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Hindi News धर्म त्योहार Mauni Amavasya 2026 Live: मौनी अमावस्या पर क्या करना चाहिए? क्या इस दिन बाल धो सकते हैं? जानिये महत्व, पूजा विधि समेत सारी जानकारी

Mauni Amavasya 2026 Live: मौनी अमावस्या पर क्या करना चाहिए? क्या इस दिन बाल धो सकते हैं? जानिये महत्व, पूजा विधि समेत सारी जानकारी

Mauni Amavasya 2026 Shubh Muhurt: मौनी अमावस्या के पवित्र दिन पर स्नान-दान के साथ ही पूजा का शुभ मुहूर्त कब होगा और इस दिन आपको किन नियमों का पालन करना चाहिए, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

Mauni Amavasya 2026- India TV Hindi Image Source : PTI मौनी अमावस्या 2026

Mauni Amavasya 2026 Shubh Muhurat Live: मौनी अमावस्या या माघ अमावस्या का दिन धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से, दान करने से और भगवान विष्णु के साथ ही पितरों की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। मौनी अमावस्या के दिन पूजा, तर्पण, स्नान, दान आदि के लिए शुभ मुहूर्त कब रहेगा इसके बारे में हम आपको जानकारी देंगे और साथ ही बताएंगे किन इस दिन किस विधि से आपको पूजा, स्नान करने चाहिए और किन चीजों का दान करना इस दिन शुभ माना जाता है। 

मौनी अमावस्या पर स्नान-दान का शुभ मुहूर्त ( Mauni Amavasya Snan Daan Muhurt)

ब्रह्म मुहूर्त: 05:32 AM से 06:23 AM तक
प्रात: संध्या: 05:58 AM से 07:15 AM तक
अभिजीत मुहूर्त: 12:27 PM से 01:11 PM तक
पितरों का तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान के लिए शुभ मुहूर्त: 11:30 AM से 02:30 AM तक

मौनी अमावस्या पर स्नान की विधि और नियम

मौनी अमावस्या के दिन ऊपर बताए गए शुभ मुहूर्तों में आप स्नान कर सकते हैं। अगर आप किसी पवित्र नदी में स्नान करने वाले हैं तो 3 डुबकियां लगाने के बाद सूर्य की ओर मुख करके आपको हाथों में जल लेकर अर्घ्य देना चाहिए। इस दौरान अपने इष्ट देव और पितरों का स्मरण आपको करना चाहिए। वहीं जो लोग घर पर ही स्नान करने वाले हैं उन्हें नहाने के जल में गंगाजल अर्पित करना चाहिए और इसके स्नान करना चाहिए। स्नान करने के बाद एक तांबे के पात्र में जल, तिल, फूल आदि डालकर सूर्य देव को जल का अर्घ्य देना चाहिए। जल का अर्घ्य देने के बाद कुछ समय तक आपको मौन रहना चाहिए। इस दिन पूरे दिन या कुछ घंटों के लिए भी अगर आप मौन रहते हैं तो शुभ फलों की प्राप्ति आपको होती है। 

Live updates : Mauni Amavasya 2026 Shubh Muhurat Live: मौनी अमावस्या पर इस शुभ मुहूर्त में करें स्नान-दान, जानिए स्नान की विधि और नियम

  • 6:51 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal

    अमावस्या पर पितृ आते हैं धरती पर

    गरुड़ पुराण में कहा गया है कि अमावस्या के दिन पितर अपने वंशजों से मिलने जाते हैं। 

  • 2:59 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    अमावस्या के दिन शाम को क्या करना चाहिए?

    मौनी अमावस्या की शाम को पूजा-पाठ के साथ ही ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास भी आपको करना चाहिए। ऐसा करने से आपको आध्यात्मिक ज्ञान और अलौकिक अनुभव की प्राप्ति होती है।  

  • 2:21 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    मौनी अमावस्या की शाम को दक्षिण दिशा में दीपक क्यों जलाना चाहिए?

    दक्षिण दिशा में हमारे पितरों का वास होता है साथ ही यह दिशा मृत्यु के देवता यम की भी मानी जाती है। इस दिशा में मौनी अमावस्या की शाम दीपक जलाने से पितरों का आशीर्वाद आपको मिलता है और साथ ही मृत्यु के भय से भी मुक्ति मिलती है। 

  • 1:51 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    मौनी अमावस्या पर करें किताबों का दान

    ज्ञान की देवी सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए माघ अमावस्या के दिन आपको पुस्तकों का दान करना चाहिए। पुस्तकों का दान करने से आपको भी जीवन में ज्ञान की प्राप्ति होती है। 

  • 1:12 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    मौनी अमावस्या पर शनि, राहु-केतु के बुरे प्रभावों को दूर करने के लिए करें ये उपाय

