरिद्रता और दुख की देवी अलक्ष्मी को घर से हमेशा दूर रखने के लिए आपको दिवाली की रात में एक नींबू और मिर्च को धागे में पिरोकर मुख्यद्वार पर टांगना चाहिए। माना जाता है कि इस आसान से उपाय से घर में कभी दरिद्रता का प्रवेश नहीं होता। 

  • 2:01 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा कब है?

    इस साल गोवर्धन पूजा का त्योहार 22 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा का मुहूर्त सुबह 06:30 से 08:47 बजे तक रहेगा।

  • 1:16 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Diwali Food: दिवाली पर खाने में क्या बनाना चाहिए?

    • पूड़ी या पराठा
    • आलू की सब्जी या पनीर की सब्जी
    • पुलाव या जीरा राइस
    • रायता
    • सलाद और अचार
    • मठरी
    • चकली 
    • नमकपारे
    • चिवड़ा
    • मूंग दाल के पकोड़े
    • खीर 
    • गुड़ के लड्डू
    • मलाई बर्फी
    • सूखे मेवे का हलवा
  • 12:53 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली के दिन क्या किया जाता है?

    दिवाली के दिन घरों को सजाया जाता है, शाम में मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है, दीपक जलाए जाते हैं, रोशनी की जाती है, रंगोली बनाई जाती है, मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं और अपने घर में मां लक्ष्मी के सदा सदा वास करने की प्रार्थना करते हैं।

  • 12:16 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली पर मां लक्ष्मी की आरती करें या नहीं?

    प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य सुजीत जी के अनुसार किसी भी देवी-देवता की आरती का तात्पर्य है उस पूजा की परिपूर्णता। यदि पूजा के विधि-विधान में हमसें कोई त्रुटि हो गई हो तो हम आरती के माध्यम से उस त्रुटि को दूर करके भगवान के प्रति अपना पूर्ण समर्पण दिखाते हैं। ये कहना कि आरती करने से भगवान विदा हो जाते हैं ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। यदि ऐसा होता तो मंदिरों में निश्चित समय पर रोजाना आरती क्यों की जाती। किसी भी देवी-देवता की आरती करने से वह देवी-देवता उस स्थान से विदा नहीं होते बल्कि उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसलिए दिवाली पर लक्ष्मी जी की आरती भी जरूर करें क्योंकि आरती से लक्ष्मी जी विदा नहीं होंगी बल्कि वो और भी ज्यादा प्रसन्न हो जाएंगी। यहां इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है कि जिस अनुष्ठान के बाद देवी-देवता का विसर्जन करना होता है उनको मंत्रों के द्वारा पूरे विधि विधान से विसर्जित किया जाता है। ऐसे में दिवाली पर बिना किसी दुविधा के मां लक्ष्मी की आरती करें।

  • 11:45 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Diwali Puja Muhurat 2025: दिवाली पूजा मुहूर्त

    शहर का नाम लक्ष्मी पूजन शुभ मुहूर्त
    पुणे 07:38 पी एम से 08:37 पी एम
    नई दिल्ली 07:08 पी एम से 08:18 पी एम
    चेन्नई 07:20 पी एम से 08:14 पी एम
    जयपुर 07:17 पी एम से 08:25 पी एम
    हैदराबाद 07:21 पी एम से 08:19 पी एम
    गुरुग्राम 07:09 पी एम से 08:19 पी एम 
    चण्डीगढ़ 07:06 पी एम से 08:19 पी एम
    कोलकाता 05:06 पी एम से 05:54 पी एम, अक्टूबर 21 
    मुम्बई 07:41 पी एम से 08:41 पी एम 
  • 11:05 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली लक्ष्मी पूजन मुहूर्त 2025 (Diwali Laxmi Pujan Muhurat 2025)

     

    दिवाली लक्ष्मी पूजन मुहूर्त 2025 07:08 PM से 08:18 PM
    दिवाली लक्ष्मी पूजन निशिता काल मुहूर्त 2025 11:41 PM से 12:31 AM, अक्टूबर 21
    दिवाली प्रदोष काल मुहूर्त 2025 05:46 PM से 08:18 PM
    दिवाली वृषभ काल मुहूर्त 2025 07:08 PM से 09:03 PM
    अमावस्या तिथि का प्रारम्भ 20 अक्टूबर 2025 को 03:44 PM बजे
    अमावस्या तिथि का समापन 21 अक्टूबर 2025 को 05:54 PM बजे
  • 10:13 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    सजा दो घर को गुलशन सा (Sajado Ghar Ko Gulshan Sa)

