Maha Navami 2025 LIVE: नवरात्रि नवमी की पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र, कथा, आरती, हवन पूजन समय, कन्या पूजन विधि समेत सारी जानकारी मिलेगी यहां
Maha Navami 2025 LIVE: नवरात्रि की नवमी 1 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06:29 से शाम 06:27 बजे तक रहेगा। नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है, हवन पूजन किया जाता है और कन्या पूजन करते हैं।

Maha Navami 2025 LIVE: महा नवमी नवरात्रि पर्व का आखिरी दिन होता है। इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री (Maa Siddhidatri) की पूजा की जाती है। इस साल नवमी तिथि 30 सितंबर 2025 की शाम 06:06 से 1 अक्तूबर 2025 की शाम 07:01 बजे तक रहेगी। नवरात्रि की नवमी को भक्त सुबह मां सिद्धिदात्री की विधि विधान पूजा करके हवन करते हैं। फिर इसके बाद कन्याओं का पूजन किया जाता है। कहते हैं बिना हवन पूजन (Navami Havan Pujan) और कन्या पूजन (Kanya Pujan) के माता रानी की उपासना अधूरी मानी जाती है। यहां हम आपको बताएंगे नवरात्रि की नवमी के बारे में हर एक जानकारी।
महा नवमी पूजा मुहूर्त 2025 (Maha Navami Puja Muhurat 2025)
नवरात्रि की नवमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त 1 अक्टूबर की सुबह 06:29 से शाम 06:27 बजे तक रहेगा। इस दौरान आप कभी भी कन्या पूजन और हवन पूजन कर सकते हैं।
नवरात्रि के नौवें दिन का रंग (Navratri Day 9 Colour)
नवरात्रि के नौवें दिन लाल और नारंगी रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
नवरात्रि के नौवें दिन का भोग (Navratri Day 9 Bhog)
नवरात्रि के नौवें दिन माता रानी को हलवा, पूरी और चने का भोग लगाना चाहिए।
नवरात्रि के नौवें दिन का मंत्र (Navratri Day 9 Mantra)
-ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥
स्तुति
-या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
महा नवमी हवन मंत्र (Maha Navami Hawan Mantra)
- ओम गणेशाय नम: स्वाहा
- ॐ केशवाय नमः
- ॐ नारायणाय नमः
- ॐ माधवाय नमः
- ओम गौरियाय नम: स्वाहा
- ओम नवग्रहाय नम: स्वाहा
- ओम दुर्गाय नम: स्वाहा
- ओम महाकालिकाय नम: स्वाहा
- ओम हनुमते नम: स्वाहा
- ओम भैरवाय नम: स्वाहा
- ओम कुल देवताय नम: स्वाहा
- ओम स्थान देवताय नम: स्वाहा
- ओम ब्रह्माय नम: स्वाहा
- ओम विष्णुवे नम: स्वाहा
- ओम शिवाय नम: स्वाहा
- ओम जयंती मंगलाकाली, भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवाधात्री स्वाहा
- स्वधा नमस्तुति स्वाहा।
- ओम ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च: गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु स्वाहा।।
- ओम गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु, गुरुर्देवा महेश्वर: गुरु साक्षात् परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नम: स्वाहा।
- ओम शरणागत दीनार्त परित्राण परायणे, सर्व स्थार्ति हरे देवि नारायणी नमस्तुते।।
नवमी कन्या पूजन विधि (Navami Kanya Pujan Vidhi)
नवरात्रि की नवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। कन्या पूजन से पहले माता रानी का पूजन और हवन किया जाता है। इसके बाद छोटी कन्याओं को घर में बुलाकर पूरी श्रद्धा से उन्हें खाना खिलाया जाता है। साथ ही उन्हें कुछ न कुछ गिफ्ट दिए जाते हैं।
(नोट- नवरात्रि की नवमी से जुड़ी हर एक जानकारी पाने के लिए बने रहिए हमारे इस लाइव ब्लॉग पर)
Live updates : Maha Navami 2025 LIVE
-
October 01, 2025 1:54 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
गणेश जी की आरती
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।
- माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।
- लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया ।
- बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- 'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी ।
- कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
-
October 01, 2025 1:06 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
मां अंबे की आरती (Maa Ambe Ki Aarti)
- अम्बे तू है जगदम्बे काली,
- जय दुर्गे खप्पर वाली ।
- तेरे ही गुण गाये भारती,
- ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
- तेरे भक्त जनो पर,
- भीर पडी है भारी माँ ।
- दानव दल पर टूट पडो,
- माँ करके सिंह सवारी ।
- सौ-सौ सिंहो से बलशाली,
- अष्ट भुजाओ वाली,
