पंजाब के क्रिकेटर अभिषेक गुप्ता को डोपिंग उल्लघंन के लिए किया गया प्रतिबंधित
जनवरी में पूर्व भारतीय ऑल राउंडर यूसुफ पठान पर भी डोपिंग परीक्षण में विफल होने के बाद पांच महीने का पूर्व प्रभावी निलंबन लगाया गया था।
पंजाब के विकेटकीपर बल्लेबाज अभिषेक गुप्ता को ‘अनजाने’ में डोपिंग उल्लघंन के लिये आठ महीने के लिये प्रतिबंधित कर दिया गया गया है। अभिषेक का प्रतिबंध 15 जनवरी से शुरू हो गया है और ये 14 सितंबर को खत्म होगा। बीसीसीआई ने बयान में कहा, ‘‘गुप्ता ने अनजाने में प्रतिबंधित पदार्थ (टरब्यूटालीन) ले लिया जो आमतौर पर खांसी के सीरप में पाया जाता है।’’ बोर्ड ने कहा कि वो गुप्ता के बयान से संतुष्ट हैं।
बोर्ड ने कहा, ‘‘गुप्ता ने नई दिल्ली में 15 जनवरी को घरेलू टी-20 टूर्नामेंट के दौरान बीसीसीआई के डोपिंग रोधी परीक्षण कार्यक्रम के तहत नमूना दिया था। उनके नमूने में टरब्यूटालीन पाया गया।’’ बोर्ड ने कहा, ‘‘टरब्यूटालीन ऐसा प्रतिबंधित पदार्थ है जो वाडा के प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में शामिल है और जो टूर्नामेंट के अंदर और बाहर दोनों जगह प्रतिबंधित है।’’ बीसीसीआई ने कहा कि 27 वर्षीय खिलाड़ी गुप्ता ने अपने डॉक्टर के परामर्श के बाद यह प्रतिबंधित पदार्थ लिया था। बोर्ड ने कहा, ‘‘17 अप्रैल 2018 को गुप्ता को बीसीसीआई के डोपिंग रोधी नियमों की 2.1 धारा के अंतर्गत डोपिंग रोधी नियम के उल्लघंन (एडीआरवी) का दोषी पाया गया और अस्थायी रूप से मामला लंबित रहने तक निलंबित कर दिया गया।’’
बयान में आगे कहा गया, ‘‘गुप्ता ने एडीआरवी के आरोप को स्वीकार किया लेकिन साथ ही माना कि ये लापरवाही में लिया गया क्योंकि उन्होंने ऐसी दवाई का सेवन किया जिसमें टरब्यूटालीन मौजूद थी जो उन्होंने डॉक्टर के परामर्श के बाद ली थी।’’ पिछले सत्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण करने वाले गुप्ता ने श्वसन संबंधित संक्रमण के उपचार के लिये ये दवाई ली थी। गुप्ता ने छह प्रथम श्रेणी, छह लिस्ट ए और नौ टी-20 मैच खेले हैं। जनवरी में पूर्व भारतीय ऑल राउंडर यूसुफ पठान पर भी डोपिंग परीक्षण में विफल होने के बाद पांच महीने का पूर्व प्रभावी निलंबन लगाया गया था। उनके नमूने में भी टरब्यूटालीन मिला था। बीसीसीआई बार-बार आग्रह के बावजूद राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी को क्रिकेटरों का डोप परीक्षण करने की अनुमति नहीं देता।