    सजा दो घर को गुलशन सा,
    अवध में राम आए हैं,
    अवध मे राम आए है,
    मेरे सरकार आए हैं,
    लगे कुटिया भी दुल्हन सी,
    अवध मे राम आए हैं,
    सजा दो घर को गुलशन सा,
    अवध मे राम आएं हैं ।
    पखारों इनके चरणों को,
    बहा कर प्रेम की गंगा,
    बिछा दो अपनी पलकों को,
    अवध मे राम आए हैं,
    सजा दो घर को गुलशन सा,
    अवध मे राम आए हैं ।
    तेरी आहट से है वाकिफ़,
    नहीं चेहरे की है दरकार,
    बिना देखेँ ही कह देंगे,
    लो आ गए है मेरे सरकार,
    लो आ गए है मेरे सरकार,
    दुआओं का हुआ है असर,
    दुआओं का हुआ है असर,
    अवध मे राम आए हैं,
    सजा दो घर को गुलशन सा,
    अवध मे राम आए हैं ।
    सजा दो घर को गुलशन सा,
    अवध में राम आए हैं,
    अवध मे राम आए है,
    मेरे सरकार आए हैं,
    लगे कुटिया भी दुल्हन सी,
    अवध मे राम आए हैं,
    सजा दो घर को गुलशन सा,
    अवध मे राम आएं हैं ।

     

  • 9:23 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    कुबेर मंत्र (Kuber Mantra)

    -ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये

    धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥

    -ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥

    -ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥

  • 8:14 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली पर दीये जलाने का मंत्र (Diwali Par Diye Jalane Ka Mantra)

    शुभं करोति कल्याणं आरोग्यम् धनसंपदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपकाय नमोऽस्तु ते।।

  • 8:03 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली आज है या नहीं?

    दिवाली का त्योहार आज ही मनाया जाएगा। इस दिन लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07:08 से 08:18 तक रहेगा। 

  • 7:59 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली पर दीपक कहां-कहां रखे जाते हैं (Diwali Par Deepak Kha Kha Rakhe Jate Hai)

    • मंदिर में सरसो और घी का बड़ा दीपक जरूर रखा जाता है
    • मुख्य द्वार के दोनों तरफ दीपक जरूर रखें
    • लिविंग रूम में दीपक जलाकर रखें
    • रसोई में दीये जरूर जलाएं
    • छत और बालकनी में भी दीपक जलाकर रखें
    • एक दीपक तुलसी के पौधे के पास रखें
    • एक दीपक पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं
    • एक घर के पास किसी मंदिर में जाकर जलाएं
    • इसके अलावा घर के हर कमरे के द्वार पर भी दो-दो दीपक रखे जाते हैं
    • बाथरूम के बाहर भी दीपक जरूर रखें
  • 11:45 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली की रात ये सपना देखना बेहद शुभ

    दिवाली की रात अगर आप सपने में माता लक्ष्मी को देख लें तो इसे बेहद शुभ सपना माना जाता है। इस सपने का अर्थ है कि माता लक्ष्मी आपकी भक्ति से प्रसन्न हुई हैं। इस सपने के बाद आपको जीवन में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की प्राप्ति हो सकती है। 

  • 11:19 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली पर बनेंगे ये 5 शुभ योग

    दिवाली पर आदित्य मंगल, कलानिधि, बुधादित्य, हंस और सर्वार्थ सिद्धि नामक 5 शुभ योग बनने वाले हैं। इसलिए दिवाली के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने से बेहद शुभ फलों की प्राप्ति भक्तों को हो सकती है।

  • 10:54 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली पर हंस योग से इन राशियों को होगा लाभ

    दिवाली के दिन गुरु अपनी उच्च राशि में होंगे जिसके चलते हंस राजयोग का इस दिन निर्माण होगा। इसलिए गुरु की राशियों धनु, मीन और गुरु की उच्च राशि कर्क के लिए दिवाली का त्योहार बेहद शुभ साबित हो सकता है। 

  • 10:21 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली पूजा के दौरान सबसे पहले किसको पूजते हैं

    हिंदू धर्म के प्रत्येक शुभ अवसर की तरह दिवाली की पूजा में भी सबसे पहले आपको गणेश पूजन करना चाहिए। इसके बाद ही आपको बाकी देवी-देवताओं की पूजा करनी चाहिए।

  • 9:51 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली के दिन न करें ये गलतियां

    • वाद-विवाद न करें।
    • शाम के समय न सोएं नहीं।
    • घर में अंधेरा न रखें।
    • शाम को झाड़ू न लगाएं।
    • धारदार या चमड़े की चीजें न लाएं।
    • लोहे या प्लास्टिक के बर्तनों का उपयोग न करें।
    • पूजा स्थल को खाली न छोड़ें।
  • 9:27 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली पर लौंग का उपाय

    दिवाली की पूजा में आपको लौंग का एक जोड़ा माता लक्ष्मी को अर्पित करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से धन-धान्य की आपको प्राप्ति होती है। 

  • 8:55 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली पर करें इन राम मंत्रों का जाप

    • श्री रामचन्द्राय नमः।
    • श्री राम जय राम जय जय राम:।
    • रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे। रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः॥
  • 8:33 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन में झाडू किस दिशा में रखना चाहिए?