- दुष्टो को पलमे संहारती ।
- ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
- अम्बे तू है जगदम्बे काली,
- जय दुर्गे खप्पर वाली ।
- तेरे ही गुण गाये भारती,
- ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
- माँ बेटे का है इस जग मे,
- बडा ही निर्मल नाता ।
- पूत - कपूत सुने है पर न,
- माता सुनी कुमाता ॥
- सब पे करूणा दरसाने वाली,
- अमृत बरसाने वाली,
- दुखियो के दुखडे निवारती ।
- ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
- अम्बे तू है जगदम्बे काली,
- जय दुर्गे खप्पर वाली ।
- तेरे ही गुण गाये भारती,
- ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
- नही मांगते धन और दौलत,
- न चांदी न सोना माँ ।
- हम तो मांगे माँ तेरे मन मे,
- इक छोटा सा कोना ॥
- सबकी बिगडी बनाने वाली,
- लाज बचाने वाली,
- सतियो के सत को सवांरती ।
- ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
- अम्बे तू है जगदम्बे काली,
- जय दुर्गे खप्पर वाली ।
- तेरे ही गुण गाये भारती,
- ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
- चरण शरण मे खडे तुम्हारी,
- ले पूजा की थाली ।
- वरद हस्त सर पर रख दो,
- मॉ सकंट हरने वाली ।
- मॉ भर दो भक्ति रस प्याली,
- अष्ट भुजाओ वाली,
- भक्तो के कारज तू ही सारती ।
- ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
- अम्बे तू है जगदम्बे काली,
- जय दुर्गे खप्पर वाली ।
- तेरे ही गुण गाये भारती,
- ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥
-
October 01, 2025 12:36 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
नवरात्रि पर कन्या पूजन कब तक कर सकते हैं?
नवरात्रि की नवमी पर कन्या पूजन हवन पूजन के बाद कभी भी किया जा सकता है।
-
October 01, 2025 12:08 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
राम नवमी कब मनाई जाती है?
अधिकतर लोग सितंबर-अक्टुबर की नवरात्रि में आने वाली महा नवमी को राम नवमी समझ लेते हैं। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये राम नवमी नहीं होती। राम नवमी चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि पर मनाई जाती है।
-
October 01, 2025 11:34 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
नवमी के दिन आयुध पूजा का मुहूर्त 2025
आयुध पूजा विजय मुहूर्त 02:09 पी एम से 02:57 पी एम तक रहेगा।
-
October 01, 2025 11:13 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Navratri Ka Vrat Kab Khole: नवरात्रि का व्रत कब खोलें
नवरात्रि का व्रत 1 अक्टूबर 2025 को कन्या पूजन के बाद खोल सकते हैं। वहीं जो लोग दशमी के दिन व्रत खोलते हैं वो 2 अक्टूबर 2025 को सुबह 6.30 बजे के बाद व्रत का पारण कर सकते हैं।
-
October 01, 2025 11:02 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
आज का राहुकाल समय
इस दिन राहुकाल 12:10 पी एम से 01:40 पी एम तक रहेगा।
-
October 01, 2025 10:32 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
मां सिद्धिदात्री पूजन मंत्र
मां सिद्धिदात्री की पूजा के समय इस मंत्र का जप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है:
ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः।
-
October 01, 2025 10:09 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
कलश विसर्जन मुहूर्त 2025 (Kalash Visarjan Muhurat 2025)
नवमी को कलश विसर्जन करने वाले कन्या पूजन के बाद कभी भी कलश विसर्जन कर सकते हैं। वहीं जो लोग दशमी को ये काम करते हैं उनके लिए कलश विसर्जन का मुहूर्त 2 अक्टूबर 2025 को 06:15 ए एम से 08:37 ए एम तक रहेगा।
-
October 01, 2025 9:38 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
नवरात्रि के नौवें दिन की कथा (Navratri 9th Day Katha)
मार्केण्डेय पुराण के अनुसार अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्रकाम्य, ईशित्व और वशित्व, कुल आठ सिद्धियां हैं, जो कि मां सिद्धिदात्री की पूजा से आसानी से प्राप्त की जा सकती हैं। देव पुराण के अनुसार भगवान शिव ने भी मां सिद्धिदात्री की कृपा से ही सिद्धियों को प्राप्त किया था और इन्हीं की कृपा से भगवान शिव अर्द्धनारीश्वर कहलाये। लिहाजा विशिष्ट सिद्धियों की प्राप्ति के लिये नवरात्रि के नौवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा अवश्य ही करनी चाहिए।
-
October 01, 2025 9:11 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
