Mauni Amavasya 2026 Timing Live: मौनी अमावस्या कब है? जान लें जनवरी की अमावस्या का टाइम और पूजा विधि
Mauni Amavasya 2026 Shubh Muhurt: मौनी अमावस्या के पवित्र दिन पर स्नान-दान के साथ ही पूजा का शुभ मुहूर्त कब होगा और इस दिन आपको किन नियमों का पालन करना चाहिए, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

Mauni Amavasya 2026 Shubh Muhurat Live: मौनी अमावस्या या माघ अमावस्या का दिन धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से, दान करने से और भगवान विष्णु के साथ ही पितरों की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। मौनी अमावस्या के दिन पूजा, तर्पण, स्नान, दान आदि के लिए शुभ मुहूर्त कब रहेगा इसके बारे में हम आपको जानकारी देंगे और साथ ही बताएंगे किन इस दिन किस विधि से आपको पूजा, स्नान करने चाहिए और किन चीजों का दान करना इस दिन शुभ माना जाता है।
मौनी अमावस्या पर स्नान-दान का शुभ मुहूर्त ( Mauni Amavasya Snan Daan Muhurt)
ब्रह्म मुहूर्त: 05:32 AM से 06:23 AM तक
प्रात: संध्या: 05:58 AM से 07:15 AM तक
अभिजीत मुहूर्त: 12:27 PM से 01:11 PM तक
पितरों का तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान के लिए शुभ मुहूर्त: 11:30 AM से 02:30 AM तक
मौनी अमावस्या पर स्नान की विधि और नियम
मौनी अमावस्या के दिन ऊपर बताए गए शुभ मुहूर्तों में आप स्नान कर सकते हैं। अगर आप किसी पवित्र नदी में स्नान करने वाले हैं तो 3 डुबकियां लगाने के बाद सूर्य की ओर मुख करके आपको हाथों में जल लेकर अर्घ्य देना चाहिए। इस दौरान अपने इष्ट देव और पितरों का स्मरण आपको करना चाहिए। वहीं जो लोग घर पर ही स्नान करने वाले हैं उन्हें नहाने के जल में गंगाजल अर्पित करना चाहिए और इसके स्नान करना चाहिए। स्नान करने के बाद एक तांबे के पात्र में जल, तिल, फूल आदि डालकर सूर्य देव को जल का अर्घ्य देना चाहिए। जल का अर्घ्य देने के बाद कुछ समय तक आपको मौन रहना चाहिए। इस दिन पूरे दिन या कुछ घंटों के लिए भी अगर आप मौन रहते हैं तो शुभ फलों की प्राप्ति आपको होती है।
Live updates : Mauni Amavasya 2026 Shubh Muhurat Live: मौनी अमावस्या पर इस शुभ मुहूर्त में करें स्नान-दान, जानिए स्नान की विधि और नियम
- January 17, 2026 10:14 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान करने से क्या फल मिलते हैं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ माह की अमावस्या को यानि मौनी अमावस्या को पवित्र नदियों में स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ जितना शुभ फल प्राप्त होता है। इसके साथ ही आपकी आध्यात्मिक उन्नति भी होती है और पितरों का आशीर्वाद भी आपको प्राप्त होता है।
- January 17, 2026 9:33 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Mauni Amavasya: मौनी अमावस्या के दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए करें इस मंत्र का जप
मौनी अमावस्या के दिन नीचे दिए गए मंत्र का जप करने से पितरों का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है।
- ॐ आद्य-भूताय विद्महे सर्व-सेव्याय धीमहि, शिव-शक्ति-स्वरूपेण पितृ-देव प्रचोदयात्
- January 17, 2026 9:02 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Mauni Amavasya Vrat Katha: मौनी अमावस्या व्रत कथा
मौनी अमावस्या व्रत कथा