    मौनी अमावस्या के दिन अगर आप मछलियों को दान डालते हैं तो आपको बेहद शुभ परिणाम जीवन में प्राप्त हो सकते हैं। मछलियों को भोजन कराने से शनि और राहु-केतु के बुरे प्रभाव दूर होते हैं और जीवन की कई परेशानियों से आपको मुक्ति मिलती है। 

  • 12:47 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    मौनी अमावस्या पर महामृत्युंज मंत्र जप के लाभ

    मौनी अमावस्या पर अगर आप महामृत्युंज मंत्र का जप करते हैं तो हर प्रकार के भय से आपको मुक्ति मिलती है। साथ ही आपके बड़े से बड़ा रोग भी ठीक हो सकता है। महामृत्युंजय मंत्र का जप करे से आपका आत्मविश्वास भी बढ़ता है और भगवान शिव की कृपा से आपको सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। 

    • महामृत्युंज मंत्र- त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धन्म। उर्वारुकमिव बन्धनामृत्येर्मुक्षीय मामृतात्॥
  • 12:07 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    अमावस्या के दिन क्या नहीं खरीदना चाहिए?

    अमावस्या के दिन कुछ चीजों को खरीदना वर्जित माना जाता है। जैसे- तेल, नया वाहन, गेहूं, आटा, सरसों का तेल, नमक। माना जाता है कि अमावस्या के दिन इन चीजों को खरीदने से घर में दरिद्रता आ सकती है। 

  • 11:40 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के अवसर पर स्नान करने आए श्रद्धालुओं पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाई गईं

  • 11:16 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    मौनी अमावस्या के बाद माघ माह का अगला पवित्र स्नान कब है?

    माघ मेले के 6 प्रमुख स्नानों में से तीसरा आज यानि मौनी अमावस्या के दिन किया जा रहा है। वहीं इसके बाद चौथा और अगला स्नान बसंत पंचमी के दिन 23 जनवरी को किया जाएगा। इस दिन भी भक्त पवित्र नदियों में डूबकी लगाएंगे। 

  • 10:52 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya: मौनी अमावस्या के दिन तुलसी और लक्ष्मी जी की विशेष पूजा

    मौनी अमावस्या के दिन आपको तुलसी और देवी लक्ष्मी की पूजा करने से भी लाभ मिलता है। मौनी अमावस्या की रात्रि में आपको तुलसी के सामने घी का एक दीपक जलाना चाहिए और फिर पूजा स्थल पर लक्ष्मी जी की पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान श्री सूक्त का पाठ आपको करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से माता लक्ष्मी धन-धान्य से आपकी झोली भर देती हैं। 

  • 10:44 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर मंत्र जप करने से क्या लाभ मिलता है?

    मौनी अमावस्या के दिन मंत्र जप करने से मानसिक स्थिरता आपको प्राप्त होती है। आपके मन की हलचल कम होने से आपको आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति होती है। भय, रोग और दोष भी मंत्र जप से दूर होते हैं। 

  • 10:27 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    मौनी अमावस्या के दिन इन 5 को खिलाएं घर में बना भोजन

    मौनी अमावस्या के पवित्र दिन पर आपको  गाय, कुत्ते, कौवे, चींटी और किसी ब्राह्मण को घर में बना खिलाना चाहिए। इसे पंचबलि भी कहा जाता है। इन पांच को भोजन करवाने से आपके जीवन के सभी दुख और शोक दूर होते हैं और पितृ भी प्रसन्न होते हैं। 

  • 9:57 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    मौनी अमावस्या पर काले तिल का दान क्यों करना चाहिए?

    मौनी अमावस्या के दिन काले तिल का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन काले तिल का दान करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है। साथ ही काले तिल का दान करन से पितृ भी प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

  • 9:29 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या की पूजा से क्या लाभ मिलते हैं?

    • पितृ दोष से मुक्ति
    • घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है
    • सुख-समृद्धि की आपको प्राप्ति होती है
    • आध्यात्मिक उत्थान आपको मिलता है
    • करियर और सामाजिक स्तर पर शुभ फल मिलते हैं
  • 8:38 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya: मौनी अमावस्या के दिन क्या करना चाहिए?

    मौनी अमावस्या के दिन आपको नीचे दिए गए कार्य करें- 

    • सुबह के समय स्नान 
    • पूरे दिन या फिर दिन में कुछ घंटों के लिए मौन व्रत रखें 
    • यथासंभल अन्न, धन, वस्त्र आदि का दान करें
    • कुछ देर ईश्वर का ध्यान करें
    • पितरों का स्मरण करें और पितृदान करें 
    • किसी मंदिर, अनाथालय या वृद्धाश्रम में जानकर सेवादान करें
  • 8:29 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर बाल धो सकते हैं या नहीं?

