टीम मैनेजमेंट ही तय करता है बैटिंग ऑर्डर: अंजिक्य रहाणे
मुंबई: राहुल द्रविड़ के बाद भरोसेमंद बल्लेबाज़ के रुप में तेज़ी से उभर रहे अजंक्य रहाणे का कहना है कि कौन किस नंबर पर बल्लेबाज़ी करेगा ये फ़ैसला टीम मैनेजमेंट ही करता है। ये बात

मुंबई: राहुल द्रविड़ के बाद भरोसेमंद बल्लेबाज़ के रुप में तेज़ी से उभर रहे अजंक्य रहाणे का कहना है कि कौन किस नंबर पर बल्लेबाज़ी करेगा ये फ़ैसला टीम मैनेजमेंट ही करता है। ये बात रहाणे ने इंडिया टीवी के स्पोर्ट्स एडिटर समीप राजगुरु के साथ एक खास मुलाक़ात के दौरान कही। उनसे और भी कई मुद्दों पर खुलकर बात हुई और उन्होंने हर सवाल का अपनी बैटिंग की तरह ही सॉलिड जवाब दिया।
पेश हैं उनसे पूरी बातचीत:
किस नंबर पर करनी चाहिये रहाणें को बैटिंग
समीप राजगुरु- आप 3 नंबर 5 नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हैं और कभी कभी तो ओपन भी करते हैं लेकिन आपकी पसंदीदा बैटिंग पोज़िशन क्या है और कहां आप comfortable मेहसूस करते हैं?
अंजिक्य रहाणे - टीम मैनेजमेंट सोचता है कि मैं हर जगह comfortable हूं, उन्हें मुझ पर भरोसा है। मैं उनके फ़ैसले को पॉज़िटिव तरीके से लेता हूं। अगर आप अपने comfort zone से निकलकर अच्छा करते हैं तो बड़ी बात होती है। कौन किस नंबर पर बैटिंग करेगा ये टीम मैनेजमेंट तय करता है। मुझे तीन नंबर पर बैटिंग करना पसंद है...श्रीलंका में इसी नंबर पर बैटिंग की और शतक भी लगाया और टीम जीती भी लेकिन फ़ैसला टीम मैनेजमेंट का ही होता है।
समीप राजगुरु- टीम के डायरेक्टर रवि शास्त्री का कहना है कि कोई भी बैटिंग पॉज़िशन specialise नहीं होती एक क्रिकेट फ़ैन और पत्रकार होने के नाते मैं पूछना चाहूंगा कि क्या बैटिंग ऑर्डर चैंज होने से मुश्किल नहीं होती?
अंजिक्य रहाणे - हां ये चैलेंजिंग तो है लेकिन आज की पीढ़ी का खिलाड़ी हर पॉज़िशन पर खेलने के लिए मानसिक रुप में तैयार रहता है। इस टीम में किसी का भी नंबर(बैटिंग) पक्का नही है जो टीम के लिए अच्छी बात है क्योंकि हर बैट्समैन हर पॉज़िशन पर बैटिंग करने के लिए तैयार रहता है।
श्रीलंका में 22 साल के बाद जीत का राज़
समीप राजगुरु- आप सीनियर खिलाड़ियों के साथ भी रहे हैं...2011 में उनके साथ ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गए। क्या वजह है कि जो टीम सचिन, राहुल और लक्ष्मण के रहते श्रीलंका में 22 साल तक नही कर पाई वो इस टीम ने कर दिखाया। 22 साल बाद हमने वहां टेस्ट सीरीज़ जीती। क्या ख़ासियत है इस टीम की..?
अंजिक्य रहाणे - हम मिलकर खेलते हैं, एक दूसरे की मदद करते हैं जिससे हमारा गैम सुधरता है। हम एक दूसरे पर बरोसा करते हैं और एक दूसरे की सफलता पर खुश भी होते हैं।
समीप राजगुरु- श्रीलंका के दैरे पर हमारे गेंदबाज़ों ने तीन टेस्ट मैचों में 60 विकेट लिए। क्या ऐसी उम्मीद थी..?