मौनी अमावस्या की पौराणिक कथा के अनुसार, कांचीपुरी नाम के एक नगर में देवस्वामी नाम का एक ब्राह्मण अपने परिवार के साथ रहा करता था। देवस्वामी की पत्नी का नाम धनवती था। इन दोनों के 7 पुत्र और गुणवती नाम की एक पुत्री थी। जब सातों पुत्र और पुत्री युवावस्था में आए तो देवस्वामी ने सबसे पहले पुत्री के विवाह करवाने का मन बनाया। इसके लिए देवस्वामी ने सबसे पहले छोटे पुत्र के पास बेटी की कुंडली दी और उसे किसी योग्य पंडित से दिखाने के लिए कहा। छोटे पुत्र ने ऐसा ही किया वह अपनी बहन गुणवती की कुंडली एक विद्वान ज्योतिष के पास ले गया। ज्योतिषाचार्य ने भविष्यवाणी की कि गुणवती के विवाह के तुरंत बाद उसके पति की मृत्यु हो गई। इस भविष्यवाणी से व्यथित होकर देवस्वामी ने एक स्वामी से सलाह ली। तब स्वामी ने कहा कि सिंहल नामक द्वीप पर सोमा धोबिन नाम की एक पतिव्रता स्त्री रहती है, अगर वो गुणवती के विवाह से पूर्व घर आकर पूजा करने और अपना आशीर्वाद गुणवती को दे तो दोष दूर हो जाएगा। यह बात सुनकर देवस्वामी ने अपनी पुत्री और छोटे पुत्र को सिंहल द्वीप पर भेज दिया।
गुणवती और उसका छोटा भाई यात्रा के दौरान विश्वाम करने के लिए समुद्र के किनारे एक पीपल के पेड़ के पास विश्राम कर रहे थे। इसी पीपल के पेड़ पर एक गिद्ध का परिवार रहता था। जब गुणवती और उसका भाई पेड़ के नीचे थे तो गिद्ध के घोसले में केवल उसके बच्चे थे। गिद्ध के बच्चों ने भाई-बहनों के वार्तालाप को सुना और यह भी जाना कि वो सिंहल द्वीप पर जाने की बात कर रहे हैं और रास्ते का उन्हें ठीक से पता नहीं है। शाम के समय जब गिद्ध बच्चों के लिए भोजन लेकर आया तो बच्चों ने पूरी बात गिद्ध को बताई। यह जानकर गिद्ध ने बच्चों को भोजन करवाया और दोनों भाई-बहनों की मदद करने का मन बना लिया। इसके बाद गिद्ध की मदद से दोनों भाई-बहन सिंहल द्वीप पर पुहंचे।
गुणवती और उसका भाई छुपकर सोमा धोबिन के पास रहने लगे। सोमा धोबिन का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए गुणवती रोज सुबह सोमा धोबिन का आंगन लीप दिया करती थी। हालांकि, इस बारे में सोमा धोबिन को कुछ पता नहीं था। एक दिन सोमा धोबिन ने अपनी बहुओं से जानने की कोशिश की कि सुबह के समय कौन घर में लिपाई कर देता है। बहुओं ने प्रशंसा पाने के लिए झूठ बोल दिया कि हमारे अलावा ये काम कौन कर सकता है। लेकिन सोमा धोबिन जानती थी कि ये उसकी बहुओं का काम नहीं है। सच जानने के लिए कि कौन सूर्योदय से पहले घर लीप जाता है सोमा धोबिन पूरी रात नहीं सोई। भोर के समय सोमा ने देखा कि एक कन्या उसके आंगन की लीपाई कर रही है। सोमा दौड़कर गुणवती के निकट गई और पूछा कि, तुम मेरे आंगन की लिपाई क्यों कर रही हो? गुणवती ने इसके बाद सारी बाद सोमा को बताई। सोमा धोबिन ने गुणवती की बात को सुनकर कहा कि तुम्हारे सुहाग की रक्षा के लिए में अवश्य तुम्हारे साथ तुम्हारे घर चलूंगी।
इसके बाद सोमा धोबिन दोनों भाई बहनों के साथ गुणवती के घर पहुंची और वहां जाकर उसने पूजा की। लेकिन विधि का विधान टल नहीं सकता इसलिए गुणवती के विवाह के बाद उसके पति की मृत्यु गई। इसके बाद सोमा धोबिन ने अपने पुण्य गुणवती को दान स्वरूप दिए जिसके बाद गुणवती का पति मृत्यु की गोद से निकलकर जीवित हो गया। पुण्य की कमी होने के कारण सोमा के पति और बेटे का देहांत हो गया। हालांकि, सोमा ने अपने घर से निकलने से पहले अपनी बहुओं को सख्त निर्देश दिया था कि जब तक मैं घर न लौटूं तब तक पति और बेटे को कुछ भी हो जाए उनके शरीर को संभालकर ही रखना। सोमा धोबिन की बहुओं ने सास के निर्देशों का पालन किया और बेटे और पति के शरीर को संभाले रखा। वहीं सोमा ने सिंहल द्वीप पहुंचने से पहले रास्ते में ही एक वट वृक्ष यानि पीपल के पेड़ की छांव में बैठकर भगवान विष्णु की पूजा की और 108 बार पेड़ की परिक्रमा पूरी की। ऐसा करने से सोमा धोबिन को पुण्य की प्राप्ति हुई। जब सोमा धोबिन घर पहुंची तो उसके पुण्य के प्रताप से बेटे और पति पुन: जीवित हो गए।
