क्या IPL अपनी उजली छवि खोती जा रही है?
नई दिल्ली: 2008 में जब इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की शुरुआत हुई थी तो क्रिकेट जगत में हंगामा मच गया। इसकी एक वजह थी इससे मिलने वाला पैसा और दूसरी वजह लोगों में ग़ज़ब का

नई दिल्ली: 2008 में जब इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की शुरुआत हुई थी तो क्रिकेट जगत में हंगामा मच गया। इसकी एक वजह थी इससे मिलने वाला पैसा और दूसरी वजह लोगों में ग़ज़ब का उत्साह। देखते ही देखते ये प्रतियोगिता लोकप्रियता के शिखर पर पहुंच गई लेकिन वक़्त के साथ-साथ इसकी लोकप्रियता में कमी आने लगी। IPL के नौवें संस्करण को देखें तो साफ स्पष्ट है कि लीग की चमक धुंधली पड़ने लगी है।
लीग की लोकप्रियता के गिरते ग्राफ़ की एक बड़ी वजह रही है स्पॉट फिक्सिंग। इस विवाद ने जितना आईपीएल को नुकसान पहुंचाया किसी और चीज़ ने नहीं पहुंचाया। विश्वसनीयता पर अगर एक बार दाग़ लग जाए तो फिर मुश्किल से ही निकल पाता है।
2013 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व प्रमुख एन. श्रीनिवासन से मैच फिक्सिंग से जुड़े विवाद के कारण दो टीमों चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स पर दो साल के लिए प्रतिबंध लगाया गया था। इनकी जगह दो नयी टीमों- राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स, गुजरात लॉयन्स को नौवें संस्करण में शामिल किया गया लेकिन मैच फिक्सिंग और भ्रष्टाचार की आंच से लीग बच नहीं पा रही है।
मैच फिक्सिंग और भ्रष्टाचार विवाद इतना बढ़ गया था कि श्रीनिवासन को बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से हाथ धोना पड़ा और पूरे मामले की जांच का काम रिटायर्ड न्यायमूर्ति आर.एम.लोढ़ा की अध्यक्षता में एक समिति को सौंपा गया। लोढा समिति ने कई सुझाव दिए जिन्हें लागू करने से इस खेल में व्यापक बदलाव हो सकते थे लेकिन बीसीसीआई और अन्य संगठनों ने समिति के कई सुझावों का विरोध किया।
आईपीएल की लोकप्रियता में कमी का एक कारण यह भी है कि भारत अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर टी20 प्रतियोगिताओॆ का अधिक आयोजन करने लगा है।
हाल ही में आस्ट्रेलिया के दौरे से पहले दक्षिण अफ्रीका के भारत दौरे पर टेस्ट सिरीज़ के अलावा टी-20 सिरीज़ भी हुई थी और इसके बादएशिया कप और फिर विश्व कप हालंकि एशिया कप बांग्लादेश में हुआ था।
आईपीएल के नौवें संस्करण का आग़ाज़ टी-20 विश्व कप के समापन के छह दिनों बाद तीन अप्रैल को हुआ था। आईपीएल के दर्शकों की संख्या और मैचों के दौरान स्टेडियमों में लोगों की संख्या में कमी आई है। साफ ज़ाहिर है कि धीरे-धीरे लोगों के दिमाग से इसका बुख़ार उतरने लगा है। आईपीएल की 2014 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इसकी सकल प्राप्ती में 1,000 करोड़ (1.5 करोड़ डॉलर) की कमी आई है।
इन सबके अलावा, आईपीएल 2016 कई परेशानियों के कारण भी सुर्ख़ियों में रहा है। महाराष्ट्र में पानी की कमी के कारण बम्बई उच्च न्यायालय का मैचों के स्थानांतरण का आदेश देना। इसके बाद राजस्थान में भी राजस्थान हाई कोर्ट में जयपुर में आईपीएल मैचों की मेज़बानी के खिलाफ याचिका दायर की गई है। इन मामले पर प्रतिक्रिया के लिए कोर्ट ने बीसीसीआई और राज्य सरकार को नोटिस भेजते हुए एक सप्ताह का समय दिया है।
इन परेशानियों को देखते हुए आईपीएल के अगले संस्करण के आयोजन हेतु बीसीसीआई को काफी सोच विचार करना होगा और उसने ये प्रतियोगिता देश के बाहर करवाने का भी संकेत दिया है।
बीसीसीआई के सचिव अनुराग ठाकुर ने इस सप्ताह यहां संवादताताओं को बताया था, "हर कोई बीसीसीआई पर ही निशाना साध रहा है। मैचों के स्थानांतरण से काफी नुकसान होगा, जिसकी भरपाई बोर्ड को करनी पड़ेगी। यह एक प्रकार से बुरे सपने की तरह है। हमें इसका हल ढूंढना होगा। 10वें संस्करण के मैचों के लिए स्थलों के मामले पर आईपीएल का संचालन परिषद जल्द ही मिलकर फैसला करेगा।"
इन सब मामलों का हालांकि, आईपीएल के प्रायोजकों पर कोई असर नहीं पड़ा है। पेप्सी ने मैच फिक्सिंग के बाद इस खेल से अपना अनुबंध समाप्त कर लिया है लेकिन चीन की मोबाइल कंपनी वीवो ने इसकी भरपाई कर दी है।