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Chaitra Navratri Upay: नवरात्रि के छठे दिन करें ये खास उपाय, मनचाही जीवन संगिनी चाहिए या करियर में तरक्की, मां कात्यायनी देंगी मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद

Chaitra Navratri Upay: चैत्र नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की उपासना होती है, इससे साधक को भय और सेहत संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिलती है। वहीं, लंबे समय जीवनसाथी की तलाश कर रहे लोगों को भी इस दिन किए गए उपाय लाभ देते हैं।

नवरात्रि के छठे दिन करें ये खास उपाय- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV नवरात्रि के छठे दिन करें ये खास उपाय

Chaitra Navratri Upay: चैत्र शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि और मंगलवार का दिन है। मंगलवार को हनुमान जी की पूजा के लिए अति उत्तम माना जाता है। इस मंगलवार स्कन्द षष्ठी मनायी जाएगी। साथ ही चैत्र नवरात्र का छठा दिन है। इस दिन देवी दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व है। मां कात्यायनी का आशीर्वाद स्वास्थ्य, भय, बाधाओं और विवाह संबंधी समस्याओं से मुक्ति दिलाता है।आचार्य इंदु प्रकाश बता रहे हैं कि इस दिन कौन से उपाय करने चाहिए, जो जीवन में चल रही समस्याओं से छुटकारा दिलाकर मनोकामनाओं की पूर्ति में सहायक होंगे। यहां जानिए मां कात्यायनी के पूजा मंत्र और उपाय, जिन्हें नवरात्रि के छठे दिन करने से साधक को बहुत लाभ मिलेगा।

कैसा है मां दुर्गा का छठा स्वरूप- मां कात्यायनी 

दरअसल, ऋषि कात्यायन के यहां जन्म लेने के कारण देवी मां को कात्यायनी के नाम से जाना जाता है। मां दुर्गा का यह स्वरूप अत्यन्त ही दिव्य है। इनका रंग सोने के समान चमकीला है। इनकी चार भुजाओं में से ऊपरी बायां हाथ तलवार में और नीचला बायां हाथ कमल के फूल में है। ऊपर वाला दायां हाथ अभय मुद्रा में है और नीचे का दायां हाथ वरदमुद्रा में है। कहते हैं मां कात्यायनी की उपासना से व्यक्ति को भय और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। इसके अलावा यह पूजा उन लोगों के लिए भी लाभकारी है जो विवाह के लिए शुभ जीवनसाथी ढूंढ रहे हैं।

मां कात्यायनी की पूजा के लिए मंत्र

सबसे पहले उपायों के साथ जप किये जाने वाले मंत्र इस प्रकार हैं -

  • सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बिके गौरी नारायणि नामोस्तुते।

नलरात्रि के छठे दिन दिए जाने वाले मुख्य उपाय 

  1. आज कुमकुम, कपूर, सिंदूर, घी, मिश्री और शहद का पेस्ट तैयार कर लें और देवी मां को तिलक लगायें। फिर इसी पेस्ट से अपने मस्तक पर भी टीका लगायें। माता के मंत्र का 11 बार जप करें।
  2. मिट्टी को घी और पानी में मिलाकर नौ गोलियां बना लें और इन्हें छाया में सुखायें। इन गोलियों को पीले सिंदूर की कटोरी में भरकर देवी मां को अर्पित करें। मंत्र का 51 बार जप करें। नवमी के दिन इन गोलियों को नदी में बहा दें। सिन्दूर को संभाल कर रखिये और जरूरी काम से जाते समय इस सिंदूर का टीका लगाइये।
  3. खेलकूद में सफलता पाने के लिए देवी मां को सिंदूर और शहद मिलाकर तिलक करें। मंत्र का 21 बार जप करें।
  4. राजनीति में सफलता पाने के लिए लाल कपड़े में 21 चूड़ियां, सिंदूर, दो जोड़ी चांदी की बिछिया, 5 गुडहल के फूल, 42 लौंग, 7 कपूर और परफ्यूम देवी के चरणों में अर्पित करें। मंत्र का एक माला यानी 108 बार जप करें।
  5. प्रतियोगिता में सफलता के लिए आज 7 प्रकार की दालों का चूरा बनाकर चीटियों को खिलायें। मंत्र का 51 बार जप करें।
  6. फिल्म या ग्लैमर की दुनिया में भाग्य आजमाने वाले देवी मां को देशी घी का तिलक लगायें और उनके सामने घी का दीपक जलायें। मंत्र का 21 बार जप करें।

अन्य विशेष उपाय

1. अगर आप निरोगी और सुंदर काया के साथ सौभाग्य की प्राप्ति करना चाहते है तो आज के दिन माता के इस मंत्र का 11 बार जप करना चाहिए। 
मंत्र इस प्रकार है-

  • देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्, रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।

2. अगर आप विवाहित हैं और आप चाहते हैं कि आपके रिश्ते की मजबूती हमेशा बरकरार रहे, आपके दाम्पत्य रिश्ते में प्यार कभी भी कम न हो, तो आज आपको स्नान आदि के बाद मां कात्यायनी की धूप-दीप, पुष्प और अनार के पत्तों से पूजा करनी चाहिए और माता के इस मंत्र का 21 बार जप करना चाहिए ।

मंत्र इस प्रकार है- 

  •  ऊँ ह्रीं कात्यायनि स्वाहा।

3. जिन लड़कों की शादी अभी तक नहीं हुई है और जो अपने लिये सुंदर, सुशील लड़की या कहें जीवन संगिनी या पत्नी की तलाश में हैं, उन लोगों को आज इस विशेष मंत्र का 11 बार जप करना चाहिए । 
मंत्र इस प्रकार है-

  • पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्त अनुसारिणीम्। तारिणीं दुर्ग संसार सागरस्य कुलोद्भवाम्।।

4. अगर आपको किसी प्रकार का भय या डर बना रहता है या आप हमेशा किसी न किसी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से घिरे रहते हैं, तो आज आपको मंत्र महार्णव में दिये मां कात्यायनी के आठ अक्षरों के विशेष मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए

  • मंत्र - ऊँ ह्रीं कात्यायनि स्वाहा।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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