दो महीने के बाद अकादमी के कोच और नाथू के मामा ने अकादमी से आग्रह किया कि नाथू को थोड़ा और समय दिया जाए। अकादमी ने उसक पारिवारिक स्थिति देखकर फीस कम कर दी। और उसी साल देखते ही देखते नाथू राजस्थान अंडर 19 टीम से खेलने लगा।
इसके बाद MRF Pace Academy में भी ऑस्ट्रेलिया के महान गेंदबाज़ ग्लेन मैक्ग्रा को उसने प्रभावित किया।
ग़रीबी के ये आलम था कि नाथू के जूते बी अपने सीनियर से लेने पड़ते थे।
नाथू का बॉलिंग का अंदाज़ काफी कुछ पाकिस्तान के फ़ास्ट बॉलर जुनैद ख़ान से मिलता है जो पहले चार कजदम चहलकदमी करता है और फिर उछलकर रन अप पर दौड़ना शुरु करता है। नाथू का एक्शन स्मूथ है और वह उनकी गेंदबाज़ी भी बहुत सटीक है।
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