Periods Mein Mahashivratri Vrat: पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए। लेकिन कई विद्वान और आध्यात्मिक गुरु ऐसा मानते हैं कि ईश्वर कि भक्ति मन से होती है इसलिए अगर कोई महिला पीरियड्स में भी महाशिवरात्रि का व्रत रखना चाहती है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन इस स्थिति में व्रत रखने के कुछ नियम हैं, जिन्हें निभाना जरूरी है।यदि महाशिवरात्रि व्रत के दिन ही आपको पीरियड्स आ जाएं तो इस स्थिति में व्रत बीच में न छोड़ें क्योंकि संकल्प लेने के बाद व्रत अधूरा छोड़ना सही नहीं माना जाता है। लेकिन अगर आपको व्रत से पहले ही पीरियड्स आ जाते हैं तो बेहतर होगा कि व्रत न रखें।
पीरियड्स में महाशिवरात्रि व्रत कैसे रखें?
पीरियड्स में व्रत तो रख सकते हैं लेकिन पूजा-पाठ नहीं कर सकते हैं। इस स्थिति में आप किसी दूसरे से पूजा कराएं। इस दौरान आप मन ही मन पूजा कर सकती हैं लेकिन किसी भी पूजन सामग्री को स्पर्श नहीं करना है। भगवान के भजनों को सुन सकती हैं और उनके मंत्रों का जाप भी कर सकती हैं।
महाशिवरात्रि पूजा मुहूर्त 2026
- महा शिवरात्रि - 15 फरवरी 2026, रविवार
- निशिता काल पूजा समय - 12:09 ए एम से 01:01 ए एम, फरवरी 16
- महा शिवरात्रि पारण समय - 06:59 ए एम से 03:24 पी एम
- रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - 06:11 पी एम से 09:23 पी एम
- रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - 09:23 पी एम से 12:35 ए एम, फरवरी 16
- रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 12:35 ए एम से 03:47 ए एम, फरवरी 16
- रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 03:47 ए एम से 06:59 ए एम, फरवरी 16
- चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ - फरवरी 15, 2026 को 05:04 पी एम बजे
- चतुर्दशी तिथि समाप्त - फरवरी 16, 2026 को 05:34 पी एम बजे
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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