यह सम्मान उन्हें खेल में उनके विशिष्ट योगदान और सेना के प्रति उनकी कटिबद्धता के लिए दिया गया था।
उस समय धोनी ने कहा था, "ये मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है क्योंकि मैं बचपन से ही सेना में भर्ती होना चाहता था। अब सेना की वर्दी पहनकर मेरा सपना पूरा हो गया।"
वर्दी पहनने के बाद से ही धोनी कहते रहे हैं कि खेल की दुनिया को विदा कहने के बाद वह सक्रिय रुप से सेना से जुड़ना चाहेंगे।
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