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Guru Pradosh Vrat 2026 Timing: आज गुरु प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त कितने बजे से शुरू होगा, यहां जानिए शहर अनुसार टाइमिंग

Guru Pradosh Vrat 2026 Time, Katha: आज यानी 28 मई 2026 को गुरु प्रदोष व्रत है। कहते हैं जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से ये व्रत रखता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। इस व्रत की पूजा प्रदोष काल में की जाती है। यहां आप जानेंगे गुरु प्रदोष व्रत की टाइमिंग और व्रत कथा।

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Image Source : INDIA TV गुरु प्रदोष व्रत पूजा का समय और कथा

Guru Pradosh Vrat 2026 Timing: हिंदू धर्म में गुरु प्रदोष व्रत की बड़ी महिमा बताई जाती है। ये व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को पड़ता है और आज यानी 28 मई को ज्येष्ठ अधिक मास की त्रयोदशी तिथि है। ऐसे में आज ज्येष्ठ अधिक मास का प्रदोष व्रत है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस व्रत को रखने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और भक्तों की सारी मुरादें पूरी होती हैं। साथ ही कुंडली में गुरु ग्रह भी मजबूत होता है। इस व्रत की पूजा प्रदोष काल में की जाती है। चलिए आपको बताते हैं आज प्रदोष काल कब से कब तक रहेगा और इस व्रत में कौन सी कथा पढ़ी जाती है।

गुरु प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त 2026 (Guru Pradosh Vrat Puja Muhurat 2026)

आज यानी 28 मई 2026 को प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07:12 से रात 09:15 बजे तक रहेगा। इस समय पर भगवान शिव की विधि विधान पूजा करें और साथ ही प्रदोष व्रत की कथा भी पढ़ें। कहते हैं प्रदोष काल में भगवान शिव की उपासना बड़ी फलदायी होती है।

गुरु प्रदोष व्रत की कथा (Guru Pradosh Vrat Ki Katha)

गुरु प्रदोष व्रत की कथा अनुसार एक बार इन्द्र और वृत्रासुर की सेना में युद्ध छिड़ गया था। जिसमें देवताओं की जीत हुई। यह देख वृत्रासुर अत्यन्त क्रोधित हो गया और खुद युद्ध करने के लिए निकल पड़ा। आसुरी माया से उसने विकराल रूप धारण कर सभी देवताओं को पराजित कर दिया। जिसके बाद देवता भयभीत होकर गुरुदेव बृहस्पति की शरण में पहूंचे। तब बृहस्पति महाराज ने पहले सभी को वृत्रासुर के बारे में बताया। गुरु देव ने कहा कि वृत्रासुर बड़ा तपस्वी और कर्मनिष्ठ है। उसने घोर तपस्या कर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त किया है।

पिछले जन्म में वह चित्ररथ नाम का राजा था और एक बार वह अपने भगवान शिव से मिलने कैलाश पर्वत चला गया। वहां शिव जी के वाम अंग में माता पार्वती को विराजमान देख उसने उपहास कहा- हे प्रभो! मोह-माया में फंसे होने के कारण हम स्त्रियों के वशीभूत हो जाते हैं। किन्तु देवलोक में पहले ऐसा दृष्टिगोचर नहीं हुआ कि कोई स्त्री आलिंगनबद्ध हो सभा में बैठे। चित्ररथ के यह वचन सुन माता पार्वती क्रोधित हो गईं और बोलीं अरे दुष्ट! तूने सर्वव्यापी महादेव साथ ही मेरा भी उपहास उड़ाया है। अतएव मैं तुझे अब ऐसी शिक्षा दूंगी कि फिर तू कभी किसी संत का उपहास करने की नहीं सोचेगा। अब तू दैत्य स्वरूप धारण कर विमान से नीचे गिर, मैं तुझे ये शाप देती हूं।

माता के अभिशाप से चित्ररथ राक्षस योनि को प्राप्त हो गया और त्वष्टा नामक ऋषि के श्रेष्ठ तप से वृत्रासुर के रूप में उत्पन्न हुआ। गुरुदेव आगे बोले- वृत्तासुर बाल्यकाल से ही भगवान शिव का बड़ा भक्त रहा है। अतः हे इन्द्र तुम बृहस्पति प्रदोष व्रत कर भगवान शिव को प्रसन्न करो। देवराज ने बृहस्पति प्रदोष व्रत किया। गुरु प्रदोष व्रत के प्रताप से इन्द्र ने वृत्रासुर पर विजय प्राप्त कर ली। 

Live updates : Guru Pradosh Vrat 2026 Timing, Vrat Katha

  • 4:45 PM (IST) Posted by Arti Azad

    Kolkata Pradosh Kaal Time Today: कोलकाता में प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा

    कोलकाता में प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 06 बजकर 16 मिनट से रात 08 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। 

  • 4:00 PM (IST) Posted by Arti Azad

    शिव जी की आरती- ॐ जय गंगाधर जय हर जय गिरिजाधीशा

     
    ॐ जय गंगाधर जय हर जय गिरिजाधीशा।
    त्वं मां पालय नित्यं कृपया जगदीशा॥ 
    हर...
     
