विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में 24 दिसंबर के दिन जहां पहले बिहार की टीम ने टूर्नामेंट के इतिहास में रनों के अंतर से सबसे बड़ी जीत हासिल की तो वहीं अब कर्नाटक की टीम ने सबसे ज्यादा रनों का पीछा करते हुए जीत हासिल करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। झारखंड और कर्नाटक की टीम के बीच ग्रुप-ए का मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में झारखंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान ईशान किशन की 125 रनों की शतकीय पारी के दम पर 50 ओवर्स में 412 रनों का स्कोर बनाया था। इसके बाद कर्नाटक की टीम ने इस टारगेट को 47.3 ओवर्स में 5 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। कर्नाटक की तरफ से देवदत्त पडिक्कल ने बल्ले से अहम भूमिका निभाई जिसमें उन्होंने 147 रनों की बेहतरीन पारी खेली।
कर्नाटक ने तोड़ा आंध्रा का 13 साल पुराना रिकॉर्ड
झारखंड की टीम के खिलाफ मुकाबले में मिली कर्नाटक को जीत के साथ उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में सबसे ज्यादा रनों के टारगेट का सफल पीछा करने के रिकॉर्ड को भी अपने नाम कर लिया है। इसी के साथ कर्नाटक ने 13 साल पुराने आंध्रा टीम के रिकॉर्ड को चकनाचूर कर दिया है। बता दें कि आंध्रा ने साल 2012 में गोवा के खिलाफ मुकाबले में 384 रनों का सफल पीछा किया था, जिसमें उन्होंने टारगेट को 48.4 ओवर्स में 6 विकेट के नुकसान पर हासिल किया था। कर्नाटक के लिए झारखंड के खिलाफ इस मैच में पडिक्कल के अलावा अभिनव मनोहर और ध्रुव प्रभाकर ने भी बल्ले से अहम भूमिका अदा की, जिसमें दोनों ने छठे विकेट के लिए 88 रनों की साझेदारी करने के साथ टीम को जीत दिलाकर वापस लौटे। अभिनव के बल्ले से 56 रनों की पारी देखने को मिली तो वहीं ध्रुव ने 40 रनों की पारी खेली।
वर्ल्ड क्रिकेट में लिस्ट-ए में हुआ दूसरा सबसे बड़ा रन चेज
कर्नाटक की ये जीत वर्ल्ड क्रिकेट में लिस्ट-ए फॉर्मेट इतिहास में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा रन चेज है। इस मामले में पहले नंबर पर साउथ अफ्रीका की टीम है जिन्होंने साल 2006 में ऑस्ट्रेलिया का खिलाफ 435 रनों के टारगेट का पीछा किया था। वहीं अब दूसरे नंबर पर कर्नाटक की टीम का नाम आ गया है। वहीं इससे पहले इस स्थान पर क्वींसलैंड की टीम का नाम था जिन्होंने साल 2014 में तस्मानिया के खिलाफ मुकाबले में 399 रनों के टारगेट का पीछा किया था।
लिस्ट-ए में अब तक के सबसे बड़े सफल रन चेज
- साउथ अफ्रीका - 435 रन (बनाम ऑस्ट्रेलिया, साल 2006)
- कर्नाटक - 413 रन (बनाम झारखंड, साल 2025)
- क्वींसलैंड - 399 रन (बनाम तस्मानिया, साल 2014)
- कराची रीजन - 392 रन (बनाम सियालकोट, साल 2004)
- मिडिलसेक्स - 388 रन (बनाम डरहम, साल 2025)
- आंध्रा - 384 रन (बनाम गोवा, साल 2012)
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