A
  1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Maha Kumbh 2025: माघ पूर्णिमा के दिन भूल से भी न लें ये चीजें दान, होने लगेगा गृह कलेश

Maha Kumbh 2025: माघ पूर्णिमा के दिन भूल से भी न लें ये चीजें दान, होने लगेगा गृह कलेश

माघ पूर्णिमा के दिन स्नान और दान का खासा महत्व है। इस दिन लोगों को अपने पितरों की आत्मा शांति के लिए और पापों से छुटकारा पाने के लिए स्नान-दान जरूर करना चाहिए।

magh purnima- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO माघ पूर्णिमा

हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा को लेकर खासा महत्व बताया गया है। यह माघ माह का अंतिम दिन भी होता है। इस बार महाकुंभ के कारण इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। माघ पूर्णिमा का दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। हिंदू धर्म में इस दिन स्नान और दान का खास महत्व है। इस दिन लोग गंगा व अन्य पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। हिंदू पंचांग के मुताबिक, 12 फरवरी को मनाया जाएगा।

कब है माघ पूर्णिमा?

हिंदू पंचांग के मुताबिक, माघ माह की पूर्णिमा तिथि आज यानी 11 फरवरी की शाम 06.55 बजे शुरू होगी, जो 12 फरवरी की शाम 7.22 बजे खत्म होगी। उदया तिथि के मुताबिक इस बार माघ पूर्णिमा का व्रत 12 फरवरी को मनाया जाएगा। ऐसे में 12 फरवरी को स्नान-दान किया जाएगा। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान-दान करना ज्यादा शुभ रहेगा, हालांकि कुछ चीजें किसी भी सूरत में किसी को नहीं लेनी चाहिए।

क्या नहीं करना चाहिए दान?

हिंदू धर्म के शास्त्रों में कहा गया है कि कभी भी किसी से नुकीली चीजें जैसे चाकू, छुरी, सुई या कैंची जैसी चीजों का दान नहीं लेना चाहिए। धार्मिक दृष्टि से ये बिल्कुल भी शुभ नहीं माना होता है। अगर आप किसी भी कारणवश ऐसी चीजें दान में लेते हैं तो, मान्यताओं के अनुसार, इससे आपके घर में गृह क्लेश की स्थिति बनने लगती है।

क्या करना चाहिए दान?

हिंदू धर्म के मुताबिक, इस दिन गुड़, अन्न, शृंगार का सामान, तिल, वस्त्र, दूध दान (श्रद्धा अनुसार दान करने से घर में उत्पन्न नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और चंद्र दोष खत्म होता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें:
Maha Kumbh 2025: माघ पूर्णिमा के दिन किस समय करना है महाकुंभ स्नान? जानें सही शुभ मुहूर्त
माघी पूर्णिमा के दिन स्नान करते समय कौन-सा मंत्र बोलना चाहिए? भगवान खुश होकर बरसाते हैं कृपा