- January 17, 2026 8:36 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Mauni Amavasya Daan: माघ अमावस्या पर इन चीजों का दान करना शुभ
- अन्न का दान
- जल का दान
- वस्त्रों का दान
- तांबे के पात्र का दान
- किताबों का दान
- घी का दान
- धन का दान
- सेवा दान
- दीपदान
- January 17, 2026 8:16 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर भगवान विष्णु के इन मंत्रों के जप से मिलेगी मानसिक शांति
- ॐ विष्णवे नमः
- ॐ हूं विष्णवे नमः
- ॐ नमो नारायण
- त्रिविक्रमाय नमः
- पद्मनाभाय नमः
- January 17, 2026 7:50 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Mauni Amavasya: मनोकामनाओं होंगी पूरी अगर मौनी अमावस्या पर गुप्त रूप से करेंगे इस चीज का दान
मौनी अमावस्या के दिन अगर आप काले तिल का दान करते हैं तो पितृ दोष से आपको मुक्ति मिलती है, आप चाहें तो गुप्त रूप से किसी मंदिर में भी काले तिल का दान कर सकते हैं। इस दिन काले तिल मिश्रित जल से शिवलिंग का जलाभिषेक करने से भी आपकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
- January 17, 2026 7:42 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या के दिन क्या नहीं करना चाहिए?
मौनी अमावस्या के दिन आपको गलती से भी मांस, मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
इस दिन जानवरों पर अत्याचार करने से बचें नहीं तो पितृ दोष लग सकता है।
इस दिन किसी के भी साथ वाद-विवाद और झगड़ा आपको नहीं करना चाहिए।
काम, क्रोध और लोभ को इस दिन खुद पर हावी न होने दें।
माघ अमावस्या के दिन घर में गलती से भी गंदगी न रखें। - January 17, 2026 6:59 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर क्या करें?
- आपको मौनी अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए और साथ ही अपने इष्ट देवी-देवता की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन की सभी परेशानियां दूर होने लगती हैं।
- पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान करना और पितरों की आराधना अगर आप इस दिन करते हैं तो आपको पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
- इस दिन आपको जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, धन का दान करना चाहिए। ऐसा करना पुण्य फलदायक होता है।
- पितरों के निमित्त इस दिन आपको दक्षिण दिशा में चौमुखी दीपक जलाना चाहिए।
- इस दिन पंचबली देने से भी शुभ फल प्राप्त होते हैं। पंचबली का अर्थ है कि घर में बनाए गए भोजन को गाय, कुत्ते, कौवे, चींटी और किसी ब्राह्मण को खिलाना।
- मौनी अमावस्या के दिन आपको पीपल के पेड़ की आराधना करनी चाहिए और साथ ही इसकी परिक्रमा करनी चाहिए। ऐसा करना पितरों को प्रसन्न करता है।
- इस दिन मौन व्रत रखना भी शुभ माना जाता है, ऐसा करने से आध्यात्मिक उन्नति आपको प्राप्त होती है। इसके साथ ही ध्यान और प्राणायाम भी आप इस दिन अवश्य करें।
- January 17, 2026 6:42 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Mauni Amavasya Par Grahon Ka Durlabh Sanyog: मौनी अमावस्या पर बनेगा ग्रहों को दुर्लभ संयोग
मौनी अमावस्या 18 जनवरी के दिन ग्रहों का दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। इस दिन मकर राशि में पांच ग्रह सूर्य, बुध, शुक्र, मंगल और चंद्रमा पंचग्रही योग बनाएंगे। इस योग के बनने से पूजा-पाठ और दान का और अधिक लाभ आप पा सकते हैं।