WT20C : ये अंतिम 20 ओवर हैं फिर पता नहीं कब खेलने का मौका मिलेगा - टीम से मंधाना ने कही थी ये बात
मंधाना ने कहा,‘‘मैंने लड़कियों से केवल यही कहा कि हमारे पास ये अंतिम 20 ओवर हैं और हमें नहीं पता कि फिर कब खेलने का मौका मिलेगा। अगर हम 20 अच्छे ओवर करते हैं तो हम जीत जाएंगे।

शारजाह। स्मृति मंधाना को पता था कि बल्लेबाजी के लिये मुश्किल विकेट पर 118 रन का बचाव किया जा सकता है और इसलिए ट्रेलब्लेजर्स की कप्तान का सुपरनोवाज के खिलाफ महिला टी20 चैलेंज फाइनल में अपनी खिलाड़ियों के लिये स्पष्ट संदेश था कि 20 अच्छे ओवर करने पर वे चैंपियन बन सकते हैं। ट्रेलब्लेजर्स ने पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर मंधाना के 68 रन की मदद से सोमवार को आठ विकेट पर 118 रन बनाये। इसके जवाब में सुपरनोवाज की टीम सात विकेट पर 102 रन ही बना पायी। ट्रेलब्लेजर्स ने इस तरह से 16 रन से जीत दर्ज करके पहली बार खिताब अपने नाम किया।
मंधाना ने मैच के बाद कहा,‘‘मेरा विकेट महत्वपूर्ण था क्योंकि इस पिच पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था और जो भी बल्लेबाज टिका हो उसे कम से कम 18वें ओवर तक तो खेलना चाहिए था। अगर मैं आखिर तक बल्लेबाजी करती तो हम 145 रन तक पहुंच सकते थे जो बहुत अच्छा स्कोर होता। इस विकेट पर 118 रन भी चुनौतीपूर्ण स्कोर था।’’
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उन्होंने कहा,‘‘मैंने लड़कियों से केवल यही कहा कि हमारे पास ये अंतिम 20 ओवर हैं और हमें नहीं पता कि फिर कब खेलने का मौका मिलेगा। अगर हम 20 अच्छे ओवर करते हैं तो हम जीत जाएंगे। पहली गेंद से मुझे विश्वास था कि हम ऐसा कर सकती हैं।’’
मंधाना ने कहा विदेशी खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करने का अनुभव शानदार रहा। उन्होंने कहा,‘‘विदेशी खिलाड़ियों और हमारी युवा खिलाड़ियों के साथ नेट अभ्यास करना अच्छा अनुभव रहा। कुछ नयी सीख मिली और हमने अपने अनुभव बांटे। युवा खिलाड़ियों के लिये राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने से पहले डियांड्रा डोटिन जैसी खिलाड़ियों की बात सुनना फायदेमंद रहा।’’
मंधाना ने कहा कि कोविड-19 के कारण लगाये गये लॉकडाउन के दौरान उन्हें लंबे समय बाद परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिला। उन्होंने कहा,’’टी20 विश्व कप के बाद हम घर लौटकर थोड़ा विश्राम करना चाहते थे लेकिन हमें नहीं पता था कि यह इतना लंबा खिंचेगा लेकिन मुझे इस बीच परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिला। लॉकडाउन में ढिलायी के बाद हमने अभ्यास शुरू कर दिया था।’’
ट्रेलब्लेजर्स की अनुभवी गेंदबाज झूलन गोस्वामी ने कहा कि उनकी रणनीति विकेट की सीध में गेंदबाजी करने की थी क्योंकि गेंद नीची रह रही थी। उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते थे कि गेंद नीची रह रही है इसलिए हमने विकेट की सीध में गेंदबाजी की। हमने जो रणनीति बनायी थी उस पर हमने अच्छी तरह से अमल किया। मैंने बाकी गेंदबाजों को भी यही सला दी।’’
इंग्लैंड की ऑफ स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने कहा,‘‘हमारी टीम बहुत अच्छी है और खिताब जीतना शानदार रहा। इस टीम का हिस्सा बनकर बहुत अच्छा लगा।’’
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वेस्टइंडीज की आक्रामक बल्लेबाज डियांड्रा डोटिन ने कहा कि वह इस टूर्नामेंट का हिस्सा बनकर खुश हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं शुरू से इस टूर्नामेंट में खेलना चाहती थी। टूर्नामेंट जीतना शानदार अहसास है। मैं रन बनाने के लिये थोड़ा संघर्ष कर रही थी लेकिन स्मृति ने बेहतरीन बल्लेबाजी की। मैंने उसे अधिक से अधिक स्ट्राइक देने की कोशिश की।’’
हरलीन देओल ने कहा, ‘‘हम पिछली बार करीबी अंतर से सुपरनोवाज से हार गये थे और इसलिए इस बार हम बदला लेने के लिये आये थे। हम उनके खेल को जानते थे क्योंकि हम पहले उनसे खेले थे।’’
दीप्ति शर्मा ने कहा, ‘‘लॉकडाउन के दौरान हमने कुछ शाट पर काम किया जिनमें रिवर्स स्वीप भी शामिल है। हमने प्रत्येक बल्लेबाज के लिये रणनीति बनायी थी। हमें पता था कि विकेट धीमा है और हम रणनीति पर कायम रहे।’’