Somvar Ke Upay: 10 नवंबर को सोमवार और पुनर्वसु नक्षत्र का संयोग, इन 7 उपायों को करने से मिलेंगे मनचाहे परिणाम
Written By : Acharya Indu Prakash,
Edited By : Naveen Khantwal,
Published : Nov 09, 2025 05:07 pm IST, Updated : Nov 09, 2025 05:07 pm IST Somvar Ke Upay: सोमवार 20 नवंबर को शाम तक पुनर्वसु नक्षत्र भी रहेगा। इस नक्षत्र को बेहद शुभ माना जाता है। इस दौरान किए गए कुछ उपाय आपके जीवन में चमत्कारी बदलाव ला सकते हैं, आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
Somvar Ke Upay: सोमवार 10 नवंबर को शाम 6 बजकर 48 मिनट तक पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा। आकाशमंडल में स्थित 27 नक्षत्रों में से पुनर्वसु नक्षत्र को सातवां नक्षत्र माना जाता है। पुनर्वसु नक्षत्र का अर्थ है- पुन: सौभाग्यशाली होना। यह नक्षत्र सौभाग्य का सूचक है। पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी ग्रह बृहस्पति हैं। ऐसे में सोमवार और पुनर्वसु नक्षत्र के शुभ संयोग में नीचे दिए गए उपायों को करने से आप जीवन में शुभता और सकारात्मकता प्राप्त कर सकते हैं।
सोमवार और पुनर्वसु नक्षत्र में करें ये उपाय
- अगर आप किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं तो इसके लिए पुनर्वसु नक्षत्र में ऑफिस या दुकान के मुख्य द्वार के ऊपर बांस के छः-छः इंच के दो टुकड़े लगाएं और ध्यान रहे कि उसके दोनों सिरे खुले हुए होने चाहिए। अगर बांस न मिले तो बांस से बनी बांसुरी को उपयोग में ला सकते हैं और उनके साथ एक मोर का पंख भी लगा दें। ऐसा करने से आपके नये काम में तरक्की ही तरक्की होगी।
- अगर आप अपनी कला को निखारना चाहते हैं, तो आपको उचित स्थान पर देवी लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करनी चाहिए और वहीं पास में ही एक छोटी-सी रंगोली बनानी चाहिए। अब देवी मां के सामने और उस रंगोली के बींचो बीच एक घी का दीपक जलाना चाहिए और देवी मां की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। साथ ही अपने हाथों से ताजे फूलों की माला बनाकर देवी मां को चढ़ानी चाहिए। ऐसा करने से आपकी कला निखरेगी और समाज में आपका नाम बढ़ेगा।
- अगर आपकी तमाम कोशिशों के बाद भी आपको कार्यक्षेत्र में मनचाही सफलता नहीं मिल पा रही है, तो स्नान आदि के बाद मंदिर जाकर भगवान को पुष्प अर्पित कर हाथ जोड़कर प्रणाम करें और फिर भगवान से मनचाही सफलता पाने के लिए प्रार्थना करें। ऐसा करने से आपको अपने कार्यक्षेत्र में मनचाही सफलता जरूर मिलेगी।
- अगर आप अपने लक्ष्य को ऊँचे मुकाम तक ले जाना चाहते हैं, तो पुनर्वसु नक्षत्र के दौरान मंदिर या किसी धर्मस्थल पर चने की दाल दान करें। साथ ही गुरु के मंत्र का 21 बार जप करें। मंत्र इस प्रकार है- ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: बृहस्पतये नम:। ऐसा करने से आप अपने लक्ष्य को ऊँचें मुकाम तक ले जाने में कामयाब होंगे।
- आपके घर में धन-दौलत तो बहुत है, लेकिन परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य नहीं है तो इसके लिए पुनर्वसु नक्षत्र में दो बांसुरी लेकर उसे अपने घर की बीम के दोनों तरफ लाल कपड़े के फिते से बांध दें और ध्यान रहे कि बांसुरी का मुंह आपके घर के मुख्य दरवाजे की ओर रहे। ऐसा करने से आपके परिवार के आपसी संबंधों में धीरे-धीरे करके सुधार आने लगेगा।
- अगर आप अपनी योग्यता के बल पर सरकारी क्षेत्र में उच्च पद प्राप्त करना चाहते हैं, तो पुनर्वसु नक्षत्र के दौरान घर के आस-पास किसी मंदिर या स्थल की साफ-सफाई में अपना योगदान दें। साथ ही बृहस्पति जी के मंत्र का 11 बार जप करें। मंत्र इस प्रकार है- ऊँ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: बृहस्पतये नम:। ऐसा करने से आप अपनी योग्यता के बल पर सरकारी क्षेत्र में उच्च पद प्राप्त करने में सफल होंगे।
- अगर आप अपने घर और कारोबार की लक्ष्मी को हमेशा बनाये रखना चाहते हैं या कहें उसे सिद्ध करना चाहते हैं, तो आपको देवी लक्ष्मी के आगे घी का दीपक जलाकर, उन्हें शक्कर का भोग लगाएं। साथ ही देवी मां के चरणों में 5 कौड़ियां रखें। अब पूर्व दिशा के ओर मुख करके देवी मां का ध्यान करते हुए स्फटिक की माला पर 108 बार देवी मां के इस विशेष मंत्र का जप करें। मंत्र इस प्रकार है– ऊँ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्धलक्ष्म्यै नमः। इस प्रकार मंत्र का जप करने के बाद देवी मां के चरणों में रखी कौड़ियों को एक लाल कपड़े में बांधकर अपने पास रख लें। ऐसा करने से आपके घर और कारोबार की लक्ष्मी हमेशा बनी रहेगी।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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