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सूखे की मार, IPL का 10वां सीज़न हो सकता है विदेश में

नयी दिल्ली: बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर ने आज खुलासा किया कि इंडियन प्रीमियर लीग की संचालन परिषद के इस बात पर विचार विमर्श करने की संभावना है कि इस लुभावने टूर्नामेंट का 2017 चरण विदेश

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नयी दिल्ली: बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर ने आज खुलासा किया कि इंडियन प्रीमियर लीग की संचालन परिषद के इस बात पर विचार विमर्श करने की संभावना है कि इस लुभावने टूर्नामेंट का 2017 चरण विदेश में आयोजित कराया जाये या नहीं। ठाकुर ने बीसीसीआई के दिल्ली मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए आज कहा, आईपीएल संचालन परिषद भारत और विदेश में स्थलों को देखेगी। हमें स्थलों की उपलब्धता और वहां के ताजा हालात को देखना होगा।

आईपीएल दो बार भारत के बाहर खेला जा चुका है, दोनों बार विधानसभा चुनाव वर्ष में हुआ था। 2009 में लीग पूरे चरण के दौरान दक्षिण अफ्रीका में करायी गयी थी जबकि 2014 में यह पहले 15 दिन के लिये संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित की गयी थी। बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारी इस मुद्दे पर विचार कर रहे हैं, यह तभी स्पष्ट हो गया था जब बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी ने चार दिन पहले ट्वीट किया था, अगर ऐसा ही होता रहा तो जल्द ही आईपीएल देश के बाहर खेला जा सकता है। सकल घरेलू उत्पाद में कमी नहीं होगी। आईपीएल अपने शुरूआती वर्ष से ही एक के बाद एक विवाद में फंसा रहा है लेकिन इस साल विभिन्न संस्थाओं द्वारा दायर की गयी जनहित याचिकाओं ने इसके कार्यक्रम को अव्यवस्थित कर दिया।

पहले ही 12 आईपीएल मैच सूखा ग्रसित महाराष्ट्र से बाहर कर दिये गये हैं, ऐसा बम्बई उच्च न्यायालय के आदेश के बाद किया गया है। एक जनहित याचिका में दावा किया गया था कि राज्य में विभिन्न क्रिकेट स्टेडियमों की पिच के रखरखाव के लिये काफी पानी का इस्तेमाल किया जायेगा। ठाकुर ने कहा, मैंने राज्य इकाईयों को जल-संचयन ढांचे को देखने को कहा गया है।

बीसीसीआई सचिव ने यह भी कहा कि अगर लोढ़ा समिति की विग्यापनों में कटौती करने की सिफारिशों को लागू किया गया तो इसका बीसीसीआई के राजस्व ढांचे पर बहुत नकारात्मक असर पड़ेगा। ठाकुर ने कहा, हमें पूर्व खिलाडि़यों (पूर्व टेस्ट और प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों) को दी जाने वाली पेंशन के बारे में दोबारा विचार करना होगा। अगर बीसीसीआई लोढ़ा समिति की सिफारिशों को इनके मूल रूप में लागू करता है तो 2017 के बाद प्रसारण अधिकारों की कीमत बहुत कम होगी। यह भी समझा जा सकता है कि मौजूदा खिलाडि़यों के वेतन और आईपीएल फ्रेंचाइजी के लिये भी कटौती की जा सकती है। खिलाडि़यों को बीसीसीआई की सालाना कमाई का 26 प्रतिशत अपने वेतन के रूप में मिलता है। आईपीएल फ्रेंचाइजी को भी बीसीसीआई के राजस्व का हिस्सा मिलता है।

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