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बेंगलुरु टेस्ट: डिविलियर्स के 100वें टेस्ट पर क्या चलेगा भारत का स्पिन-जादू!

बेंगलुरू: मोहाली की स्पिन की अनुकूल पिच पर दक्षिण अफ्रीका को तीन दिन के भीतर ध्वस्त करने के बाद भारत कल शनिवार से यहां दोनों टीमों के बीच शुरू हो रहे दूसरे क्रिकेट टेस्ट में

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बेंगलुरु टेस्ट: क्या फिर चल पाएगा स्पिन तिकड़ी का जादू!

बेंगलुरू: मोहाली की स्पिन की अनुकूल पिच पर दक्षिण अफ्रीका को तीन दिन के भीतर ध्वस्त करने के बाद भारत कल शनिवार से यहां दोनों टीमों के बीच शुरू हो रहे दूसरे क्रिकेट टेस्ट में एक बार फिर अपनी स्पिन तिकड़ी की बदौलत एबी डिविलियर्स के 100वें टेस्ट के जश्न के रंग में भंग डालने के इरादे से उतरेगा।

पहले टेस्ट में 108 रन की जीत के बाद विराट कोहली की अगुआई वाली टीम के एक बार फिर दक्षिण अफ्रीका पर चौतरफा हमला बोलने की उम्मीद है। इस बीच विरोधी टीम अपने अहम खिलाडि़यों की चोटों की समस्या से जूझ रही है और उस पर स्पिन की अनुकूल पिचों पर बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव भी है।

समकालीन क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में से एक डिविलियर्स की भी यह परीक्षा होगी जो उस मैदान पर अपना 100 टेस्ट खेल रहे हैं जहां दर्शक वर्षों से एबीडी, एबीडी के नारे लगाकर उनका हौसला बढ़ाते आए हैं।

अमित मिश्रा ने मोहाली में दोनों पारियों में डिविलियर्स को पवेलियन भेजा था लेकिन वह अब भी भारत की एक और जीत की राह में सबसे बड़ा खतरा हैं क्योंकि वर्नन फिलेंडर टखना मुड़ने के कारण सीरीज से बाहर हो चुके हैं जबकि डेल स्टेन के खेलने पर भी संदेह के बादल छाए हुए हैं।

स्पिन तिकड़ी क्या फिर दिखा पाएगी जादू?

रविचंद्रन अश्विन (8 विकेट), रविंद्र जडेजा (8 विकेट) और अमित मिश्रा (3 विकेट) की स्पिन तिकड़ी अच्छी फार्म में है और इसमें कोई संदेह नहीं कि मेजबान टीम चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच पर एक बार फिर दक्षिण अफ्रीका की स्पिन परीक्षा लेने के इरादे से उतरेगा। हालांकि यहां की पिच के मोहाली की तुलना में बल्लेबाजी के लिए बेहतर होने की उम्मीद है।

मोहाली में भारतीय स्पिनरों ने 20 में से 19 विकेट चटकाए थे और ऐसे में एक बार फिर अश्विन एंड कंपनी पर भारत को जीत के साथ चार मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त दिलाने का दारोमदार होगा।


टीम में अंतिम समय में पंजाब के युवा बल्लेबाजी आलराउंडर गुरकीत सिंह मान को शामिल करने का रोचक फैसला किया गया है और वह चौथे स्पिनर के रूप में पदार्पण कर सकते हैं।

अगर ऐसा होता है तो भारत इशांत शर्मा के रूप में सिर्फ एक तेज गेंदबाज के रूप में उतरेगा और वरूण आरोन तथा उमेश यादव दोनों को बाहर बैठना पड़ सकता है। इशांत का उमेश की जगह अंतिम एकादश में जगह बनाना वैसे भी लगभग तय है।

रोहित शर्मा, स्टुअर्ट बिन्नी और भुवनेश्वर कुमार को जब रणजी ट्राफी मैच खेलने के लिए रिलीज कर दिया गया था तो गुरकीरत को मोहाली मैच में स्टैंडबाई क्षेत्ररक्षक के तौर पर रखा गया था। पंजाब को पिछले दौर में रणजी मैच नहीं खेलना था लेकिन इस बार रविवार से शुरू हो रहे मैच में टीम खेलेगी।

गुरकीरत ने रेलवे के खिलाफ मोहाली में एक दिन में ही दोहरा शतक जड़ा था और आंध्र के खिलाफ पटियाला में अपनी आफ स्पिन से मैच में 52 रन देकर नौ विकेट चटकाए थे।