अंजिक्य रहाणे - हमें हमारे बॉलर्स की क्षमता के बारे में मालूम था। ईशांत शर्मा, अश्विन, उमेश यादव, अमित मिश्रा, इन सभी पर बरोसा था।
टीम इंडिया की आक्रामकता
समीप राजगुरु- टीम इंडिया में सभी खिलाड़ियों की बॉडी लेंगुएज में एग्रेशन(आक्रामकता) नज़र आती है। आपकी आक्रामकता सिर्फ आपकी बैटिंग में नज़र आती है।
अंजिक्य रहाणे - इंटरनैशनल क्रिकेट में एग्रेशन ज़रुरी हो गया है।
बड़े खिलाड़ियों के बड़े बोल
समीप राजगुरु- सचिन ने कहा है कि रहाणे मक्खन के बीच गर्म चाकू के समान हैं, छक्का कब मार दिया पता ही नहीं चलता। ऑस्ट्रेलिया के स्चीव वॉ का कहना है कि उन्हें आपकी बैटिंग उन्हें सचिन की याद दिलाती है। इस तरह की बातों से जोश बढ़ता है या फिर और प्रेशर बन जाता है?
अंजिक्य रहाणे - इससे जोश बढ़ता है। मुझे नहीं मालूम कि भविष्य में क्या होगा लेकिन इतने बड़े लोगों की इस तरह की बातें मुझे प्रोत्साहित करती हैं।
समीप राजगुरु- राहुल द्रविड़ का कहना है कि आपको पांच नंबर पर बैटिंग करनी चाहिये क्योंकि आप fluent batting करते हैं...
अंजिक्य रहाणे - ये उनका अपना नज़रिया है...।
T20 का टेस्ट बैटिंग पर असर
समीप राजगुरु- कहा जा रहा है कि T20 का असर टेस्ट बैटिंग पर पड़ने लगा है। अच्छा ख़ासा सेट बैट्समैन अचानक आपा खोकर रन बनाने के चक्कर में आउट हो जाता है।
अंजिक्य रहाणे - T20 की वजह क्रिकेट खेल बहुत आगे निकल गया है। आज चार साढ़े चार की औसत से टीम रन बनाती हैं जो दर्शकों को भी अच्छा लगता है। ज़्यादा रन बनने से बॉलर्स को भी फ़ायदा होता है क्योंकि उन्हें विकेट खरीदने में आसानी हो जाती है।
साउथ अफ़्रीका का भारत दौरा
समीप राजगुरु- साउथ अफ़्रीका का भारत का लंबा दौरा शुरु हो रहा है। आप महात्मा गांधी और वो नेल्सन मंडेला के लिए खेलेंगे (महात्मा गांधी-नेल्सन मंडेला ट्राफ़ी)। कैसा रहेगा ये मुक़बला?
अंजिक्य रहाणे - ये चैलेंजिंग होगा। साउथ अफ़्रीका एक अच्छी टीम है, हम उसका सम्मान करते हैं। टी20 और वनडे के बाद टेस्ट शुरु होंगे जो काफी चैलेंजिंग होगा।
समीप राजगुरु- साउथ अफ़्रीका 2006 के बाद भारत से कभी हारकर नहीं गई। क्या ये सिलसिला टूटेगा।
अंजिक्य रहाणे - रिज़ल्ट बाद की बात है...हमारी कोशिश रहती है 100% देने की और सही attitude के साथ खेलने की। हम पहले छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देंगे रिज़ल्ट के बारे में बाद में सोचेंगे।
समीप राजगुरु- साउथ अफ़्रीका को वो कौन सा खिलाड़ी है जिसे आप ख़तरनाक समझते हैं और जिस पर आप होम वर्क करना चाहेंगे?
अंजिक्य रहाणे - क्रिकेट में सारे खिलाड़ी ख़तरनाक और महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि कोी एक ही खिलाड़ी हमेशा मैच नहीं जिताता।
समीप राजगुरु- सीरीज़ की शुरुआत T20 और वनडे से होगी
अंजिक्य रहाणे - पहला मैच हमेशा महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इससे ही आपको गति (momentum) मिलती है। पहला मैच अच्छा खेलने से आगे चलकर विरोधी टीम के हौंसले ज़रा पस्त हो जाते हैं।
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