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या तिथि के दिन बाल नहीं धोने चाहिए। माना जाता है कि अमावस्या के दिन बाल धोने से नकारात्मकता आप पर हावी हो सकते हैं। साथ ही ऐसा करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी कमजोर होती है और ऊर्जा का संतुलन भी बिगड़ने लगता है। खासकर महिलाओं और उन लोगों को इस दिन बाल नहीं धोने चाहिए जिनका चंद्रमा कमजोर हो। 

  • 8:15 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya: मौनी अमावस्या के मौन व्रत का पारण कैसे होता है?

    अगर आपने मौनी अमावस्या पर मौन व्रत रखा है तो इसका पारण आपको रात्रि के समय या फिर अगले दिन की सुबह करना चाहिए। मौन व्रत का पारण आपको किसी मंत्र का जप करने से करना चाहिए। आप गायत्री मंत्र या फिर महामृत्युंजय मंत्र का जप कर सकते हैं। 

  • 7:52 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya Par Chandrama Gochar: मौनी अमावस्या पर चंद्र गोचर से 3 राशियों को लाभ

    मौनी अमावस्या के दिन चंद्रमा धनु राशि से निकलकर मकर में गोचर कर जाएंगे। मकर राशि में ये सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल के साथ पंचग्रही योग भी बनाएंगे। चंद्रमा के इस गोचर से 3 राशियों को लाभ होगा। ये राशियां हैं मेष, कर्क और तुला। इन राशियों को पारिवारिक जीवन में सुख मिलेगा और करियर के क्षेत्र में उन्नति ये लोग पाएंगे। चंद्रमा के गोचर से इनको मानसिक शांति भी प्राप्त हो सकती है। 

  • 7:38 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya Mantra: मौनी अमावस्या पर आत्मशुद्धि के लिए करें इन मंत्रों का जप

    • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

    • ॐ सूर्याय नम: या ॐ घृणि सूर्याय नम:

    • ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्

    • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्

     

  • 7:23 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर पितृ कृपा के लिए करें इन मंत्रों का जप

    • ॐ पितृभ्य: नम:
    • ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः
    • ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः पितृगणाय च नमः
    • ॐ पितृगणाय विद्महे, जगत धारिणी धीमहि, तन्नो पितृ प्रचोदयात्
  • 7:02 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर माघ मेले का तीसरा शाही स्नान, जानें इसका महत्व

    प्रयागराज की ही वो धरती है जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम हुआ है। तीनों पवित्र नदियों के संगम की वजह से ही यहां स्नान-दान का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। कहते हैं कि 45 दिनों तक लगने वाले इस मेले में व्यक्ति दान, पुण्य कर के अपने पाप कर्मों से मुक्ति पा सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ माह में गंगा स्नान करने से व्यक्ति जन्म-मरण के बंधनों से मुक्त हो जाता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। माघ माह में स्नान-दान के अलावा पूजा-पाठ, यज्ञ, जप और होम का खास महत्व है। ऐसा करने से समस्त देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। 

  • 6:47 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya: मौनी अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू नदी में पवित्र स्नान करते हुए

  • 6:31 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या के दिन माघ मेले का तीसरा शाही स्नान शुरू

    मौनी अमावस्या के दिन माघ मेले का तीसरा शाही स्नान शुरू हो चुका है। गंगा-यमुना जैसी पवित्र नदियों के तट पर भारी संख्या में भक्त डुबकी लगा रहे हैं। आज के दिन स्नान-दान और पितरों का तर्पण करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। 

  • 12:02 AM (IST) Posted by Arti Azad

    मौनी अमावस्या पर पीपल के पेड़ की पूजा

    मौनी अमावस्या पर तुलसी की तरह पीपल के पेड़ की पूजा भी अत्यंत ही शुभ और फलदायी मानी गई है। ऐसे में मौनी अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष में दूध मिला जल अर्पित करने के साथ दीपदान और परिक्रमा अवश्य करें। 

     

  • 11:50 PM (IST) Posted by Arti Azad

    मौनी अमावस्या पर पितृकवच का पाठ

    पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए व्यक्ति को मौनी अमावस्या वाले दिन स्नान-ध्यान के बाद विशेष रूप से पितृसूक्त या पितृकवच का पाठ करना चाहिए।  मौनी अमावस्या के दिन पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए सायंकाल अपने घर के दक्षिण दिशा में सरसों के ​तेल का चौमुखा दीया जलाना चाहिए। 

  • 11:16 PM (IST) Posted by Arti Azad

    पितरों की पूजा के लिए उत्तम

    मौनी अमावस्या के पर्व को पितरों की पूजा के लिए उत्तम माना गया है। ऐसे में इस दिन विशेष रूप से पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान आदि करना चाहिए। यदि ये न संभव हो पाए तो पितरों के निमित्त अन्न, धन और गरम वस्त्र का दान करें। 

     