मां सिद्धिदात्री भोग (Navratri 9th Day Bhog)
नवमी तिथि को कांसे के पात्र में नारियल पानी और तांबे के पात्र में शहद डालकर देवी मां को चढ़ाना चाहिए। कालिका पुराण में आज कद्दू की बलि का विधान है। ईख, यानि गन्ने का रस भी देवी मां को चढ़ाया जा सकता है।
-
October 01, 2025 8:19 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
9 Day Navratri Color: नवरात्रि के नौवें दिन का शुभ रंग
नवरात्रि के नौवें दिन का शुभ रंग लाल और नारंगी है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा में इस रंग का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।
-
October 01, 2025 8:00 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
दुर्गा सप्तशती के मंत्र हवन के लिए
1. या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
2. या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभिधीयते ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
3. या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
4. या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
5. या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
6. या देवी सर्वभूतेषु च्छायारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
7. या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
8. या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
9. या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
10. या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
11. या देवी सर्वभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
12. या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
13. या देवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
14. या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
15. या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
16. या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
17. या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
18. या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
19. या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
20. या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
21. या देवी सर्वभूतेषु भ्रान्तिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
22. इन्द्रियाणामधिष्ठात्री भुतानाञ्चाखिलेषु या ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
23. चितिरूपेण या कृत्स्नमेतद् व्याप्य स्थिता जगत् ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ स्वाहा
24. स्तुता सुरैः पूर्वमभीष्टसंश्रया । त्तथा सुरेन्द्रेण दिनेषु सेविता ।
करोतु सा नः शुभहेतुरीश्वरी । शुभानि भद्राण्यभिहन्तु चापदः ।। स्वाहा
25. या साम्प्रतं चोद्धतदैत्यतापितै । रस्माभिरीशा च सुरैर्नमस्यते ।
या च स्मृता तत्क्षणमेव हन्ति नः । सर्वापदो भक्तिविनम्रमूर्तिभिः ।। स्वाहा
-
October 01, 2025 7:22 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
9th day navratri aarti: नवरात्रि की नौवें दिन की आरती
- जय सिद्धिदात्री मां, तू सिद्धि की दाता।
- तू भक्तों की रक्षक, तू दासों की माता।
- तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि।
- तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि।
- कठिन काम सिद्ध करती हो तुम।
- जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम।
- तेरी पूजा में तो ना कोई विधि है।
- तू जगदम्बे दाती तू सर्व सिद्धि है।
- रविवार को तेरा सुमिरन करे जो।
- तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो।
- तू सब काज उसके करती है पूरे।
- कभी काम उसके रहे ना अधूरे।
- तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया।
- रखे जिसके सिर पर मैया अपनी छाया।
- सर्व सिद्धि दाती वह है भाग्यशाली।
- जो है तेरे दर का ही अम्बे सवाली।
- हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा।
- महा नंदा मंदिर में है वास तेरा।
- मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता।
- भक्ति है सवाली तू जिसकी दाता।
-
October 01, 2025 6:34 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
नवरात्रि की नवमी की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं
मां की ज्योति से प्रेम मिलता है
सबके दिलो को आनंद मिलता है
जो भी जाता है माता के द्वार
उसे कुछ न कुछ जरूर मिलता है!
