नई दिल्ली : हालंकि विराट कोहली IPL के इस सीज़न 10 में चोट की वजह से अभी तक नहीं खेले हैं लेकिन उम्मीद है कि वह कंधे की चोट से उबरकर जल्द ही एक्शन में दिखेंगे। कोहली जिस तरह के बल्लेबाज़ हैं और जिस फ़ार्म में चल रहे हैं उसे देखते हुए उनके लिए कुछ भी नामुमकिन नही है। टी - 20 में अक़्सर ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी देखने को मिलती है जहां क्रिकेट के बेसिक को भुला दिया जाता है लेकिन कोहली बक़ायदा क्रिकेटिंग शॉट खेलते हुए रन बनाते हैं। हम यहां IPL 2016 की उनकी तीन पारियों का ज़िक्र कर रहे हैं जिन्हें यादगार माना जाता है।
गुजरात लॉयंस के ख़िलाफ़ 109
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर का स्कोर एक विकेट पर 173 था और 18 बॉलें यानी तीन ओवर बाक़ी थे। बेंगलोर अगर 18 बॉल पर 57 रन बना लेती तो उसे ख़ुशी होती लेकिन कोहली को इससे संतोष नहीं होता। कोहली ख़ुद ही 57 रन ठोककर अपना निजी स्कोर 52 से 109 पर ले गए वो भी अंतिम 14 बॉलों पर। ये IPL में उनका तीसरा शतक था। कोहली इसके पहले ज़्यादातर वक़्त एबी डिविलियर्स के साए में खेल रहे थे लेकिन बाद में उन्होंने हाथ दिखाने शुरु किए। शिविल कौशिक के आते ही सबसे पहले उन्होंने कवर ड्रइव लगाकर चैका लगया और फिर खुल गए। कोहली कैसी बैटिंग कर रहे थे इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने कौशिक के ओवर (19वें) में 30 रन निकाले।
किंग्स XI पंजाब के ख़िलाफ़ 113
16 मई को कोलकता के ख़िलाफ़ फ़ील्डिंग करते समय कोहली के बाएं हाथ में चोट लग गई थी। हाथ में नौ टांके लगे थे। 18 मई को पंजाब के ख़िलाफ़ वह फिर बैटिंग करने उतर गए। ये मैच 15 ओवर का था। उन्होंने एक घंटे से कुछ ज़्याद बैटिंग की। इस दौरान उन्होंने अपना चौथा और टी-20 का सबसे तेज़ शतक बनाया। कोहली ने पंजाब के संदीप शर्मा और मोहित शर्मा को भी पहले नहीं बक्शा जो बहुत अच्छे फॉर्म में चल रहे थे और बाद में जो भी सामने आया उसे धुन डाला, ख़ासकर करिअप्पा को। कोहली ने अपनी पारी में आठ छक्के और 12 चौक्के लगाए।
राइज़िंग पुणे सुपरजाइंट के ख़िलाफ़ नाबाद 108
विराट कोहली ने वर्ल्ड टी20 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 161 के लक्ष्य का पीछा करते हुए जब बाकी बल्लेबाज़ कुछ नहीं कर सके तो अविश्वसनीय पारी खेली थी। पुणे के ख़िलाफ़ भी लक्ष्य कठिन था। बैंगलोर को जीत के लिए 192 रन बनाने थे। क्रिस गेल इस मैच में नहीं खेल रहे थे और डिविलियर्स एक को स्कोर पर पवैलियन लौट चुके थे। कोहली ने इसके बाद केएल राहुल और शैन वॉटसन के साथ मिलकर 58 बॉलों पर 108 रन ठोक दिए। पूरी पारी के दौरान उन्होंने तकनीकि रुप से सही शॉट खेले। उन्होंने मैदान से सटे ड्राइव लगाए और फ़ील्डर के ऊपर से भी शॉट लगाए। ज़रुरत पड़ने पर उन्होंने ताबड़तोड़ बलेलबाज़ी भी की। इस तरह वह एक IPL सीज़न में फटाफट 500 रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए।
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