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Hindi News धर्म Chhath Puja 2nd Day, Kharna Samagri List: खरना में क्या चीजें शामिल करना जरूरी? यहां नोट कर लें पूजा सामग्री की लिस्ट

Chhath Puja 2nd Day, Kharna Samagri List: खरना में क्या चीजें शामिल करना जरूरी? यहां नोट कर लें पूजा सामग्री की लिस्ट

Chhath Puja 2nd Day, Kharna Samagri List: छठ महापर्व के दूसरे दिन खरना किया जाता है। साल 2025 में 26 अक्टूबर के दिन खरना है। इस दिन पूजा में शामिल की जाने वाली चीजों के बारे में हम आपको जानकारी देंगे।

Chhath Puja 2025- India TV Hindi Image Source : UNSPLASH छठ पूजा 2025

Chhath Puja 2nd Day, Kharna Samagri List: छठ पर्व के दूसरे दिन खरना किया जाता है। इस दिन को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसी दिन से 36 घंटे के निर्जला व्रत की शुरुआत होती है। खरना में शाम के समय व्रती मिट्टी के चूल्हे में प्रसाद बनाते हैं और पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करते हैं। खरना के दौरान सूर्य देव और छठी माता की पूजा भी की जाती है। छठ के पहले दिन नहाय-खाय के करके व्रती जहां शारीरिक शुद्धता प्राप्त करते हैं वहीं छठ के दूसरे दिन खरना करने के बाद आत्मिक शुद्धता प्राप्त होती है। शुद्ध तन और मन से फिर 36 घंटों तक व्रत रखा जाता है। साल 2025 में खरना 26 अक्टूबर को किया जाएगा। आइए जान लेते हैं कि इस दिन पूजा में क्या सामग्री लगती है। 

छठ पूजा खरना सामग्री सूची 

  • बांस की टोकरियां- प्रसाद को रखने के लिए 
  • गेहूं, चावल का आटा
  • धूप, दीप और अगरबत्ती
  • व्रती के लिए नए वस्त्र
  • शकरकंदी
  • बांस या फिर पीतल का सूप
  • एक लोटा 
  • सुथनी
  • गुड़
  • ठेकुआ
  • घी 
  • शहद
  • चावल
  • 5 पत्तियां लगे हुए गन्ने
  • एक थाली
  • पानी वाला नारियल
  • पान, सुपारी
  • गन्ना, सिंघाड़ा
  • केला, नाशपाती और शरीफा
  • मूली
  • अदरक और हल्दी का हरा पौधा
  • डाभ नींबू (यह नींबू बड़ा और अंदर से लाल होता है)
  • मिठाईयां
  • सिंदूर

खरना कैसे किया जाता है?

खरना वाले दिन व्रती सुबह से लेकर शाम तक निर्जला व्रत रखते हैं। इस दिन सुबह स्नान-ध्यान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं। विवाहित महिलाएं इस दिन नाक से सिर तक सिंदूर लगाती हैं। शाम के समय प्रसाद पकाया जाता है। यह प्रसाद मिट्टी के चूल्हे में बनाया जाता है। प्रसाद में चावल और गुड़ से बनी खीर होती है। इसके साथ ही केला, गेंहू की रोटी को भी कई लोग प्रसाद में शामिल करते हैं। यह प्रसाद छठी माता और सूर्य देव की पूजा के बाद ग्रहण किया जाता है। इसके बाद व्रती अगले 36 घंटों तक व्रत का पारण करते हैं। छठ के चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठ व्रत का पारण किया जाता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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