  • 11:03 PM (IST) Posted by Arti Azad

    मौनी अमावस्या के दिन तुलसी पूजन

    मौनी अमावस्या के दिन शाम के समय तुलसी जी के पास शुद्ध घी का दीपक जलाएं , परिक्रमा करके सुख-समृद्धि की कामना करें। हिंदू धर्म में तुलसी जी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है, ऐसे में धन की देवी को प्रसन्न करने के लिए यह उपाय करना न भूलें। 

  • 10:22 PM (IST) Posted by Arti Azad

    मौनी अमावस्या पर मौन और गंगा स्नान का महत्व

    मौनी अमावस्या पर मौन और गंगा स्नान का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है। हिंदू मान्यता के अनुसार मौन रहकर साधना करने पर मनुष्य का मन संतुलित रहता है और उसके भीतर सकारात्मक उर्जा बनी रहती है। मौन साधना करने पर व्यक्ति को वाणी से संबंधित किसी प्रकार का कोई दोष नहीं लगता है। 

     

  • 9:46 PM (IST) Posted by Arti Azad

    मौनी अमावस्या: माघ मेले का सबसे बड़ा स्नान पर्व

    तीर्थराज प्रयागराज का संगम अक्षय क्षेत्र है, विज्ञान की भाषा है। यह एक ऐसा उर्जा क्षेत्र है, जहां पर जल, वायु, वातावरण की दिव्यता मौनी अमावस्या पर देखी जा सकती है। माघ मेले का सबसे बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या ही है, करोड़ों श्रद्धालु मौनी अमावस्या पर दान-पुण्य कर्म करते देखे जाते हैं।

     

  • 9:08 PM (IST) Posted by Arti Azad

    स्नान, दान और पितरों को भोजन करें अर्पित

    गरुड़ पुराण में कहा गया है कि अमावस्या के दिन पितर अपने वंशजों से मिलने जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर पवित्र नदी में स्नान, दान और पितरों को भोजन अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद देते हैं।

     

  • 8:50 PM (IST) Posted by Arti Azad

    मौनी अमावस्या पर तिल का दान

    माना जाता है कि मौनी अमावस्या के दिन दिन त्रिवेणी या गंगा जैसे पवित्र नदियों में स्नान कर दान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। मौनी अमावस्या के दिन स्नान के बाद तिल, तिल के लड्डू, तिल का तेल, आंवला और कंबल का दान करने से जीवन में सुख समृद्धि बढ़ती है। इस दिन पितरों का श्राद्ध करने से उनका आशीर्वाद मिलता है।

  • 8:30 PM (IST) Posted by Arti Azad

    माघ मास की अमावस्या

    माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। कहते हैं इसी दिन ऋषि, मनु का जन्म हुआ था। इस दिन मौन व्रत रखने की भी परंपरा है। 

     

  • 7:53 PM (IST) Posted by Arti Azad

    मौनी अमावस्या पर पंचग्रहीय योग

    मौनी अमावस्या पर मकर राशि में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र के साथ दिन में 4:39 पर चंद्रमा का मिलन से पंचग्रहीय योग बन रहा है, जिसके कारण ब्रह्माण्ड की शुभ ऊर्जा के जरिए भाग्य परिवर्तन का द्वार खुलेगा। मकर राशि में पांच ग्रह सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, शुक्र के साथ मिथुन राशि में देवगुरु बृहस्पति, कुंभ राशि का राहु, सिंह राशि का केतु और मीन राशि का शनि, 18 तारीख को पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र सुबह 10:15 तक रहेगा, उसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र प्रारम्भ होगा। अमावस्या देर रात 1:18 मिनट तक रहेगी।

     

  • 7:36 PM (IST) Posted by Arti Azad

    मौनी अमावस्या के महाउपाय (Mauni Amavasya Ke Upay)

    • मौनी अमावस्या पर मौन रहकर गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करने से मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। मौन रहकर साधना करने पर मन संतुलित रहता है और वाणी से संबंधित किसी प्रकार का कोई दोष नहीं लगता।
    • मौनी अमावस्या के दिन विशेष रूप से पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान आदि करना चाहिए। अगर ये संभव न हो पाए तो पितरों के निमित्त अन्न, धन और गरम वस्त्र का दान करें। 
    • मौनी अमावस्या के दिन स्नान के बाद गंगाजल में कुश और काले तिल मिलाकर पितरों का तर्पण करने से पितृदोष शांत होता है।
    • पितरों की कृपा पाने के लिए पितृ सूक्त या पितृ कवच का पाठ करें और शाम को घर की दक्षिण दिशा में सरसों तेल का चौमुखा दीपक जलाएं।
    • मौनी अमावस्या की शाम को तुलसी के पास घी का दीपक जलाकर परिक्रमा करें, इस उपाय से धन की देवी को प्रसन्न होगी। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा भी बहुत फलदायी मानी गई है, पीपल के वृक्ष में दूध मिला जल अर्पित कर दीपदान करें।
    • सनातन परंपरा में पूजा का पुण्यफल पाने के लिए दान को उत्तम माना है। मौनी अमावस्या पर सामर्थ्य अनुसार गर्म कपड़े, अन्न, भोजन और धन का दान करें। दिव्यांगों को काले कंबल,काले जूते, चाय पत्ती, काली उड़द दाल के दान से कुंडली के शनि, राहु-केतु दोष दूर होते हैं। 
    • मौनी अमावस्या के दिन दान को गुप्त रूप से करना श्रेष्ठ माना जाता है, बिना किसी को बताए किया गया दान कई गुना पुण्य फल देता है।
  • 6:20 PM (IST) Posted by Arti Azad

