कपिल देव ने अक्टूबर 1978 में टेस्ट क्रिकेट में क़दम रखा था वो भी चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान के ख़िलाफ़। चंडीगढ़ के 19 साल के इस बॉलर ने देखते ही देखते क्रिकेट जगत में हंगामा मचा दिया था। ये पहली बार हुआ जब भारत के लिए वाक़ई में कोई फ़ास्ट बॉलर बॉलिंग कर रहा था क्योंकि तब भारत फ़ास्ट बॉलरों के लिए नहीं जाना जाता था। तब स्पिनरों का बोलबाला होता था।
अपने पहले टेस्ट के पहले ओवर में कपिल ने रफ़्तार को कमाल की दिखाई लेकिन पाकिस्तानी बल्लेबाज़ों ने उनकी धुनाई भी ख़ूब लगाई। उन्होंने इस ओवर में एक नो बॉल डाली और चौक्के भी पड़वाए लेकिन अगले ही ओवर में कपिल ने दिखा दिया कि वह किस तरह के बॉलर हैं। दूसरे ओवर में कपिल ने सादिक़ मोहम्मद को ऐसी बाउंसर मारी की उनकी टोपी गिरते गिरते बची। इस बाउंसर ने घबराए सादिक ने फ़ौरन ड्रेसिग रुम की तरफ इशारा किया और हेल्मेट मंगवाया। इसके पहले भारतीय बॉलरों के ख़िलाफ़ कोई हेल्मेट नहीं पहनता था।
बहरहाल, कपिल देव ने इसके बाद पीचे मुड़कर नहीं देखा। अपने 16 साल के टेस्ट करिअर में कपिल ने 131 मैचों में 434 विकेट लिए। वह पहले बारतीय कप्तान थे जिन्होंने 1983 में भारत को विश्व कप जितवाया था।
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