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Hindi News खेल आईपीएल IPL 2022: डेविड वार्नर बोल्ड होने के बाद भी नहीं हुए आउट, पूर्व क्रिकेटर ने 'गिल्लियों' के इस्तेमाल पर उठाए सवाल

IPL 2022: डेविड वार्नर बोल्ड होने के बाद भी नहीं हुए आउट, पूर्व क्रिकेटर ने 'गिल्लियों' के इस्तेमाल पर उठाए सवाल

IPL 2022 के 58वें मैच में युजवेंद्र चहल की गेंद पर डेविड वार्नर बोल्ड हुए लेकिन फिर भी वह नॉटआउट रहे। इसके बाद एक बार फिर गिल्लियों के इस्तेमाल पर सवाल उठने लगे।

<p>डेविड वार्नर चहल की...- India TV Hindi Image Source : TWITTER डेविड वार्नर चहल की गेंद पर हुए बोल्ड लेकिन नहीं गिरी गिल्लियां

Highlights

  • राजस्थान के खिलाफ स्टम्प पर गेंद लगने के बाद भी नॉटआउट रहे डेविड वार्नर
  • डेविड वार्नर ने इसके बाद खेली नाबाद 52 रनों की पारी
  • संजय मांजरेकर ने गिल्लियों के इस्तेमाल पर उठाए सवाल

क्रिकेट की दुनिया में पिछले कुछ समय से लगातार स्टम्प की बेल्स या गिल्लियों को लेकर चर्चाएं जारी हैं। आज के दौर में अक्सर देखने को मिलता है कि गेंद स्टम्प पर तो लगती है लेकिन गिल्लियां गिरती नहीं हैं। एलईडी स्टम्प्स के इस जमाने में लाइट भी साफ जलती दिखती है लेकिन पुराने नियम के मुताबिक बल्लेबाज आउट नहीं होता। पुराना नियम यह है कि जब तक स्टम्प की गिल्लियां नहीं गिरती हैं तब तक ना ही बोल्ड माना जाता है, ना ही रन आउट और ना ही स्टम्पिंग।

ऐसा ही कुछ बुधवार 11 मई 2022 को आईपीएल 2022 के 58वें मैच में देखने को मिला। गेंदबाजी कर रहे थे राजस्थान रॉयल्स के युजवेंद्र चहल और सामने थे दिल्ली कैपिटल्स के बाएं हाथ के बल्लेबाज डेविड वार्नर। इसी दौरान चहल की एक टर्निंग बॉल पर वार्नर बीट हुए और गेंद स्टम्प पर लगती हुई विकेटकीपर संजू सैमसन के हाथों में गई। साफ-साफ स्टम्प की लाइट भी जलती दिखी लेकिन वार्नर आउट नहीं हुए। इसके बाद एक बार फिर गिल्लियों के इस्तेमाल पर सवाल उठने लगे।

'बंद करो बेल्स का इस्तेमाल'!

भारत के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने एक शो पर बेल्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने की बात कह दी। उन्होंने कहा कि,"मैंने यह पहले भी कहा है, अब एलईडी स्टंप के साथ बेल्स लगाना बेईमानी है।" मैच के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि,"चहल को विकेट मिलना चाहिए था, जिसने शानदार गेंदबाजी की। वार्नर ने खराब शॉट खेला था और उन्हें विकेट नहीं मिला। अगर बेल्स से बहुत लाभ नहीं मिल रहा तो, उनका इस्तेमाल बंद होना चाहिए।"

मांजरेकर ने आगे यह भी कहा कि,"बेल्स का उपयोग केवल यह पता लगाने के लिए किया जाता था कि गेंद स्टंप्स से टकराई है। अगर गेंद सिर्फ स्टंप्स पर धीरे से छूकर निकल जाती है तो आपको इसके बारे में पता नहीं चलेगा। इसी वजह से इनका इस्तेमाल होता है। अगर स्टंप पर गेंद लगती थी तो इसे गिरना चाहिए। लेकिन अब जब आपके पास लाइटिंग सेंसर है, तो आपको पता चल जाता है कि गेंद स्टंप्स पर लगी है, तो अब बेल्स क्यों हैं?"

Image Source : IPLस्टम्प पर गेंद लगने के बाद भी बाल-बाल बचने के बाद वार्नर का रिएक्शन

उन्होंने यह भी कहा था कि, “यदि आपके पास तकनीक है, तो बेल्स का इस्तेमाल मत कीजिए। बेल्स के साथ दूसरी समस्या यह है कि जब कोई स्टम्पिंग होती है, तो आप उसके जलने का इंतजार करते हैं और फिर आप यह देखते हैं कि क्या दोनों बेल्स स्टंप हो गई हैं। इसके कारण स्टम्पिंग या रन आउट के फैसले में बस बहुत सी मुश्किलें होती हैं। इसलिए इसे सरल बनाया जाए।” बेल्स के वजन को लेकर भी इससे पहले कई बार सवाल उठ चुके हैं।