    दिवाली के दिन पूजा के दौरान नए खरीदे गए झाडू को भी पूजा में शामिल करना चाहिए। इस झाडू को उत्तर या फिर पूर्व दिशा में आप पूजा के दौरान रख सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि सूर्यास्त के बाद झाडू इस दिन न लगाएं और इस दिन झाडू पर पैर लगाने से भी बचें। 

  • 7:52 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली के दिन कौन सा नक्षत्र रहेगा?

    दिवाली के दिन हस्त नक्षत्र रात्रि 8 बजकर 17 मिनट तक रहेगा और उसके बाद चित्रा नक्षत्र लग जाएगा। हस्त नक्षत्र के स्वामी जहां चंद्रमा हैं वहीं चित्रा मंगल का नक्षत्र है। 

  • 7:32 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली के दिन उल्लू का दिखना कैसा होता है?

    उल्लू को माता लक्ष्मी का वाहन माना जाता है। ऐसे में दिवाली के दिन अगर आपको उल्लू दिखाई दे तो समझ जाइए माता लक्ष्मी की कृपा आप पर बरसेगी और सुख-समृद्धि की आपको प्राप्त होगी। 

  • 6:56 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली की पूजा में क्यों रखना चाहिए इत्र?

    दिवाली की पूजा में इत्र रखना बेहद शुभ होता है। माना जाता है कि इत्र को इस दिन पूजा स्थल पर रखने से आर्थिक उन्नति आपको प्राप्त होती है। पूजा के दौरान आप माता लक्ष्मी को इत्र अर्पित कर सकते हैं। 

  • 6:14 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली के दिन इन लक्ष्मी मंत्रों के जप से प्राप्त होगा धन-धान्य

    ॐ देव्यै नमः।
    ॐ पुण्यगन्धायै नमः
    ॐ ब्रह्माविष्णुशिवात्मिकायै नमः

  • 5:10 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली पर पूजा स्थल पर लगाएं माता लक्ष्मी की ऐसी मूर्ति

    दिवाली की पूजा में आपको माता लक्ष्मी की ऐसी तस्वीर या मूर्ति लेनी चाहिए जिसमें वो बैठी हुई मुद्रा में हों और उनके हाथों से धन बरस रहा हो। साथ ही माता लक्ष्मी लाल रंग के वस्त्र पहने हुए हों।

  • 4:53 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली की रात तंत्र साधना क्यों करते हैं?

    दिवाली अमावस्या तिथि को रात के समय मनाई जाती है। इस दौरान तंत्र साधना करना बेहद शुभ फलदायक माना जाता है। तंत्र साधना में माता काली, भैरव भगवान की पूजा भक्तों के द्वारा होती है। माना जाता है कि दिवाली की रात तंत्र साधना करने से सिद्धि जल्दी मिलती है। 

  • 4:20 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन में जरूर शामिल करें ये चीजें

    दीपावली के दिन आपको लक्ष्मी पूजन के दौरान श्रीयंत्र, कौड़ी और गोमती चक्र को अवश्य शामिल करना चाहिए। इन चीजों को लक्ष्मी पूजन में शामिल करने से माता का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है। 

  • 3:39 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    दिवाली के दिन गलती से भी न करें ये भूल

    दिवाली की रात्रि में लक्ष्मी पूजन किया जाता है इसलिए आपको सूर्यास्त के बाद गलती से भी झाडू नहीं लगाना चाहिए। इसका कारण यह है कि झाडू का संबंध माता लक्ष्मी से है और लक्ष्मी पूजन में झाडू को भी शामिल किया जाता है। इसलिए गलती से भी इस दिन सूर्यास्त के बाद झाडू न लगाएं। 

  • 2:55 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली पर कितने दीपक जलाने चाहिए?

    दिवाली के दिन 5, 7, 9, 11, 21, 51, 101, 251...आज कितने भी दिए जला सकते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि दीयों की संख्या विषम में होनी चाहिए।

  • 2:23 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    अयोध्या में दिवाली कब मनाई जाएगी?

    अयोध्या में दिवाली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। लेकिन दीपोत्सव का आयोजन 19 अक्टूबर को किया जाएगा।

  • 1:54 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली पर किसकी पूजा होती है?

