A
Hindi News धर्म त्योहार Mahashivratri Shivling Puja: महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर दूध, दही और जल चढ़ाने का सही क्रम, पहले क्या अर्पित करें? भूलकर भी न बदलें ये क्रम

Mahashivratri Shivling Puja: महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर दूध, दही और जल चढ़ाने का सही क्रम, पहले क्या अर्पित करें? भूलकर भी न बदलें ये क्रम

Mahashivratri 2026 Shivling Puja: शिव जी को गहन कर्म शुद्धि, नकारात्मक ग्रहों के बुरे प्रभाव से सुरक्षा और आध्यात्मिक विकास से जोड़ा जाता है। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग के पूजन से दोष कम होते हैं। साथ ही मन शांत होता है और जीवन में स्थिरता आती है। तो चलिए जानते हैं शिवलिंग पर दूध, दही, जल चढ़ाने का सही क्रम क्या है।

Mahashivratri Shivling Puja- India TV Hindi Image Source : FREEPIK शिवलिंग पर दूध, दही, जल चढ़ाने का सही क्रम क्या है।

Mahashivratri 2026 Shivling Puja: महाशिवरात्रि सनातन धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक मानी जाती है। यह हिंदुओं के लिए सबसे शक्तिशाली और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण रातों में से एक होती है। भगवान शिव को समर्पित यह पवित्र तिथि आंतरिक जागृति, बाहरी परिवर्तन और नकारात्मकता के नाश का प्रतीक है। महाशिवरात्रि के दिन व्रत-उपवास, विधिपूर्वक पूजन और कई तरह के अनुष्ठान किए जाते हैं। अनेक अनुष्ठानों में शिवलिंग अभिषेक का विशेष महत्व है। कई लोग इस दिन घर पर ही शिव जी का पूजन करते हैं। लेकिन ज्यादातर लोगों को यह जानकारी नहीं होती है कि शिवलिंग पर कब क्या अर्पित करना चाहिए। यहां जानिए शिवलिंग पर दूध, दही, जल चढ़ाने की सही क्रम क्या है और पहले क्या अर्पित किया जाना चाहिए। क्योंकि शिवलिंग की पूजा में क्रमानुसार चीजें चढ़ाने का बहुत महत्व होता है।

महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पूजन

महाशिवरात्रि पर शिवलिंग की पूजा से पहले उसका अभिषेक किया जाता है। शिवलिंग अभिषेक वह विधि होती है, जिसमें मंत्रोच्चार करते हुए शिवलिंग पर जल, दूध, शहद, दही से स्नान कराया जाता है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दौरान ब्रह्मांडीय ऊर्जाएं अत्यधिक सक्रिय हो जाती है, ऐसे में यह अनुष्ठान और भी अधिक शक्तिशाली हो जाता है।  महाशिवरात्रि पर शिवलिंग अभिषेक एक रस्म से कहीं ज्यादा है, यह आत्म शुद्धि, समर्पण और रूपांतरण की आध्यात्मिक प्रक्रिया है। इसके जरिए आप स्वयं को शिव की शक्तिशाली ऊर्जा से जोड़ते हैं।

शिवलिंग पूजा से पहले करें ये तैयारी

सुबह या रात को पूजा से पहले स्नान कर लें और स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें। यह सुनिश्चित करें कि आपके घर का पूजा स्थल साफ-सुथरा और शांत हो।

शिवलिंग पर पहले क्या चढ़ाएं?

पहला - शुद्ध जल
जलाभिषेक करने से शिवजी शीतल होते हैं। शिवलिंग पर जल हमेशा तांबे के लोटे से चढ़ाना चाहिए, यह शुद्धि और पवित्रता का प्रतीक है। हमेशा "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करते हुए शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।

दूसरा - दूध
दूध चढ़ाना शांति और सौम्यता का प्रतीक है। शिवलिंग पर गाय का कच्चा दूध, स्टील के लोटे में चढ़ाना चाहिए क्योंकि तांबे के लोटे में कच्चा दूध चढ़ाना शुभ नहीं माना जाता है।

तीसरा - दही
दही समृद्धि और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

चौथा - शहद
जीवन में मधुरता और प्रेम के लिए।

पांचवां - घी
ऊर्जा और तेज का प्रतीक।

छठा - शक्कर
सुख-समृद्धि की कामना के लिए।

अंत में - फिर जल से अभिषेक

शिवलिंग पूजन का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

  1. पूजा शुरू करने से पहले अपनी आंखें दोनों आंखों को बंद करके शांत चित्त होकर बैठ जाए। अब जीवन में शांति, बाधाओं की निवारण और आध्यात्मिक विकास के लिए भगवान शिव से प्रार्थना करें।
  2. इसके बाद आंखें खोलें और "ओम नमः शिवाय" का जाप करते हुए शिवलिंग पर शुद्ध जल डालें। सबसे पहले शिवलिंग के दाहिने और बाएं स्थान पर स्थित गणेश जी और कार्तिकेय पर जल अर्पित करें। फिर शिवलिंग का गोल घेरा जिसमें शिवलिंग स्थित है और जो मां पार्वती को समर्पित है, वहां जल चढ़ाएं। फिर मध्य भाग जो शिव और पार्वती की पुत्री अशोक सुंदरी का स्थान है, वहां जल अर्पित करें और फिर शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
  3. अब दूध, दही, शहद, घी और चीनी को एक -एक करके शिव मंत्रों का जाप करते हुए धीरे-धीरे शिवलिंग पर अर्पित करें।
  4. सभी अर्पित वस्तुओं को अर्पित करने के बाद दोबारा शिवलिंग को शुद्ध जल से स्नान कराएं।
  5. इसके बाद मंत्रों का जाप करते हुए शिव जी को बिल्वपत्र अर्पित करें, जो उन्हें अत्यंत प्रिय माने जाते हैं। बेलपत्र साफ और साबुत होने चाहिए।  
  6. अब शिवलिंग को गीले चंदन का तिलक लगाएं और सफेद फूल अर्पित करें।
  7. इसके बाद मंगल की कामना करते हुए शिव जी से प्रार्थना करें और धूप-दीप से आरती के साथ अपना अनुष्ठान पूर्ण करें। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें:  Mahashivratri Shiv Vaas 2026: महाशिवरात्रि पर शिववास कहां रहेगा, भोलेनाथ की पूजा में क्यों है इसे देखना जरूरी?

  Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर 300 साल बाद बन रहे हैं 4 राजयोग और 12 शुभ योग, इन 3 राशियों को मिलेगा बंपर लाभ