    मौनी अमावस्या 2026 के बाद चमकेगा इन राशियों का भाग्य

    मौनी अमावस्या पर बुध और मंगल की युति से युति दृष्टि राजयोग बन रहा है। इसका का प्रभाव कुछ राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा।

    1. मौनी अमावस्या पर बना युति दृष्टि योग मिथुन राशि वालों के लिए अनुकूल रहेगा। 18 जनवरी के बाद यात्रा से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा लोगों को नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं और नई जॉब की तलाश कर रहे जातकों को अच्छी खबर मिल सकती है। वैवाहिक जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी और रिश्तों को प्राथमिकता देने से घर का माहौल भी बेहतर होगा।
    2. धनु राशि के जातकों के लिए यह योग बेहद शुभ साबित होगा। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारियों की नई डील्स फाइनल होने से आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। साथ ही परिवार और करीबियों के साथ समय बिताने से मानसिक शांति और संतोष महसूस होगा।
    3. मौनी अमावस्या के बाद कुंभ राशि वालों को हर कार्य में भाग्य का सहयोग मिलेगा। कारोबारियों को नए अवसर मिलेंगे और युवा वर्ग भविष्य के लिए अच्छी बचत करने में सफल होगा। दूर के मित्रों के साथ मेल-जोल बढ़ेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी समय अनुकूल रहेगा, खासतौर पर बुजुर्ग जातकों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी।
  • 5:45 PM (IST) Posted by Arti Azad

    मौनी अमावस्या पर मौन व्रत क्यों रखा जाता है?

    मौन व्रत का मुख्य उद्देश्य आत्मसंयम और मन की शुद्धि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मौन रहने से वाणी की शक्ति बढ़ती है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं। यह व्रत साधु-संतों के साथ-साथ गृहस्थ जीवन जीने वाले लोग भी रख सकते हैं। मौन व्रत से ध्यान और साधना में एकाग्रता आती है।

  • 5:25 PM (IST) Posted by Arti Azad

    मौनी अमावस्या का धार्मिक महत्व

    शास्त्रों के अनुसार अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है। माघ मास की अमावस्या को सभी अमावस्याओं में श्रेष्ठ माना गया है। इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पितृ तर्पण करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही जप, तप और ध्यान करने से साधक को आध्यात्मिक बल और मानसिक शांति मिलती है।

  • 4:31 PM (IST) Posted by Arti Azad

    मौनी अमावस्या पर मौन व्रत के प्रमुख नियम

    पहला नियम: सुबह उठने से लेकर स्नान करने तक पूर्ण मौन रखें। स्नान के बाद ही वाणी का प्रयोग करें और हरि भजन करें।
    दूसरा नियम: पूरे दिन का मौन व्रत संकल्प के साथ किया जाता है। संकल्प के बाद एक भी शब्द बोलने पर व्रत टूट जाता है और दोष लगता है। इसलिए यह व्रत पूरी निष्ठा और एकांत में करना चाहिए।

  • 3:48 PM (IST) Posted by Arti Azad

    मौनी अमावस्या व्रत की विधि (Mauni Amavasya Vrat Vidhi)

    • प्रातःकाल गंगा स्नान करना अत्यंत शुभ माना गया है।
    • गंगा स्नान संभव न हो, तो स्नान जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
    • स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
    • इसके बाद पितरों का तर्पण करें।
    • भगवान की पूजा कर मौन व्रत का संकल्प लें।
    • पूरे दिन मौन रहकर जप, ध्यान और साधना करें।
    • अमावस्या तिथि समाप्त होने पर भगवान का नाम जपते हुए व्रत पूर्ण करें।
  • 3:14 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya: मौनी अमावस्या पर ईशान कोण में करें ध्यान

    मौनी अमावस्या के दिन ईशान कोण में ध्यान करने से आपको ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है और साथ ही आध्यात्मिक ऊर्जा में वृद्धि होती है। ईशान कोण उत्तर-पूर्व दिशा को कहते हैं और माना जाता है कि इस दिशा में देवी देवता निवास करते हैं। 

