VIDEO: संजू सैमसन ने क्यों किया घुटनों के बल बैठकर सेलिब्रेशन? जीत के बाद किया खुलासा
T20 वर्ल्ड कप 2026 के आखिरी सुपर-8 मुकाबले में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की। टीम इंडिया की इस बड़ी जीत में संजू सैमसन का अहम योगदान रहा।
ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में जब भारत ने सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया, तो जीत के साथ संजू सैमसन के जश्न की भी जमकर चर्चा हुई। जैसे ही उन्होंने विनिंग शॉट खेला, वह घुटनों के बल बैठ गए, आसमान की ओर देखा और ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया। कोलकाता के ईडन गार्डन में उस पल ने हर किसी को भावुक कर दिया।
दरअसल, संजू ने भारतीय पारी के आखिरी ओवर की पहली गेंद पर शानदार छक्का जड़ा और फिर अगली गेंद को सीमा रेखा के पार भेजते हुए चौका बटोर लिया। इन दो शॉट्स ने वेस्टइंडीज की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया। जैसे ही जीत पक्की हुई, सैमसन का जज्बाती अंदाज देखने लायक था। विजयी रन पूरा करने के बाद वह मैदान पर घुटनों के बल बैठ गए, हेलमेट उतारा और आसमान की ओर नजर उठाई। उसके बाद उन्होंने हाथ जोड़कर ईश्वर का आभार जताया। मानो यह जीत सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, संघर्ष और विश्वास का परिणाम हो।
मैच के बाद सैमसन ने अपने इस जश्न को बहुत निजी बताया और कहा कि यह पल उनके लिए किसी शतक से भी बड़ा था। उन्होंने जियोहॉटस्टार पर पार्थिव पटेल से बातचीत में कहा कि यह उनके लिए बहुत खास पल हैं। वह भगवान में बहुत भरोसा रखते हैं और इसे बहुत निजी रखना चाहते है। यह उनके लिए बहुत खास पल है।
दबाव में बदला अंदाज
196 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव साफ दिख रहा था। विकेट लगातार गिर रहे थे, लेकिन सैमसन ने धैर्य और जिम्मेदारी के साथ पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि यह थोड़ा मुश्किल था। हमारी बल्लेबाजी ताकत को देखते हुए उन्हें लगा 190 रन ईडन गार्डन्स में चेज किए जा सकते हैं। उनका मानना है कि जब ओस आती है तो यह थोड़ा आसान हो जाता है। लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो गया।
सैमसन ने बताया कि अच्छी शुरुआत मिलने के बाद भी उन्हें अपनी नेचुरल अटैकिंग स्टाइल पर ब्रेक लगाना पड़ा। उन्होने कहा कि ईमानदारी से कहूं तो उन्हें लगता है यहीं पर उनके अनुभव ने बड़ी भूमिका निभाई। उन्हें अच्छी शुरुआत मिली, लेकिन आम तौर पर अच्छी शुरुआत के बाद वह बस हावी होना चाहते हैं और कुछ ओवरों में गेम खत्म करना चाहते हैं। लेकिन जब विकेट गिरते रहे, तो उन्हें लगा ठीक है। उन्हें यह मैच खत्म करना है। उन्हें मैच को आखिरी पल तक ले जाना है और वही हुआ।
रणनीति में बदलाव
सैमसन ने यह भी समझाया कि लक्ष्य का पीछा करते समय बल्लेबाजी का नजरिया अलग होता है। उन्होंने कहा कि जब आप पहले बल्लेबाजी करते हैं, तो आप बड़ा स्कोर खड़ा करना चाहते हैं। ज्यादा से ज्यादा छक्के मारने की कोशिश करते है। लेकिन जब आप ऐसा स्कोर चेज कर रहे होते हैं, ऐसा दबाव वाला मैच होता है, तो आप अलग ऑप्शन अपनाते हैं। आप ज्यादा जोखिम लेने की बजाय ज्यादा बाउंड्री खेलने की सोचते हैं… इसलिए उन्होंने टाइमिंग पर ध्यान दिया। और आज यह अच्छे से हुआ।
सोशल मीडिया से बनाई दूरी
संजू पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म से गुजर रहे थे। इस कठिन दौर से गुजरने के बाद सैमसन ने मानसिक रूप से खुद को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि वह अपनी बेसिक चीजों पर काम करते रहे। बहुत खुश है कि यह आज एक बहुत खास मैच में हुआ। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने अपना फोन बंद कर दिया, सोशल मीडिया से दूर हो गया। उन्होंने सिर्फ खुद की बात सुनी और इस वक्त वह जैसा महसूस कर रहे हैं, उससे बहुत खुश हैं।
‘यह शतक से भी ज्यादा खास’
सैमसन के लिए यह पारी सिर्फ रन नहीं थी, बल्कि एक सपना पूरा होने जैसा था। उन्होंने कहा कि उनकी यह पारी शतक से भी ज्यादा खास है। भारत में क्रिकेटर ऐसे दिन का सपना देखते हैं। केरल का एक युवा लड़का। देश के लिए इतने अहम मैच में जीत दिलाने का सपना देखता है। उन्होंने वह करने की हिम्मत की और बहुत खुश हूं कि आज वह हुआ।
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