धोनी की विरासत को आगे बढ़ाना विराट के लिए आसान नहीं
माही उर्फ़ महेंद्र सिंह धोनी ने बुधवार को सीमित ओवरों की टीम के कप्तान पद से इस्तीफा देकर सबको एक बार फिर चौंका दिया। एक बार फिर इसलिए क्योंकि वह 2014 के इंग्लैंड दौरे के

माही उर्फ़ महेंद्र सिंह धोनी ने बुधवार को सीमित ओवरों की टीम के कप्तान पद से इस्तीफा देकर सबको एक बार फिर चौंका दिया। एक बार फिर इसलिए क्योंकि वह 2014 के इंग्लैंड दौरे के बीच टेस्ट कप्तानी छोड़कर सबको चौंका चुके हैं। टेस्ट की कप्तानी छोड़ने के बाद ये ज़िम्मेदारी विराट कोहली को दी गई जो अब तक इसे बख़ूबी पूरी कामयाबी के साथ निभा रहे हैं। सीमित ओवरों की टीम की कप्तानी भी अब कोहली को ही मिलने की पूरी संभावना है और उनसे उम्मीद की जाएगी कि वह खेल के इस फ़ॉर्मेट में भी बतौर कप्तान वही करिश्मा कर दिखाएंगे जो उन्होंने बतौर टेस्ट कप्तान किया है। लेकिन ये डगर इतनी आसान नही है। धोनी ने दरअसल इतनी लंबी लाइन खींच दी है जिसके आगे जाना अगर नामुमकिन नही तो मुश्किल ज़रुर है। धोनी ने सीमित ओवरों की टीम के कप्तान के रुप में 13 ऐसे रिकॉर्ड्स बनाए हैं जिसे तोड़ पाना कोहली के लिए टेड़ी खीर साबित हो सकता है। कहा जाता है कि 13 नंबर अशुभ होता है और धोनी भी विरासत में कोहली के लिए ये ही नंबर छोड़कर जा रहे हैं।
1- सबसे पहला टी20 विशव कप 2007 में साउथ अफ़्रीका में हुआ था। फ़ाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच 24 सितंबर को जोहानसबर्ग में खेला गया था। पाकिस्तान को अंतिम ओवर में जीत के लिए 13 रन बनाने थे और उसका एक विकेट बाकी था। धोनी ने अंतिम ओवर के लिए बॉल अनुभवहीन जोगिंदर शर्मा को देकर सबको चौंका दिया क्योंकि टीम में और भी कई अनुभवी बॉलर्स थे। बहरहाल जोगिंदर ने पहली ही बॉल वाइड कर दी लेकिन अगली बॉल पर रन नही बनने दिया। दूसरी बाल पर मिस्बाह ने छक्का ज़ड़कर लक्ष्य घटाकर 6 कर दिया। लेकिन तीसरी बॉल पर वह कैच आउट हो गए और इस तरह धोनी ने अपनी चतुर कप्तानी से टीम इंडिया को में टी20 विश्व कप जिता दिया।
2- भारत ने 28 साल पहले कपिल देव की कप्तानी में विश्व कप जीता था। इतने लंबे इंतज़ार को ख़त्म किया धोनी ने 2011 में। श्रीलंका के ख़िलाफ़ जिस तरह से उन्होंने बैटिंग की उसे क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। धोनी ने अंतिम में दो छक्के और एक चौक्का लगाकर देश को वो तोहफा दिया जिसकी बाट देखते-देखते आंखे पथरा गई थी।
3- बर्मिंघम में 2013 में चैंपियंस ट्रॉफ़ी के फ़ाइनल में कप्तान धोनी ने एक बार फिर अपने फ़ैसले से सबको चौंका दिया। मैच बारिश की वजह से 20 ओवर का कर दिया गया था। 18वें ओवर तक मॉर्गन और रवि बोपारा इंग्लैंड को जीत के करीब ला चुके थे। इंग्लैंड को 18 बॉलों पर 28 रन बनाने थे और उसके छह विकेट बचे हुए थे। धोनी ने बॉल ईशांत शर्मा को थमा दी जिन्होंने पहले ही अपने तीन ओवर में 27 रन दे चुके थे जबकि भुवनेश्वर मौजूद थे जिसने तीन ओवर में सिर्फ 19 रन दिए थे।
मॉर्गन ने ईशांत की दूसरी बॉल पर छक्का लगा दिया और लगा कि इस बार धोनी के पत्ते ग़लत लग गए। लेकिन तीसरी बॉल पर मिड विकेट पर मॉर्गन अश्विन को कैच थमा बैठे। अगली बॉल के लिए धोनी ने अश्विन को स्क्वैयर लेग पर लगा दिया और बोपारा वहां कैच दे बैठे। जडेजा ने 19वें ओवर में दो विकेट लिए और बाकी काम अश्विन ने कर दिया। इस तरह भारत ने चैंपियंस ट्रॉफ़ी जीत ली।
4- धोनी की कामयाबी का सिलसिला जारी रहा और उन्होंने 2016 में टी20 एशिया कप भी जितवाया।
5- क्रिकेट के इतिहास में इमरान ख़ान और रिकी पोंटिंग के बाद धोनी ही ऐसे कप्तान हैं जिनकी कप्तानी में टीम ने चार प्रतियोगिताएं जीती हैं।
6- धोनी दूसरे ऐसे कप्तान हैं जिनकी अगुवाई में टीम ने सबसे ज़्यादा वनडे मैच दीते हैं। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने 110 वनडे मैच जीते हैं जबकि पोंटिंग की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने सबसे ज़्यादा 165 मैच जीते हैं।
7- बतौर कप्तान सबसे ज़्यादा वनडे मैच खेलने वाले धोनी तीसरे खिलाड़ी हैं। उन्होंने 199 मैच खेले हैं जबकि पोंटिग ने 230 और न्यूज़ीलैंड के फ़्लेमिंग ने 218 मैच खेले हैं।
8- धोनी बतौर वनडे कप्तान सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज़ हैं। उन्होंने 6633 रन बनाए हैं। पहले नंबर पर पोंटिंग हैं जिन्होंने 8497 रन बनाए हैं।
9- रन औसत के मामले में बतौर वनडे कप्तान धोनी दूसरे नंबर पर आते हैं। उनका औसत 53.92 है जबकि साउथ अफ़्रीका के एबी डि विलियर्स 65.92 के साथ शीर्ष पर हैं।
10- धोनी दूसरे बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने वनडे कप्तान के रुप में सबसे ज़्यादा 50+ स्कोर किया है। उन्होंने 53 बार पचास से ज़्याद स्कोर किया है जबकि पोंटिंग ने ये कारनामा 73 बार किया है।
11- धोनी ने सबसे ज़्यादा 72 टी20 मैचों में कप्तानी की है।
12- धोनी की कप्तानी में भारत सबसे ज़्यादा 41 टी20 मैच जीता है।
13- धोनी ने बतौर टी20 कप्तान सबसे ज़्यादा 1112 रन बनाए हैं।