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Hindi News धर्म त्योहार Mauni Amavasya: मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत रखने पर क्या मिलता है फल, स्नान के बाद किस भगवान की करनी होती है पूजा?

Mauni Amavasya: मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत रखने पर क्या मिलता है फल, स्नान के बाद किस भगवान की करनी होती है पूजा?

मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत रहकर स्नान करना बेहद शुभ माना गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन मौन व्रत रखने पर क्या फल मिलता है?

Mahakumbh 2025- India TV Hindi Image Source : META AI मौनी अमावस्या

Mauni Amavasya Snan Benefits: मौनी अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है, इस दिन को पवित्रता, तपस्या और आत्मशुद्धि का प्रतीक माना गया है। आज यानी 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर दुर्लभ त्रिवेणी योग बन रहा है, ऐसे में इस दिन स्नान व दान का महत्व बढ़ गया है। जानकारी दे दें कि मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत रखने का खासा महत्व बताया गया है। मौनी अमावस्या को मौन व्रत के जरिए जातक आत्मसंयम रखता है।

शुभ मुहूर्त का समय

मौनी अमावस्या के दिन सूर्योदय से पहले मौन धारण करके स्नान करने का अधिक महत्व है। इस साल मौनी अमावस्या के स्नान के लिए शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त से शुरु है जो पूरे दिन रहेगा। आज सूर्योदय का समय पंचांग के अनुसार 7.11 बजे हैं।

क्या मिलता है मौन व्रत रखने का फल?

मौनी अमावस्या का अर्थ है मौन रहने वाली अमावस्या। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन मनु ने मौन व्रत रख कर गंगा स्नान किया था, इसके बाद ही यह परंपरा चल रही है। माना जाता है कि इस दिन मौन धारण कर पवित्र नदियों में स्नान करने से पुण्य मिलता है और जातक के पापों का नाथ हो जाता है। साथ ही उसकी आत्मा शु्द्ध होती है। गंगा को लेकर कहा जाता है कि इस दिन गंगा स्नान से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और जातक को मृत्यु पश्चात मोक्ष की प्राप्ति होती है।

होती है किस भगवान की पूजा?

मौनी अमावस्या के दिन स्नान के बाद दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इस दिन स्नान के बाद भगवान शिव और विष्णु की पूजा का विधान है। स्नान-पूजन के बाद गरीब और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन दान करना अत्यंत शुभकारी माना गया है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)