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किरमानी को क्रिकेट में दिए योगदान के लिए जीवन पर्यन्त उपलब्धि पुरस्कार

नई दिल्ली: पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज सैयद किरमानी को आज इस साल के सी के नायुडु जीवन पर्यन्त उपलब्धि पुरस्कार के लिये नामित किया गया। बीसीसीआई की विज्ञप्ति के अनुसार पुरस्कार समिति की आज मुंबई में

lifetime achievement award to Kirmani- India TV Hindi
lifetime achievement award to Kirmani

नई दिल्ली: पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज सैयद किरमानी को आज इस साल के सी के नायुडु जीवन पर्यन्त उपलब्धि पुरस्कार के लिये नामित किया गया। बीसीसीआई की विज्ञप्ति के अनुसार पुरस्कार समिति की आज मुंबई में बीसीसीआई मुख्यालय के क्रिकेट सेंटर में बैठक हुई और किरमानी को वर्ष 2015 के लिये सर्वसम्मति से पुरस्कार के लिये चुना गया।

समिति में बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर, सचिव अनुराग ठाकुर और द हिन्दू के संपादक एन राम शामिल हैं। बीसीसीआई देश के पहले कप्तान कर्नल कोटारी कनकैया नायुडु की जन्मशती मना रहा है। इस अवसर पर उसने भारतीय क्रिकेट में मैदान के अंदर और बाहर उल्लेखनीय योगदान के लिये किसी एक व्यक्ति को सम्मानित करने के लिये नायुडु के नाम पर वार्षिक जीवन पर्यन्त उपलब्धि पुरस्कार की शुरूआत की।

पुरस्कार में ट्राफी, प्रशस्ति पत्र और 25 लाख रूपये का चैक शामिल है। किरमानी ने 1976 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने भारत की मशहूर स्पिन चौकड़ी के खिलाफ विकेटकीपिंग का जिम्मा बखूबी संभाला और अच्छा प्रदर्शन किया।

फारूख इंजीनियर के रहते हुए अपने करियर की शुरूआत करने वाले किरमानी ने जल्द ही यह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाल ली और अपने एक दशक तक चले करियर में यह भूमिका अच्छी तरह से निभायी। उन्होंने निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए दो टेस्ट शतक भी लगाये।

किरमानी ने 1981 . 82 में इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन टेस्ट मैचों में एक भी बाई रन नहीं दिया और उन्हें 1983 विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर चुना गया था। वह किरमानी ही थे जिन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ कपिल देव के साथ 126 रन की साझेदारी की थी। भारतीय कप्तान कपिल ने तब ऐतिहासिक पारी खेलकर भारत को टनब्रिज वेल्स में जीत दिलायी थी।

गावस्कर ने जब वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 236 रन बनाये थे तो किरमानी ने नौवें विकेट के लिये उनके साथ 143 रन की अटूट साझेदारी की थी। भारत सरकार ने 1982 में किरमानी को पदम श्री से सम्मानित किया था। वह कर्नाटक राज्य क्रिकेट के संघ के उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय चयन समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

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