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धर्मशाला टेस्ट: कोहली का न खेलना लगभग तय, कहा फ़ील्डिंग के दौरान चोट बढ़ने की संभावना

धर्मशाला: ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ के चौथे और निर्णायक मैच के पहले टीम इंडिया को एक ज़बरदस्त झटका लगता नज़र आ रहा है। जैसा कि अंदेशा है इस मैच में कप्तान विराट कोहली का

Kohli- India TV Hindi
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धर्मशाला: ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ के चौथे और निर्णायक मैच के पहले टीम इंडिया को एक ज़बरदस्त झटका लगता नज़र आ रहा है। जैसा कि अंदेशा है इस मैच में कप्तान विराट कोहली का खेलना मुश्किल ही नज़र आ रहा है। कोहली ने स्वीकार भी कर लिया है कि वह अभी शत प्रतिशत फिटनेस हासिल करने के करीब नहीं पहुंच सके हैं और मैच में फ़ील्डिंग करते समय उनके कंधे की चोट बढ़ सकती है। हालंकि उन्होंने अपने खेलने के बारे साफ साफ तो कोई संकेत नहीं दिया लेकिन कहा कि टीम ने किसी भी अनफिट खिलाड़ी के लिये जो नियम बना रखे हैं वह उन पर भी लागू होते हैं। 

सहज महसूस नहीं कर रहा हूं

कोहली ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा, मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं सहज महसूस कर रहा हूं। आप शत प्रतिशत फिट होने पर कैसे खेलते हो यह निश्चित तौर पर उससे अलग है। फिटनेस परीक्षण के समय आपको इस चीजों पर गौर करने की जरूरत होती है। एक बल्लेबाज के रूप में आप एक निश्चित तरीके से तैयारी करते हो। एक फ़ील्डर के तौर पर आपको अलग तरह से योगदान करना होता है। मौजूदा हालात में फ़ील्डिंग के दौरान चोट बढ़ने की संभावना है। 

उन्होंने कहा कि वह शाम तक देखेंगे कि वह फिर से सामान्य स्थिति में पहुंचते हैं या नहीं। कोहली ने कहा कि बल्लेबाज़ी करते हुए चोट के बढ़ने जैसी कोई समस्या नहीं है। इसलिए जब आप शत प्रतिशत फिट होते हो तो यह निश्चित तौर पर उससे थोड़ा भिन्न है। अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। मैंने पिछले मैच के बार दवाईयां ली थी इसलिए मैं उम्मीद कर रहा हूं कि मुझे सामान्य स्थिति में आने के लिये थोड़ा समय मिल जाएगा। अभी मैं यही कहूंगा कि मुझे फैसला करने के लिये कुछ और घंटे देने होंगे। 

फ़िटनेस नियम सब पर लागू है

वर्तमान भारतीय टीम का अलिखित नियम है कि कोई भी खिलाड़ी जो शत प्रतिशत फिट नहीं हो उसे नहीं खेलना चाहिए। 

कोहली ने कहा, जब हमने यह नियम बना रखे हैं तो ये टीम के अन्य खिलाडि़यों की तरह मुझ पर भी लागू होते हैं। किसी को विशेष तवज्जो नहीं मिलती है। इसलिए मैं शत प्रतिशत फिट होने पर ही मैदान पर उतरूंगा। चोटिल होकर खेलने में किस तरह का जोख़िम जुड़ा हुआ है, इस बारे में कोहली ने कहा, फिजियो बेहतर बता सकता है। जोख़िम उठाना कितना ख़तरनाक होगा मैं नहीं बता सकता। मैं केवल इतना जानता हूं कि अगर मैं फिटनेस परीक्षण में सफल रहा तो मैच में खेलूंगा। 

कोहली ने आज 20 मिनट तक नेट्स पर अभ्यास किया और जब उनसे पूछा गया कि वह कैसा महसूस कर रहे हैं तो उन्होंने मैच स्थिति में अचानक होने वाले मूवमेंट के बारे में बातया। उन्होंने कहा, यह प्रतियोगिता से काफी भिन्न है यह एक बात है। रांची में मैंने अनुभव किया है कि अगर आप कुछ प्रतिक्रियात्मक मूवमेंट करते हो तो फिर आपकी चोट का असली रूप सामने आता है। हमें इन चीजों को दिमाग में रखना होगा। फिजियो मेरे परीक्षण के लिये कुछ और समय देना चाहते हैं और संभवत: हम आज देर रात या कल मैच से पहले फैसला कर लेंगे। 

कोहली ने कहा कि वह सुनिश्चित होना चाहते हैं कि क्या वह 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाली गेंदबाज का सामना करने के लिये तैयार हैं। 
उन्होंने कहा, हमें फिजियो से पता करना होगा कि पूरे मैच की स्थिति के हिसाब से मेरी स्थिति कैसी है। 140 किमी की रफ्तार से गेंदबाजी करना और उसका सामना करना। फैसला करने से पहले क्षेत्ररक्षण के दौरान के मूवमेंट आदि पर गौर किया जाएगा। लेकिन एक खिलाड़ी और कप्तान के रूप में निश्चित तौर पर आप मैदान पर उतरना चाहोगे। 

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