    कैलासे गिरिशिखरे कल्पद्रमविपिने।
    गुंजति मधुकरपुंजे कुंजवने गहने॥
     
    कोकिलकूजित खेलत हंसावन ललिता।
    रचयति कलाकलापं नृत्यति मुदसहिता॥ 
    हर...
     
    तस्मिंल्ललितसुदेशे शाला मणिरचिता।
    तन्मध्ये हरनिकटे गौरी मुदसहिता॥
     
    क्रीडा रचयति भूषारंचित निजमीशम्‌।
    इंद्रादिक सुर सेवत नामयते शीशम्‌ ॥ 
    हर...
     
    बिबुधबधू बहु नृत्यत नामयते मुदसहिता।
    किन्नर गायन कुरुते सप्त स्वर सहिता॥
     
    धिनकत थै थै धिनकत मृदंग वादयते।
    क्वण क्वण ललिता वेणुं मधुरं नाटयते ॥
    हर...
     
    रुण रुण चरणे रचयति नूपुरमुज्ज्वलिता।
    चक्रावर्ते भ्रमयति कुरुते तां धिक तां॥
     
    तां तां लुप चुप तां तां डमरू वादयते।
    अंगुष्ठांगुलिनादं लासकतां कुरुते ॥ 
    हर...
     
    कपूर्रद्युतिगौरं पंचाननसहितम्‌।
    त्रिनयनशशिधरमौलिं विषधरकण्ठयुतम्‌॥
     
    सुन्दरजटायकलापं पावकयुतभालम्‌।
    डमरुत्रिशूलपिनाकं करधृतनृकपालम्‌॥ 
    हर...
     
    मुण्डै रचयति माला पन्नगमुपवीतम्‌।
    वामविभागे गिरिजारूपं अतिललितम्‌॥
     
    सुन्दरसकलशरीरे कृतभस्माभरणम्‌।
    इति वृषभध्वजरूपं तापत्रयहरणं ॥ 
    हर...
     
    शंखनिनादं कृत्वा झल्लरि नादयते।
    नीराजयते ब्रह्मा वेदऋचां पठते॥
     
    अतिमृदुचरणसरोजं हृत्कमले धृत्वा।
    अवलोकयति महेशं ईशं अभिनत्वा॥ 
    हर...
     
    ध्यानं आरति समये हृदये अति कृत्वा।
    रामस्त्रिजटानाथं ईशं अभिनत्वा॥
     
    संगतिमेवं प्रतिदिन पठनं यः कुरुते।
    शिवसायुज्यं गच्छति भक्त्या यः श्रृणुते॥ 
    हर...

     

  • 3:33 PM (IST) Posted by Arti Azad

    Noida Pradosh Kaal Time Today: नोएडा में प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा

    नोएडा में प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07 बजकर 12 मिनट से रात 09 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। 

  • 2:53 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    प्रदोष व्रत के दिन करें भगवान शिव के इन मंत्रों का जप

    • ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
    • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
    • माम् भयात् सवतो रक्ष श्रियम् सर्वदा। आरोग्य देही में देव देव, देव नमोस्तुते॥
  • 2:27 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव को जरूर अर्पित करें ये चीजें

    1. भगवान शिव को जल सबसे प्रिय है। ऐसी मान्यता है कि शिवलिंग पर तांबे के पात्र से जल चढ़ाने से मन की शांति प्राप्त होती है।
    2. बेलपत्र के बिना शिव पूजा अधूरी मानी जाती है। कहते हैं शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से सभी प्रकार के पापों का नाश होता है।
    3. भगवान शिव को दूध चढ़ाने का भी बहुत महत्व है। ऐसी मान्यता है कि दूध चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
    4. शिवजी को धतूरा भी बहुत प्रिय है। शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाने से जीवन की हर बाधा दूर होती है।
    5. ऐसी मान्यता है कि शिवलिंग पर भांग चढ़ाने से सभी प्रकार के रोग दूर होते हैं।
  • 2:02 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Shiv Ji Ki Aarti: शिव जी की आरती

  • 1:29 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Mata Parvati Ki Aarti: माता पार्वती की आरती

    जय पार्वती माता,
    जय पार्वती माता
    ब्रह्मा सनातन देवी,
    शुभ फल की दाता ।
    ॥ जय पार्वती माता… ॥

    अरिकुल कंटक नासनि,
    निज सेवक त्राता,
    जगजननी जगदम्बा,
    हरिहर गुण गाता ।
    ॥ जय पार्वती माता… ॥

    सिंह को वहान साजे,
    कुंडल है साथा,
    देव वधू जस गावत,
    नृत्य करत ता था ।
    ॥ जय पार्वती माता… ॥