    दिवाली की शाम के समय मां लक्ष्मी और श्री गणेश के साथ ही कुबेर जी की भी पूजा की जाती है जैसे मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है, उसी प्रकार कुबेर जी को धन का देवता कहा जाता है और जिस घर में ये दोनों निवास करते हैं, वहां पर धन की कभी कमी नहीं होती।
  • 12:36 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Laxmi Puja Wali Diwali Date: लक्ष्मी पूजा वाली दिवाली कब है

    लक्ष्मी पूजा वाली दिवाली 20 अक्टूबर 2025 को है। इस दिन लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।

  • 11:58 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    20 अक्टूबर 2025 शुभ समय (20 October 2025 Shubh Muhurat)

    • ब्रह्म मुहूर्त 04:44 AM से 05:34 AM
    • प्रातः सन्ध्या 05:09 AM से 06:25 AM
    • अभिजित मुहूर्त 11:43 AM से 12:28 PM
    • विजय मुहूर्त 01:59 PM से 02:45 PM
    • गोधूलि मुहूर्त 05:46 PM से 06:12 PM
    • सायाह्न सन्ध्या 05:46 PM से 07:02 PM
    • अमृत काल 01:40 PM से 03:26 PM
    • निशिता मुहूर्त 11:41 PM से 12:31 AM, अक्टूबर 21
  • 11:22 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली पूजन सामग्री (Diwali Puja Samagri List)

    • लकड़ी की चौकी
    • लाल कपड़ा
    • लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति
    • कुमकुम
    • हल्दी की गांठ
    • रोली
    • पान
    • बाती
    • सुपारी
    • लोंग
    • अगरबत्ती
    • धूप
    • दीपक
    • माचिस
    • घी
    • गंगाजल
    • पंचामृत
    • फूल
    • फल
    • कपूर
    • गेहूं
    • दूर्वा घास
    • जनेऊ
    • खील बताशे
    • चांदी के सिक्के और कलावा
  • 10:48 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली कितने दिनों तक मनाई जाती है?

    दिवाली कुल पांच दिनों का पर्व है, धनतेरस, नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली), लक्ष्मी पूजन/मुख्य दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज।

  • 10:25 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Diwali Decoration: दिवाली पर घर की सजावट कैसे करें?

    दिवाली पर घर को साफ-सुथरा रखें। घर की पुरानी और बेकार चीजों को हटा दें, क्योंकि वास्तु के अनुसार ये नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती हैं। घर को रंगोली, फूलों और लाइट्स से सजाएं। दरवाजे पर आम और अशोक के पत्तों से तोरण लगाना बेहद शुभ माना जाता है। खुशबूदार अगरबत्ती और फूलों से माहौल को सकारात्मक बनाएं।

  • 10:05 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    ॐ जय लक्ष्मी रमणा श्री सत्यनारायण आरती

    • ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा
    • सत्य नारायण स्वामी, जन पातक हरणा, ॐ जय लक्ष्मी रमणा...
    • रतन जड़ित सिंहासन अद्भुत छवि राजे
    • नारद करत निरंतर, घंटा ध्वनि बाजे, ॐ जय लक्ष्मी रमणा...
    • प्रगट भए कलि कारण, द्विज को दरश दियो
    • बूढो ब्राह्मण बनकर कंचन महल कियो, ॐ जय लक्ष्मी रमणा...
    • दुर्बल भील कराल जिन पर कृपा करी
    • चंद्रचूड़ एक राजा जिनकी विपति हरी, ॐ जय लक्ष्मी रमणा...
    • वैश्य मनोरथ पायो श्रद्धा तज दिनी
    • सो फल भोग्यो प्रभुजी, फिर स्तुति किन्ही, ॐ जय लक्ष्मी रमणा...
    • भाव भक्ति के कारण, छिन-छिन रूप धरयो
    • श्रद्धा धारण किन्ही तिनको काज सरयो, ॐ जय लक्ष्मी रमणा...
    • ग्वाल बाल संग राजा वन में भक्ति करी
    • मन वांछित फल दीन्हो, दीन दयाल हरी, ॐ जय लक्ष्मी रमणा...
    • चढ़त प्रसाद सवायो कदली फल मेवा
    • धूप दीप तुलसी से राजी सत्यदेव, ॐ जय लक्ष्मी रमणा...
    • श्री सत्यनारायण जी की आरती जो कोई नर गावे
    • तन मन सुख सम्पति, मन वांक्षित फल पावे, ॐ जय लक्ष्मी रमणा...
  • 9:53 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    दिवाली पर कितने दिए जलाने चाहिए

    दिवाली पर आप अपनी इच्छानुसार कितने भी दीपक जला सकते हैं। यहां बस इस बात पर ध्यान देना है कि दीपक की संख्या विषम में होनी चाहिए।

  • 9:39 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Diwali 2025 LIVE: दिवाली 2025 पर क्या खरीदें

    • सोना-चांदी और आभूष
    • बर्तन और धातु  की चीजें
    • मूर्तियां और पूजा सामग्री
    • झांडू 
    • नए कपड़े