भगवान शिव का प्रिय महीना सावन 11 जुलाई से शुरू होगा। सावन के दौरान कई भक्त कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। वहीं जो भक्त कांवड़ यात्रा नहीं कर पाते वो घर पर विधिपूर्वक शिव भगवान की पूजा करते हैं। सावन में शिव जी की पूजा का विशेष महत्व है इसलिए पूजा के दौरान कुछ जरूरी सामग्रियां भी आपके पास अवश्य होनी चाहिए। आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने वाले हैं।
सावन में शिव जी को प्रसन्न करने के लिए पूजा सामग्री
यह बात तो हर शिव भक्त ही जानता है कि शिवजी को जल, दूध, बेलपत्र, भांग-धतूरा आदि चढ़ाया जाता है। हालांकि, इनके अलावा भी कुछ ऐसी चीजें हैं जो सावन में हर भक्त को भोलेनाथ को अर्पित करनी चाहिए। आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देंगे।
पूजा सामग्री लिस्ट
- गंगाजल
- घी
- दही
- शहद
- शक्कर
- शमी के पत्ते
- बेल पत्र (कम से कम 5)
- गाय का कच्चा दूध
- सफेद चंदन
- फूल और माला
- अपामार्ग के पत्ते
- दूर्वा
- धतूरा
- भांग
- सुपारी
- मिठाई
- नैवेद्य
- इलायची
- लौंग
- पान का पत्ता
- धूप
- दीपक
- कपूर
- रूई की बत्ती
- कपड़ा
- यज्ञोपवीत
गलती से भी अर्पित न करें ये चीजें
ऊपर बताई गई सामग्रियों को सावन के दौरान भगवान शिव पर अर्पित करने से जहां आपको शुभ फलों की प्राप्ति होती है, वहीं कुछ चीजें ऐसी भी हैं जिन्हें गलती से भी शिव जी को अर्पित नहीं करना चाहिए। इन चीजों में सबसे पहला नाम आता है केतकी के फूल का, इसे गलती से भी शिव पूजा में अर्पित न करें। इसके अलावा आपको तुलसी के पत्ते भी शिव जी को अर्पित नहीं करने चाहिए। खंडित बेलपत्र को भी शिवलिंग पर अर्पित करने से बचें और सिंदूर या कूमकूम भी आपको शिव जी को अर्पित नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन चीजों को शिवलिंग पर अर्पति करने से शिव कृपा से आप वंचित रह सकते हैं। शिव पूजा के दौरान शुद्धता का भी विशेष ख्याल आपको रखना चाहिए और स्नान-ध्यान आदि के बाद ही पूजा करनी चाहिए। सावन में मांस-मदिरा जैसे तामसिक पदार्थों का भोजन करने से भी आपको बचना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)