दुर्गा नवमी की शुभकामनाएं!Image Source : canvaनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं -
October 01, 2025 6:17 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Maha Navami Wishes In Hindi: महा नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं
माता तेरे चरणों में, भेंट हम चढ़ाते हैं,
कभी नारियल तो, कभी फूल चढ़ाते हैं,
और झोलियां भर-भर के, तेरे दर से लाते हैं.
Happy Maha Navami 2025 -
September 30, 2025 7:18 PM (IST) Posted by Arti Azad
घी और शक्कर से हवन और मंत्र उच्चारण
महानवमी पर खास हवन और मंत्रों से आप सुख, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति कर सकते हैं। इस पावन तिथि पर देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के कई तरह के उपाय बताए जा रहे हैं, जिनमें हवन, मंत्र और जाप आदि के बारे में बताया गया है। अगर आप दूसरों के मन में अपने लिये प्यार जगाना चाहते हैं, तो आज आपको घी और शक्कर को मिलाकर, उससे हवन करना चाहिए। साथ ही सिद्धकुंजिका स्तोत्र में दिये इस विशेष मंत्र का जप करना चाहिए |
मन्त्र:
ऐंकारी सृष्टी रूपायै हृींकारी प्रतिपालिका।
क्लींकारी काम रूपिण्यै बीजरूपे नमोऽतु ते। -
September 30, 2025 6:10 PM (IST) Posted by Arti Azad
पीली सरसों से हवन और मंत्र उच्चारण
अगर आप अपने शत्रुओं से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो आज आपको पीली सरसों से हवन करना चाहिए। साथ ही सिद्धकुंजिका स्तोत्र में दिये इस विशेष मंत्र का जप करना चाहिए |
मन्त्र:
नमस्ते रुद्ररुपिण्यै नमस्ते मधुमर्दिनि।
नमः कैटभहारिण्यै नमस्ते महिषार्दिनि।। -
September 30, 2025 4:41 PM (IST) Posted by Arti Azad
कमलगट्टे से हवन और मंत्र उच्चारण
अगर आप अपनी सुख-सम्पदा में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, तो नवमी पर आपको कमलगट्टे से हवन करना चाहिए। साथ ही दुर्गा सप्तशती में दिये देवी मां के इस विशेष मंत्र का जप करना चाहिए |
मन्त्र:
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिम शेषजन्तोः
स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दारिद्र्य दुःख भय हारिणि का त्वदन्या
सर्वोपकार करणाय सदा र्द्रचित्ता॥ -
September 30, 2025 3:42 PM (IST) Posted by Arti Azad
महानवमी पर खास हवन और मंत्र
महानवमी के दिन किए जाने वाले खास हवन और मंत्र जाप से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। यह तिथि देवी दुर्गा की पूजा का विशेष अवसर होती है, जहां विशेष पूजा विधियों के साथ-साथ हवन और मंत्र जाप से जीवन में सुख-समृद्धि और समृद्धि लाने के कई रास्ते खुलते हैं। इस दिन की शक्ति से लाभ उठाने के लिए विभिन्न प्रकार के हवन और मंत्रों का जाप किया जाता है, जो न केवल शत्रुओं से मुक्ति दिलाते हैं बल्कि व्यक्तिगत जीवन में सफलता, प्यार और कल्याण भी लाते हैं।
-
September 30, 2025 2:58 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
1 अक्टूबर 2025 शुभ मुहूर्त (1 October 2025 Shubh Muhurat)
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:37 ए एम से 05:26 ए एम
- प्रातः सन्ध्या- 05:01 ए एम से 06:14 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- कोई नहीं
- विजय मुहूर्त- 02:09 पी एम से 02:57 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 06:07 पी एम से 06:31 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या- 06:07 पी एम से 07:20 पी एम
- अमृत काल- 02:31 ए एम, अक्टूबर 02 से 04:12 ए एम, अक्टूबर 02
