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Shani Sade Sati 2026: शनि साढ़े साती के होते हैं तीन चरण, दूसरा वाला होता है सबसे घातक, जानिए अभी किस राशि पर चल रहा है

Shani Sade Sati 2026: शनि साढ़े साती के कुल तीन चरण होते हैं और हर चरण की अवधि ढाई वर्ष की होती है। कहते हैं इसका दूसरा चरण सबसे ज्यादा खतरनाक होता है जानिए ये अभी किस राशि पर चल रहा है।

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Image Source : INSTAGRAM शनि साढ़े साती के तीन चरण

Shani Sade Sati Phases: जब भी किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़े साती शुरू होती है तो उसके जीवन में काफी उथल-पुथल मच जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि साढ़े साती हमेशा बुरी नहीं होती। अगर आपकी कुंडली में शनि शुभ स्थिति में विराजमान हैं तो कई बार शनि की ये दशा शुभ परिणाम देकर जाती है। इसके अलावा साढ़े साती तीन चरणों में होती है और इसका हर एक चरण ढाई साल का होता है। जिनमें से दूसरा चरण सबसे ज्यादा घातक माना जाता है। वर्तमान में कुंभ, मीन और मेष राशि वालों पर शनि साढ़े साती चल रही है।

इस राशि पर चल रहा है शनि साढ़े साती का दूसरा चरण

वर्तमान में मीन राशि वालों पर शनि साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है जबकि कुंभ वालों पर इसका आखिरी चरण है। वहीं मेष राशि के जातकों पर इसका पहला चरण चल रहा है।

शनि साढ़े साती के हर चरण का प्रभाव

  1. पहला चरण - ये साढ़े साती का उदय चरण होता है। जिसमें व्यक्ति को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसमें फिजूलखर्ची बढ़ती है और मानसिक तनाव भी काफी रहता है।
  2. दूसरा चरण - इसे शिखर चरण के नाम से भी जाना जाता है। इस चरण में व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और पारिवारिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस चरण में रिश्तों में दरार आने की संभावना रहती है। मेहनत का फल बहुत कम मिलता है या कई बार तो मिलता ही नहीं है। सेहत काफी ज्यादा बिगड़ने लगती है।
  3. तीसरा चरण - ये साढ़े साती का आखिरी चरण होता है जिसे अस्त चरण और ढलती साढ़े साती भी कहते हैं। इसमें शनि जाते-जाते व्यक्ति को उसकी गलतियों की सीख देते हैं और पिछले दो चरणों में हुए नुकसान की भरपाई करवाते हैं। ये चरण आखिरी में आते-आते कुछ न कुछ फायदा जरूर देकर जाता है।

साढ़े साती के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय

  • शनि साढ़े साती के दौरान प्रतिदिन भगवान हनुमान की अराधना जरूर करनी चाहिए क्योंकि शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि वे उनके भक्तों को कभी परेशान नहीं करेंगे। ऐसे में हर शनिवार हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से साढ़े साती के बुरे प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। 
  • शनिवार में छाया दान भी जरूर करें। इसके लिए एक कटोरी में सरसों का तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उसे किसी जरूरतमंद को दान कर दें। 
  • शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं। कहते हैं इस उपाय से भी शनि साढ़े साती का असर कम हो जाता है।

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