  • 2:33 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya: मौनी अमावस्या पर बुधादित्य योग का इन 3 राशियों को मिलेगा लाभ

    मौनी अमावस्या के दिन बुध और सूर्य मकर राशि में युति में होंगे जिसके चलते बुधादित्य योग का निर्माण होगा। इस योग के बनने से राशि चक्र की तीन राशियों मेष, तुला और मीन को लाभ मिल सकता है। इनकी आर्थिक स्थिति सुधर सकती है और साथ ही पारिवारिक जीवन में भी खुशियां आ सकती हैं। 

  • 1:47 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Amavasya: माघ अमावस्या पर किताबों के दान से करें मां सरस्वती को प्रसन्न

    अगर आप ज्ञान की देवी माता सरस्वती को प्रसन्न करना चाहते हैं तो माघ अमावस्या पर आपको किताब, पेंसिल और शिक्षा से संबंधित चीजों का दान जरूरतमंद बच्चों को करना चाहिए। ऐसा करने से आपको ज्ञान और विवेक की प्राप्ति होती है। 

  • 1:22 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर दुर्लभ योग

    साल 2026 में मौनी अमावस्या के दिन अर्धोदय योग बनने जा रहा है। स्कंदपुराण में वर्णित है कि इस योग के अमावस्य के दिन बनने से हर जगह का जल गंगाजल के समान हो जाता है। ऐसे में इस योग के दौरान किसी भी जलाशय में स्नान करके आप पुण्य फल प्राप्त कर सकते हैं। 

  • 1:06 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya: मौनी अमावस्या पर पितरों की पूजा कैसे करें?

    मौनी अमावस्या पर पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और दान आपको करना चाहिए। इस दिन पितरों का स्मरण करते हुए कंबल, कपड़े, जूते-चप्पल, छाता आदि का दान भी आप अवश्य करें। ये कार्य करने से पितरों का आशीर्वाद आप पर बरसता है और पितृ प्रसन्न होते हैं। 

  • 12:16 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya: मौनी अमावस्या के दिन क्या कपड़े धोने चाहिए?

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या और पूर्णिमा जैसी तिथियां धार्मिक कार्यों, स्नान, दान आदि के लिए होती हैं। इस दिन स्वयं से ज्यादा आपको प्रभु का ध्यान करना चाहिए। इसलिए अमावस्या के दिन कपड़े धोना सही नहीं माना जाता। धार्मिक मत के अनुसार, अमावस्या के दिन कपड़े धोने से माता लक्ष्मी रूठ जाती हैं। 

  • 11:57 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya: मौनी अमावस्या पर पीपल की पूजा क्यों करते हैं?

    मौनी अमावस्या के दिन पितरों की पूजा करने का विधान है और माना जाता है कि हमारे पितृ पीपल के पेड़ पर निवास करते हैं। ऐसे में मौनी अमावस्या के दिन अगर आप पीपल के पेड़ की पूजा करते हैं, पीपल की सात बार परिक्रमा करते हैं और पीपल तले दीपदान करते हैं तो आपको पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। 

  • 11:30 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya Puja Vidhi: मौनी अमावस्या के दिन इस विधि से करें पूजा

    ब्रह्म मुहूर्त में उठें।
    स्नान-ध्यान करें और सूर्य देव को जल का अर्घ्य दें। 
    पूजा स्थल पर बैठकर दीपक जलाएं और व्रत का संकल्प लें। 
    इसके बाद विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा और मंत्रों का जप करें। 
    संभव हो तो ज्यादा से ज्यादा इस दिन व्रत के दौरान मौन रहें। 
    व्रत रखने वाले दिन में सोने से बचें और दिन में ईश्वर का ध्यान करें। 
    इस दिन व्रत रखने वालों को पूजा 
    शाम के समय भी धूप दीप जलाकर भगवान विष्णु, माता गंगा, पितरों आदि की पूजा करें। 

  • 10:52 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर इस दिशा में जरूर जलाएं दीपक, पितृ होंगे प्रसन्न

    मौनी अमावस्या को पितरों की कृपा प्राप्त करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन आपको दक्षिण दिशा में चौमुखी दीपक जरूर जलाना चाहिए। ऐसा करने से आप पर पितरों का आशीर्वाद बना रहता है और साथ ही घर में सुख-समृद्धि आती है। आपको बता दें कि दक्षिण दिशा में पितरों का वास माना जाता है। 

  • 10:14 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान करने से क्या फल मिलते हैं?