- निशिता मुहूर्त- 11:46 पी एम से 12:35 ए एम, अक्टूबर 02
- रवि योग- 08:06 ए एम से 06:15 ए एम, अक्टूबर 02
-
September 30, 2025 2:18 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
नवरात्रि की नवमी पर पारण समय 2025 (Navratri Navami Paran Time 2025)
नवरात्रि की नवमी 1 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन नवमी तिथि शाम 7 बजे तक रहेगी। नवमी पर कन्या पूजन के बाद व्रत खोल सकते हैं।
-
September 30, 2025 1:55 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
नवरात्रि कन्या पूजन सामग्री लिस्ट (Kanya Pujan Samagri List)
- साफ जल - कन्याओं का पैर धुलने के लिए
- आसन - कन्याओं को बिठाने के लिए
- रोली - कन्याओं को तिलक लगाने के लिए
- साफ कपड़ा - कन्याओं के पैर पोछने के लिए
- कलावा - कन्याओं के हाथ में बांधने के लिए
- चुन्नी - कन्याओं को देने के लिए
- फल - कन्याओं को खिलाने के लिए
- अक्षत - कन्याओं के माथे पर तिलक के साथ लगाने के लिए
- फूल - कन्याओं की पूजा के लिए
- हलवा, पूरी और चना - कन्याओं को खिलाने का मुख्य भोजन
-
September 30, 2025 1:18 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
नवमी हवन सामग्री लिस्ट
- हवन कुंड
- लौंग
- गंगाजल
- सुपारी
- फूलों की माला
- शुद्ध घी
- चावल
- आम या केले के पत्ते
- अगरबत्ती
- सूखा नारियल
- 5 प्रकार के फल
- मिठाई
- आम की लकड़ी
- चरणामृत
- लाल कलावा
- रोली चंदन
- पान के पत्ते
- गुग्गल
- लोबान
- शहद
- लाल कपड़ा
- कपूर
-
September 30, 2025 12:36 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
नवरात्रि नवमी पूजा विधि (Navratri Navami Puja Vidhi Step By Step)
- पूजा के लिए सुबह जल्दी उठ जाएं। सबसे पहले हवन की तैयारी करें।
- हवन की सामग्री पहले ही एकत्रित करके पूजा स्थान पर रख लें।
- फिर परिवार के साथ मिलकर हवन में आहुति दें।
- हवन करने के बाद मां सिद्धिदात्री या मां अंबे की विधि विधान पूजा करें।
- माता के मंत्रों का जाप करें।
- उन्हें भोग अर्पित करें। अंत में आरती करें।
- माता की पूजा के बाद कन्या पूजन करें।
- इस दिन कन्याओं को हलवा, पूरी, चना और उपहार भेंट किए जाते हैं।
- कन्या पूजन के बाद व्रत का पारण कर लें।
- जो लोग दशमी के दिन व्रत खोलते हैं वे अपनी परंपरा के अनुसार उसी दिन व्रत का पारण करें।
-
September 30, 2025 12:25 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
हवन किस चीज से करें?
अगर आप अपनी सुख-सम्पदा में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, तो आज आपको कमलगट्टे से हवन करना चाहिए। साथ ही दुर्गा सप्तशती में दिये देवी मां के इस विशेष मंत्र का जप करना चाहिए | मन्त्र है-
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिम शेषजन्तोः
स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दारिद्र्य दुःख भय हारिणि का त्वदन्या
सर्वोपकार करणाय सदा र्द्रचित्ता॥ -
September 30, 2025 12:00 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Navami Kanya Pujan Time 2025: नवमी पर कन्या पूजन कब करें?
कन्या पूजन के लिए कोई निश्चित समय नहीं होता। आप माता रानी की पूजा और हवन के बाद कन्याओं को भोजन करा सकते हैं।
-
September 30, 2025 11:55 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
नवमी हवन मुहूर्त 2025 (Navami Havan Muhurat 2025)
नवमी हवन का मुहूर्त 1 अक्टूबर 2025 की सुबह 06:14 से शाम 06:07 बजे तक रहेगा। आप इस बीच कभी भी हवन पूजन कर सकते हैं। अमूमन नवरात्रि की नवमी पर हवन सुबह के समय किया जाता है।