    सतयुग रूप शील अतिसुंदर,
    नाम सती कहलाता,
    हेमाचंल घर जन्मी,
    सखियाँ संगराता ।
    ॥ जय पार्वती माता… ॥

    शुम्भ निशुम्भ विदारे,
    हेमाचंल स्थाता,
    सहस्त्र भुजा तनु धरिके,
    चक्र लियो हाथा ।
    ॥ जय पार्वती माता… ॥

    सृष्टि रूप तुही है जननी,
    शिव संग रंगराता,
    नन्दी भृंगी बीन लही,
    सारा जग मदमाता ।
    ॥ जय पार्वती माता… ॥

    देवन अरज करत हम,
    चरण ध्यान लाता,
    तेरी कृपा रहे तो,
    मन नहीं भरमाता ।
    ॥ जय पार्वती माता… ॥

    मैया जी की आरती,
    भक्ति भाव से जो नर गाता,
    नित्य सुखी रह करके,
    सुख संपत्ति पाता ।
    ॥ जय पार्वती माता… ॥

    जय पार्वती माता,
    जय पार्वती माता,
    ब्रह्मा सनातन देवी,
    शुभ फल की दाता ।

    जय पार्वती माता,
    जय पार्वती माता
    ब्रह्मा सनातन देवी,
    शुभ फल की दाता ।

  • 12:55 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Today Pradosh Vrat Time In Lucknow: लखनऊ में प्रदोष व्रत समय

    लखनऊ में प्रदोष व्रत पूजा का समय शाम 06:54 से 08:58 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा बेहद फलदायी साबित होगी।

     

  • 12:39 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Today Pradosh Vrat Time In patna: पटना में प्रदोष काल का समय

    पटना में प्रदोष काल समय 06:34 PM से 08:39 PM तक रहेगा। इस समय पर भगवान शिव की पूजा करें और साथ ही गुरु प्रदोष व्रत की कथा भी पढ़ें।

     

  • 11:54 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Pradosh Vrat Bhog: प्रदोष व्रत भोग

    • खीर
    • पंचामृत
    • हलवा
    • ताजे फल 
  • 11:26 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Pradosh Vrat Mantra: प्रदोष व्रत मंत्र

    • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
    • ॐ नमः शिवाय

     

  • 10:59 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Shivji Ki Aarti: शिव जी की आरती

    ॐ जय शिव ओंकारा,
    स्वामी जय शिव ओंकारा।
    ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,
    अर्द्धांगी धारा ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    एकानन चतुरानन
    पंचानन राजे ।
    हंसासन गरूड़ासन
    वृषवाहन साजे ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    दो भुज चार चतुर्भुज
    दसभुज अति सोहे ।
    त्रिगुण रूप निरखते
    त्रिभुवन जन मोहे ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    अक्षमाला वनमाला,
    मुण्डमाला धारी ।
    चंदन मृगमद सोहै,
    भाले शशिधारी ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    श्वेताम्बर पीताम्बर
    बाघम्बर अंगे ।
    सनकादिक गरुणादिक
    भूतादिक संगे ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    कर के मध्य कमंडल
    चक्र त्रिशूलधारी ।
    सुखकारी दुखहारी
    जगपालन कारी ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    ब्रह्मा विष्णु सदाशिव
    जानत अविवेका ।
    प्रणवाक्षर में शोभित
    ये तीनों एका ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    त्रिगुणस्वामी जी की आरति
    जो कोइ नर गावे ।
    कहत शिवानंद स्वामी
    सुख संपति पावे ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    लक्ष्मी व सावित्री
    पार्वती संगा ।
    पार्वती अर्द्धांगी,
    शिवलहरी गंगा ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    पर्वत सोहैं पार्वती,
    शंकर कैलासा ।
    भांग धतूर का भोजन,
    भस्मी में वासा ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    जटा में गंग बहत है,
    गल मुण्डन माला ।
    शेष नाग लिपटावत,
    ओढ़त मृगछाला ॥
    जय शिव ओंकारा...॥

    काशी में विराजे विश्वनाथ,
    नंदी ब्रह्मचारी ।
    नित उठ दर्शन पावत,
    महिमा अति भारी ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    ॐ जय शिव ओंकारा,
    स्वामी जय शिव ओंकारा।
    ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,
    अर्द्धांगी धारा ॥

  • 10:51 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Guru Pradosh Vrat Puja Vidhi: गुरु प्रदोष व्रत पूजा विधि

    • गुरु प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा की जाती है।
    • पूजा से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
    • इसके बाद भगवान की प्रतिमा के समक्ष दीपक जलाएं।
    • बेलपत्र, भांग, धतूरा इत्यादि से भगवान की विधि विधान पूजा करें।
    • प्रदोष व्रत की कथा सुनें और आरती करें।
    • पूजा के बाद एक समय भोजन कर लें।