अगले महीने भारत में विश्व टी20 कप होने जा रहा है और भारत के क्रिकेट प्रेमियों को टीम इंडिया से काफ़ी उम्मीदें हैं। टीम इंडिया ने 2007 में विश्व टी20 कप जीता था। घरेलू कंडीशन्स में टीम इंडिया को ख़िताब का एक बार फिर प्रबल दावेदार बताया जा रहा है। लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी हो रही है जिससे लगता है कि कहीं रंग में भंग न पड़ जाए।
मेगा ईवेंट में भाग लेने को लेकर दो टीमों पर सवालिया निशान लगाया जा रहा है। मौजूदा विजेता इंग्लैंड खेल के इस फ़ॉर्मेंट में ग़ज़ब के फ़ॉर्म में चल रही है लेकिन दिल्ली में उसका खेलना संदिग्ध है। उसका मानना है कि दिल्ली सुरक्षित नहीं है। दिल्ली में उसे ग्रुप के दो मैच खेलने हैं।
इंग्लैंड का पहला मैच 16 मार्च को मुंबई में वेस्ट इंडीज़ के साथ है जो खुद विवादों में घिर गई है। वेतन विवाद को लेकर उसके कई नामी खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता से हटने की धमकी दी है। अगर विवाद नहीं सुलटा तो वेस्ट इंडीज़ के दोयम दर्जे की टीम आएगी।
वेस्ट इंडीज़ के कप्तान (टी20) डैरन सामी के नेतृत्व में खिलाड़ी विश्व टी20 कप के लिए दोगुना वेतन मांग रहे हैं लेकिन बोर्ड को ये स्वीकार नहीं है। बोर्ड के प्रमुख माइकल मुइरहेड का कहना है कि प्लैयर्स एसोसिएशन के साथ पिछले साल जो डील हुई थी वेतन उसी के मुताबिक़ दिया जाएगा। खिलाड़ियों को रविवार तक ऑफ़र स्वीकार करने का समय दिया गया है।
उधर सैमी ने कहा, 'पिछले और इस विश्व टी20 कप के ऑफ़र में बहुत फ़र्क है और हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते। खिलाड़ी ख़ुश नही हैं।'
पाकिस्तान के भी खेलने पर संदेह है। पाकिस्तान ने कहा है कि हो सकता है कि उनकी सरकार उन्हें भारत जाने की इजाज़त न दे। उसने ICC से उसके मैच श्रीलंका या संयुक्त अरब अमीरात में खेलने की इजाज़त मांगी है।