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ माह की अमावस्या को यानि मौनी अमावस्या को पवित्र नदियों में स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ जितना शुभ फल प्राप्त होता है। इसके साथ ही आपकी आध्यात्मिक उन्नति भी होती है और पितरों का आशीर्वाद भी आपको प्राप्त होता है। 

  • 9:33 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya: मौनी अमावस्या के दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए करें इस मंत्र का जप

    मौनी अमावस्या के दिन नीचे दिए गए मंत्र का जप करने से पितरों का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है। 

    • ॐ आद्य-भूताय विद्महे सर्व-सेव्याय धीमहि, शिव-शक्ति-स्वरूपेण पितृ-देव प्रचोदयात्
  • 9:02 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya Vrat Katha: मौनी अमावस्या व्रत कथा

    मौनी अमावस्या व्रत कथा  

    मौनी अमावस्या की पौराणिक कथा के अनुसार, कांचीपुरी नाम के एक नगर में देवस्वामी नाम का एक ब्राह्मण अपने परिवार के साथ रहा करता था। देवस्वामी की पत्नी का नाम धनवती था। इन दोनों के 7 पुत्र और गुणवती नाम की एक पुत्री थी। जब सातों पुत्र और पुत्री युवावस्था में आए तो देवस्वामी ने सबसे पहले पुत्री के विवाह करवाने का मन बनाया। इसके लिए देवस्वामी ने सबसे पहले छोटे पुत्र के पास बेटी की कुंडली दी और उसे किसी योग्य पंडित से दिखाने के लिए कहा। छोटे पुत्र ने ऐसा ही किया वह अपनी बहन गुणवती की कुंडली एक विद्वान ज्योतिष के पास ले गया। ज्योतिषाचार्य ने भविष्यवाणी की कि गुणवती के विवाह के तुरंत बाद उसके पति की मृत्यु हो गई। इस भविष्यवाणी से व्यथित होकर देवस्वामी ने एक स्वामी से सलाह ली। तब स्वामी ने कहा कि सिंहल नामक द्वीप पर सोमा धोबिन नाम की एक पतिव्रता स्त्री रहती है, अगर वो गुणवती के विवाह से पूर्व घर आकर पूजा करने और अपना आशीर्वाद गुणवती को दे तो दोष दूर हो जाएगा। यह बात सुनकर देवस्वामी ने अपनी पुत्री और छोटे पुत्र को सिंहल द्वीप पर भेज दिया। 

    गुणवती और उसका छोटा भाई यात्रा के दौरान विश्वाम करने के लिए समुद्र के किनारे एक पीपल के पेड़ के पास विश्राम कर रहे थे। इसी पीपल के पेड़ पर एक गिद्ध का परिवार रहता था। जब गुणवती और उसका भाई पेड़ के नीचे थे तो गिद्ध के घोसले में केवल उसके बच्चे थे। गिद्ध के बच्चों ने भाई-बहनों के वार्तालाप को सुना और यह भी जाना कि वो सिंहल द्वीप पर जाने की बात कर रहे हैं और रास्ते का उन्हें ठीक से पता नहीं है। शाम के समय जब गिद्ध बच्चों के लिए भोजन लेकर आया तो बच्चों ने पूरी बात गिद्ध को बताई। यह जानकर गिद्ध ने बच्चों को भोजन करवाया और दोनों भाई-बहनों की मदद करने का मन बना लिया। इसके बाद गिद्ध की मदद से दोनों भाई-बहन सिंहल द्वीप पर पुहंचे। 

    गुणवती और उसका भाई छुपकर सोमा धोबिन के पास रहने लगे। सोमा धोबिन का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए गुणवती रोज सुबह सोमा धोबिन का आंगन लीप दिया करती थी। हालांकि, इस बारे में सोमा धोबिन को कुछ पता नहीं था। एक दिन सोमा धोबिन ने अपनी बहुओं से जानने की कोशिश की कि सुबह के समय कौन घर में लिपाई कर देता है। बहुओं ने प्रशंसा पाने के लिए झूठ बोल दिया कि हमारे अलावा ये काम कौन कर सकता है। लेकिन सोमा धोबिन जानती थी कि ये उसकी बहुओं का काम नहीं है। सच जानने के लिए कि कौन सूर्योदय से पहले घर लीप जाता है सोमा धोबिन पूरी रात नहीं सोई। भोर के समय सोमा ने देखा कि एक कन्या उसके आंगन की लीपाई कर रही है। सोमा दौड़कर गुणवती के निकट गई और पूछा कि, तुम मेरे आंगन की लिपाई क्यों कर रही हो? गुणवती ने इसके बाद सारी बाद सोमा को बताई। सोमा धोबिन ने गुणवती की बात को सुनकर कहा कि तुम्हारे सुहाग की रक्षा के लिए में अवश्य तुम्हारे साथ तुम्हारे घर चलूंगी।

