काठमांडू: नेपाल में शनिवार को आए विनाशकारी भूकंप में अब तक 4,347 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रधानमंत्री सुशील कोईराला ने मृतकों की संख्या 10,000 तक पहुंचने की आशंका व्यक्त की है।
सुशील कोईराला ने मंगलवार को भारत, चीन और अमेरिका के राजदूतों से कहा कि विनाशकारी भूकंप में मृतकों की संख्या 10,000 तक पहुंच सकती है।
संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को कहा कि नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप में नेपाल के 39 जिलों में 80 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इनमें से 11 सर्वाधिक प्रभावित जिलों में अकेले 20 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
इस दौरान नेपाली सेना एवं अन्य देशों से आए राहत एवं बचाव कर्मी लगातार मलबे के ढेर में दबे जिंदा बचे लोगों की खोज में लगे हुए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की ओर से लगातार मिल रही मदद के बीच धीरे-धीरे स्पष्ट होता जा रहा है कि यह त्रासदी नेपाल में 1934 में आए विनाशकारी भूकंप की त्रासदी से भी बड़ी होने वाली है। 1934 में आए भूकंप में नेपाल में 8,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार प्रकाश अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि त्रासदी को लेकर चिंतित कोईराला ने मंगलवार को अपने दोनों पड़ोसी देशों चीन और भारत के अलावा अमेरिका के राजदूतों से मुलाकात की और कहा कि मृतकों की संख्या 10,000 से ऊपर पहुंच सकती है।
कोईराला ने बताया कि शनिवार को आए विनाशकारी भूकंप में अब तक लगभग 4,400 लोगों की मौत हो चुकी है तथा घायलों में अनेक की हालत गंभीर है, साथ ही सैकड़ों की संख्या में लोग अभी भी लापता हैं।
एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "भूकंप में 7,500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। परिस्थिति बेहद भयावह है।"
हादसे में मरने वालों में कम से कम 10 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनमें भारत, चीन, अमेरिका, फ्रांस और आस्ट्रेलिया के नागरिक हैं।
इस बीच राजधानी काठमांडू में पानी की भारी किल्लत हो गई है तथा कई जगहों पर महिलाएं और बच्चे प्लास्टिक की बाल्टियां लिए पानी के लिए लाइन में खड़े दिखाई दिए।
भूकंप में हजारों की संख्या में घर या तो ध्वस्त हो गए हैं या इतने क्षतिग्रस्त हो गए हैं कि रहने लायक नहीं रह गए हैं। हजारों पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को लगातार तीसरी रात ठिठुरती ढंड में खुले आसमान के नीचे गुजारनी पड़ी।
शनिवार को आए 7.9 तीव्रता वाले भूकंप के बाद से अब तक भूकंप के कई झटके आ चुके हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
नेपाल के गृह मंत्रालय के अनुसार, भूकंप में करीब एक दर्जन नगर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिनमें राजधानी काठमांडू और सिंधुपालचौक में सर्वाधिक जनहानि हुई है।
काठमांडू में अबतक 1,039 जबकि सिंधुपालचौक में 1,176 लोगों की मौत हो चुकी है।
कुछ अस्पतालों में डायरिया फैलने की खबर है। काठमांडू के निकट पाटन के मुख्य चिकित्सालय में तैनात बासुदेव पांडेय ने बताया कि कई अस्पतालों में चिकित्सा संबंधित कचरा भी भारी मात्र में इकट्ठा हो गया है।
उन्होंने बताया कि कई लोगों ने निकटवर्ती गांव ललितपुर में भी डायरिया फैलने की खबर दी है।
बिजली का संकट अभी भी जारी है, जिससे अनेक एटीएम बंद पड़े हैं। काठमांडू की सड़कों पर कुछ-एक वाहन देखे गए। भोजन एवं दैनिक उपयोग की अनेक वस्तुओं की भारी कमी हो गई है, जिससे लोगों में राहत कार्यो की धीमी दर को लेकर गुस्सा फैल रहा है।
इस बीच प्रधानमंत्री कोईराला ने भूकंप पीड़ितों की मदद तथा नेपाल को पुनर्निर्मित करने में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से और मदद की गुहार लगाई है तथा मदद में तेजी लाने का आग्रह किया है।
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