A
Hindi News धर्म शाम के वो 48 मिनट जब कुछ नहीं खाना चाहिए, प्रेमानंद महाराज ने बताया इस समय का सही उपयोग

शाम के वो 48 मिनट जब कुछ नहीं खाना चाहिए, प्रेमानंद महाराज ने बताया इस समय का सही उपयोग

प्रेमानंद महाराज से एक भक्त ने पूछा कि महाराज जी शाम के समय भोजन क्यों नहीं करना चाहिए और इस समय का क्या महत्व होता है? तो जानिए इस पर महाराज जी ने क्या कहा।

premanand maharaj- India TV Hindi Image Source : BHAJAN MARG प्रेमानंद महाराज ने बताया शाम के 48 मिनट क्यों है खास

Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज से एकांतिक वार्तालाप के समय भक्त कई तरह के सवाल पूछते हैं जिनका महाराज जी बड़े ही सरलता से जवाब देते हुए सभी का मार्गदर्शन भी करते हैं। इसी वार्तालाप के समय एक भक्त ने पूछा कि महाराज जी आप संध्या के समय कुछ भी खाने से मना करते हैं। लेकिन संध्या का समय क्या है और इस समय हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए? जानिए इस पर प्रेमानंद महाराज ने क्या जवाब दिया।

शाम के वो 48 मिनट जब नहीं करना चाहिए भोजन

प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि सूर्यास्त के 24 मिनट पहले और 24 मिनट बाद यानी कुल 48 मिनट का समय बेहद पवित्र माना जाता है। इस दौरान भोजन, सहवास इत्यादि कार्य निषेध माने गए हैं। इस समय शांत भाव में भगवान सूर्य देव को अर्घ्य देकर गायत्री जप, गुरु मंत्र जप या नाम जप करना चाहिए। भोजन या तो इस समय से पहले करना चाहिए या फिर बाद में। लेकिन इन 48 मिनट के दौरान भोजन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। लेकिन अगर इस समय पर पहले से कोई कार्य कर रहे हैं तो वो जारी रख सकते हैं। लेकिन थोड़ा सा समय निकालकर इस दौरान नाम जप जरूर करें क्योंकि ये समय अध्यात्मिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

प्रेमानंद महाराज से कैसे मिल सकते हैं?

प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए आपको वृंदावन में 'श्री हित राधा केलि कुंज' आश्रम में जाना होगा। वहां महाराज जी की एकांतिक वार्तालाप में शामिल होने के लिए सुबह 9 बजे के बाद से टोकन मिलना शुरू होता है। जिसके लिए आपको अपना आधार कार्ड दिखाकर पंजीकरण कराना होगा और फिर निर्धारित समय पर आश्रम पहुंचना होगा। महाराज जी का एकांतिक वार्तालाप सुबह 6:30 बजे से शुरू हो जाता है।

यह भी पढ़ें:

Numerology: क्यों कहते हैं इस मूलांक वालों को ‘मिस्ट्री पर्सनालिटी’? रहस्य और अध्यात्म से भरे होते हैं ये लोग