    इसके बाद सोमा धोबिन दोनों भाई बहनों के साथ गुणवती के घर पहुंची और वहां जाकर उसने पूजा की। लेकिन विधि का विधान टल नहीं सकता इसलिए गुणवती के विवाह के बाद उसके पति की मृत्यु गई। इसके बाद सोमा धोबिन ने अपने पुण्य गुणवती को दान स्वरूप दिए जिसके बाद गुणवती का पति मृत्यु की गोद से निकलकर जीवित हो गया। पुण्य की कमी होने के कारण सोमा के पति और बेटे का देहांत हो गया। हालांकि, सोमा ने अपने घर से निकलने से पहले अपनी बहुओं को सख्त निर्देश दिया था कि जब तक मैं घर न लौटूं तब तक पति और बेटे को कुछ भी हो जाए उनके शरीर को संभालकर ही रखना। सोमा धोबिन की बहुओं ने सास के निर्देशों का पालन किया और बेटे और पति के शरीर को संभाले रखा। वहीं सोमा ने सिंहल द्वीप पहुंचने से पहले रास्ते में ही एक वट वृक्ष यानि पीपल के पेड़ की छांव में बैठकर भगवान विष्णु की पूजा की और 108 बार पेड़ की परिक्रमा पूरी की। ऐसा करने से सोमा धोबिन को पुण्य की प्राप्ति हुई। जब सोमा धोबिन घर पहुंची तो उसके पुण्य के प्रताप से बेटे और पति पुन: जीवित हो गए। 

  • 8:36 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya Daan: माघ अमावस्या पर इन चीजों का दान करना शुभ

    • अन्न का दान 
    • जल का दान 
    • वस्त्रों का दान
    • तांबे के पात्र का दान 
    • किताबों का दान 
    • घी का दान
    • धन का दान 
    • सेवा दान
    • दीपदान 
  • 8:16 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर भगवान विष्णु के इन मंत्रों के जप से मिलेगी मानसिक शांति

    • ॐ विष्णवे नमः
    • ॐ हूं विष्णवे नमः
    • ॐ नमो नारायण
    • त्रिविक्रमाय नमः
    • पद्मनाभाय नमः
  • 7:50 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya: मनोकामनाओं होंगी पूरी अगर मौनी अमावस्या पर गुप्त रूप से करेंगे इस चीज का दान

    मौनी अमावस्या के दिन अगर आप काले तिल का दान करते हैं तो पितृ दोष से आपको मुक्ति मिलती है, आप चाहें तो गुप्त रूप से किसी मंदिर में भी काले तिल का दान कर सकते हैं। इस दिन काले तिल मिश्रित जल से शिवलिंग का जलाभिषेक करने से भी आपकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 

  • 7:42 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या के दिन क्या नहीं करना चाहिए?

    मौनी अमावस्या के दिन आपको गलती से भी मांस, मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। 
    इस दिन जानवरों पर अत्याचार करने से बचें नहीं तो पितृ दोष लग सकता है। 
    इस दिन किसी के भी साथ वाद-विवाद और झगड़ा आपको नहीं करना चाहिए। 
    काम, क्रोध और लोभ को इस दिन खुद पर हावी न होने दें। 
    माघ अमावस्या के दिन घर में गलती से भी गंदगी न रखें। 

  • 6:59 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर क्या करें?

    • आपको मौनी अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए और साथ ही अपने इष्ट देवी-देवता की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन की सभी परेशानियां दूर होने लगती हैं। 
    • पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान करना और पितरों की आराधना अगर आप इस दिन करते हैं तो आपको पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है। 
    • इस दिन आपको जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, धन का दान करना चाहिए। ऐसा करना पुण्य फलदायक होता है। 
    • पितरों के निमित्त इस दिन आपको दक्षिण दिशा में चौमुखी दीपक जलाना चाहिए। 
    • इस दिन पंचबली देने से भी शुभ फल प्राप्त होते हैं। पंचबली का अर्थ है कि घर में बनाए गए भोजन को गाय, कुत्ते, कौवे, चींटी और किसी ब्राह्मण को खिलाना। 
    • मौनी अमावस्या के दिन आपको पीपल के पेड़ की आराधना करनी चाहिए और साथ ही इसकी परिक्रमा करनी चाहिए। ऐसा करना पितरों को प्रसन्न करता है। 
    • इस दिन मौन व्रत रखना भी शुभ माना जाता है, ऐसा करने से आध्यात्मिक उन्नति आपको प्राप्त होती है। इसके साथ ही ध्यान और प्राणायाम भी आप इस दिन अवश्य करें। 
  • 6:42 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mauni Amavasya Par Grahon Ka Durlabh Sanyog: मौनी अमावस्या पर बनेगा ग्रहों को दुर्लभ संयोग

    मौनी अमावस्या 18 जनवरी के दिन ग्रहों का दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। इस दिन मकर राशि में पांच ग्रह सूर्य, बुध, शुक्र, मंगल और चंद्रमा पंचग्रही योग बनाएंगे। इस योग के बनने से पूजा-पाठ और दान का और अधिक लाभ आप पा सकते हैं।