लंदन: साउथ अफ़्रीका में बॉल टेंपरिंग विवाद के बाद अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) इससे संबंधित कड़े नियम बनाने पर विचार कर रही है. उसका कहना है कि कि अगर समय रहते सख्त नियम नहीं बनाए गए तो खेल का वजूद ख़करे में पड़ जाएगा.
आपको बता दें कि बॉल टेंपरिंग विवाद के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर पर 12 महीने का बैन लगा दिया. इनके अलावा ओपनर कैमरोन बैंक्रऑफ़्ट पर 9 मीने का प्रतिबंध लगाया गया है. मौजूदा नियमों के तहत ICC मैच फीस और एक टेस्ट मैच तक बैन से ज़्यादा कुछ नहीं कर सकती.
ICC के चीफ़ एक्ज़ीक्यूटिव डेविड रिचर्डसन ने कहा, "हमें एहसास हुआ है कि ऑस्ट्रेलिया ही नही बल्कि सारी दुनिया बॉल टेंपरिंग को बहुत गंभीरता से लेती है. ये खेल भावना के विरुद्ध है. मुझे ये कहने में कोई हिचक नही है कि हमारे लिए ये ताज़ा घटना आंख खोलने वाली है. हमें बॉल टेपरिंग से संबंधित नियमों पर फिर ग़ौर करने की ज़रुरत है. सारी दुनिया में बॉल टेंपरिंग को बेईमानी माना जाता है. इसलिए हमें इससे संबंधित सज़ा के प्रावधान की समीक्षा करने की ज़रुरत है."
रिचर्डसन ने कहा कि एलन बॉर्डर, एनिल कुंबले, शॉन पॉलाक और कोर्टनी वॉल्श जैसे पूर्व खिलाड़ी इस बारे में सुझाव देंगे. जिस तरह से बॉल टेंपरिंग पर सारी दुनिया से प्रतिक्रिया मिल रही है उससे लगता है कि अगर हमने इसे नज़रअंदाज़ किया तो क्रिकेट का वजूद ही ख़तरे में पड़ जाएगा.
साउथ अफ़्रीका के पूर् विकेकीपर रिचर्डसन ने कहा कि हाल ही के दिनों में देखा गया है कि खिलाड़ी के ख़राब व्यवहार, अभद्र भाषा का इस्तेमाल और बॉल टेंपरिंग जैसी घटनाएं हुई हैं. हम इन सब चीज़ों की समीक्षा करने जा रहे हैं.
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