पांच गेंदबाजों के बीच रिद्धिमान साहा छठे नंबर के बल्लेबाज के रूप में नजर नहीं आते और ऐसे में गुरकीरत की गेंदबाजी भारत की नीति के अनुकूल हो सकती है।

बेंगलुरू में हालांकि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश मैच के दौरान भी खलल डाल सकती है।

बल्लेबाजी का संयोजन विराट कोहली के लिए चिंता

पहले मैच में जीत के बावजूद भारतीय बल्लेबाजी का संयोजन विराट कोहली के लिए चिंता का विषय हो सकता है। भारत पिछले चार टेस्ट में 400 रन के आंकड़े को नहीं छू पाया है जिसमें श्रीलंका में खेले गए तीन टेस्ट भी शामिल हैं।

सलामी बल्लेबाज शिखर धवन खराब फार्म से जूझ रहे हैं और पहले टेस्ट की दोनों पारियों में वह खाता भी नहीं खोल पाए। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 श्रृंखला की शुरूआत से अब तक वह 03, 11, 23, 23, 13, 07, 60, 00, 00 की पारियां ही खेल पाए हैं। केएल राहुल धवन की जगह लेने को तैयार हैं और ऐसे में बायें हाथ के इस बल्लेबाज को टीम में अपनी जगह बचाने के लिए बड़ी पारी खेलनी ही होगी।

यह तथ्य हालांकि धवन के पक्ष में जा सकता है कि पहले टेस्ट में सिर्फ दो बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा (दो पारियों में 108 रन) और मुरली विजय (दो पारियों में 122 रन) ही प्रभावी प्रदर्शन कर पाए थे।

कप्तान कोहली भी बड़ी पारी खेलना चाहेंगे और उनकी नजरें कप्तान के रूप में घरेलू सरजमीं पर पहला शतक जड़ने पर टिकी होंगी।
अजिंक्य रहाणे से भी बड़ी पारी की उम्मीद है जैसा कि वह पिछले 18 महीने से करते आए हैं।

भारत का अच्छा प्रदर्शन हालांकि काफी हद तक विजय से मिलने वाली शुरूआत पर निर्भर करेगा जो पिछले कुछ समय से टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे निरंतर प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाज हैं।

मॉर्कल, डूमनी की वापसी से मज़बूत हुई साउथ अफ़्रीका

दूसरी तरफ टी20 और वनडे श्रृंखला जीतने के बाद पहले टेस्ट की हार से निश्चित तौर पर दक्षिण अफ्रीका को झटका लगा होगा।

दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर इमरान ताहिर (6 विकेट), साइमन हार्पर (5 विकेट) और डीन एल्गर (4 विकेट) ने पहले मैच में 15 विकेट चटकाए थे जिससे टीम का हौसला बढ़ा होगा लेकिन बल्लेबाजों की शीर्ष स्तर की स्पिन गंेदबाजी का सामना करने में नाकामी उसके लिए चिंता का विषय होगी।

पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों के जूझने का अंदाजा इस बात से लग सकता है कि उसका कोई बल्लेबाज 100 रन के आंकड़े को नहीं छू पाया और डिविलियर्स 79, 63 और 16 रन के साथ शीर्ष स्कोरर रहे हैं।

तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल और बायें हाथ के आलराउंडर जेपी डुमिनी की चोट के बाद वापसी से हालांकि टीम को मजबूती मिलेगी।
अगर स्टेन फिट घोषित होते हैं तो उनकी और मोर्कल की जोड़ी भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर सकती है।

टीमें इस प्रकार हैं:
भारत:

विराट कोहली (कप्तान), मुरली विजय, शिखर धवन, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रिद्धिमान साहा, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा, अमित मिश्रा, इशांत शर्मा, वरूण आरोन, उमेश यादव, रोहित शर्मा, भुवनेश्वर कुमार, स्टुअर्ट बिन्नी और गुरकीरत सिंह मान।

दक्षिण अफ्रीका:

हाशिम अमला (कप्तान), एबी डिविलियर्स, डीन एल्गर, फाफ डु प्लेसिस, तेंबा बावुमा, जेपी डुमिनी, स्टियान वान जिल, डेन विलास, डेन पीट, सामइन हार्पर, इमरान ताहिर, डेल स्टेन, मोर्ने मोर्कल, काइल एबोट और कागिसो रबादा।

 

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